wedding -sachi shiksha hindi

क्या आप शादी में जा रही हैं?

हर व्यक्ति को जीवन में किसी न किसी की शादी में शामिल होने का अवसर मिलता है, फिर शादी चाहे किसी दोस्त की हो या संबंधी की। कुछ लोग तो विवाह में अतिथि के रूप में मेजबान को पूरी तरह से संतुष्ट करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो विवाह में इस तरह शामिल होते हैं, जैसे वे मेजबान या वर-वधू पर बहुत बड़ा अहसान कर रहे हों।

good habits for a better marriageऐसे लोग यह नहीं सोचते कि शादी में वे अकेले ही नहीं, और भी बहुत-से मेहमान होते हैं व मेजबान को उन सबका ख्याल रखना होता है। विवाह जैसे समारोह में सफल अतिथि बनना भी हर किसी के वश की बात नहीं होती। क्या आप भी ऐसे ही लोगों में से हैं? यदि हां तो निम्न सुझावों को पढ़कर व उन पर अमल करें और उसकी प्रशंसा के पात्र बनें।

अन्य मेहमानों के साथ घुल-मिल कर रहें

  • विवाह जैसे समारोह में सम्मिलित होने पर आपको कुछ ऐसे मेहमान भी मिल सकते हैं जो आपके लिए अजनबी हों। ऐसे लोगों के साथ अजनबी ही न बने रहें बल्कि उनसे भी घुलमिल जाएं। यदि आप अपना परिचय देने की पहल करेंगे तो इसमें कोई बुराई नहीं।
  • यदि आप अपने ही अहं में रहेंगे व किसी के साथ बातचीत नहीं करेंगे तो वातावरण बोझिल हो सकता है इसलिए माहौल को सहज बनाए रखने के लिए अन्य सभी मेहमानों के साथ घुलमिल कर रहें। उनसे बातचीत कर पारस्परिक रूचियों के बारे में जानें। उनके शहर व परिवार इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त करें व अपने बारे में उन्हें जानकारी दें।
  • आपके ऐसा करने से मेजबान को भी सुविधा रहेगी, साथ ही माहौल भी अच्छा बना रहेगा।

परम्पराओं का मजाक न उड़ाएं

  • हर परिवार की अपनी कुछ परम्पराएं होती हैं, कुछ रीति-रिवाज होते हैं। हो सकता है आपको विवाह में कोई परम्परा अच्छी न लगे और उन पर आपको हंसी भी आए परंतु इसका मतलब यह नहीं कि आप सबके समक्ष उन परम्पराओं का मजाक उड़ाएं और अपनी परम्पराओं की प्रशंसा करें।
  • अपने मनोभावों को अपने मन में ही रखें तो बेहतर है। यदि आप वहां के रीति-रिवाज की प्रशंसा नहीं कर सकते तो मजाक भी न उड़ाएं व न ही बुराई करें। यदि आप ऐसा करेंगे तो विवाह में सम्मिलित व्यक्तियों के दिलों में आपके लिए सम्मान कम होगा।
  • विवाह की हर छोटी-बड़ी रस्म में शामिल होने का प्रयत्न करें और परम्परा के अनुसार ही व्यवहार करें। यदि आपको किसी परम्परा के बारे में जानकारी न हो और आप उसके मुताबिक व्यवहार न कर पाएं तो भी सहज होकर सब देखते रहें व जैसा अन्य लोग करें, वैसा ही आप भी करें। यदि ऐसा भी न कर पाएं तो आराम से बैठे रहें। हर परम्परा का दिल से सम्मान करें।

कामकाज में दिलचस्पी लें

  • वैसे तो आज के दौर में हर व्यक्ति के पास समय का अभाव है। इसी कारण शादी जैसे समारोह में मेहमान शादी वाले दिन या फिर शादी के मंडप में ही पहुंचते हैं, इसीलिए शादी के घर में काम की अधिकता नहीं होती। फिर आजकल अधिकांश काम बाहर से ही करवा लिए जाते हैं परंतु फिर भी विवाह वाले घर में कुछ न कुछ काम तो होता ही है।
  • कामकाज में हाथ बंटाने से संकोच न करें बल्कि स्वयं उसमें दिलचस्पी दिखाएं व मेजबान से पूछकर या फिर स्वयं ही देख लें कि कौन-सा कार्य ऐसा है जो आप बखूबी कर सकते हैं। उस कार्य को अपने हाथ में लें और उसे पूरा करके ही अन्य कार्य करें। ध्यान रहे, जो भी कार्य करें, उसे पूरी रूचि से करें ताकि किसी को शिकायत का मौका न मिले व न ही किसी प्रकार की हानि की आशंका हो।

आवश्यक वस्तुएं साथ लेकर जाएं

  • विवाह पर जाते समय अपनी आवश्यक वस्तुएं तौलिया, कंघी, टूथब्रश, टूथपेस्ट, बाथरूम स्लीपर इत्यादि अवश्य साथ लेकर जाएं। अधिकांश मेजबान इस स्थिति में नहीं होते कि वे सभी मेहमानों को ऐसी वस्तुएं अलग-अलग मुहैया करा सकें।
  • वैसे भी ऐसी वस्तुएं निजी होती हैं। इन वस्तुओं को साथ रखने में जहां मेजबान को सुविधा होगी, वहीं बीमारियों से भी आपका बचाव होगा क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को संक्र ामक रोग हो तो वह ऐसी वस्तुओं के जरिए आप तक भी पहुंच सकता है, अत: उपरोक्त वस्तुओं को साथ ले जाना न भूलें।
    -भाषणा गुप्ता

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