Avoid the problem of cold and cough -sachi shiksha hindi

सर्दी-जुकाम की परेशानियों से बचें

सर्दी-जुकाम होते ही नाक से पानी आना, लगातार छीकों का होना, हल्का बुखार, गले में खराश, आंखों में भारीपन, आंखों से पानी बहना, सिर में दर्द, गले में दर्द आदि की शिकायतें हो जाती हैं। कई बार इसके चलते काफी बुखार भी आ जाता है तथा पूरे बदन में दर्द उठने लगता है।

हालांकि जुकाम के बारे में यह कहा जाता है कि यह सात दिनों में अपने-आप ठीक हो जाता है किन्तु जिसे यह जुकाम हो जाता है, वह जल्दी से जल्दी इससे निजात पाना चाहता है। नाक से बहते पानी और छींक से परेशान व्यक्ति कुछ भी उपाय करने को तैयार रहता है। कभी-कभी इसके कारण नाक और गला सूख भी जाता है। अचानक नाक से पानी बहना और अचानक नाक सूख जाना बहुत ही कष्टकारी रहता है।

आयुर्वेद के अनुसार कुछ ऐसे घरेलू उपाय हैं जिनके माध्यम से सर्दी-जुकाम की गंभीर समस्या से राहत पायी जा सकती है। यूं तो आयुर्वेद का यह भी कहना है कि जाड़े के मौसम में ठंडे पदार्थों का सेवन न किया जाए, प्रदूषण से बचा जाए, धूम्रपान से बचा जाये तथा धूल के कुप्रभावों से बचा जाए। इस मौसम में दही का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

सर्दी-जुकाम से बचने के निम्नांकित आयुर्वेदिक उपचारों को निर्भीकतापूर्वक किया जा सकता है।

  • अगर सर्दी-जुकाम चरम पर है अर्थात् बदन में दर्द है, गले में खराश है, साथ ही नाक से पानी भी बह रहा हो तो सोंठ को गुनगुने पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर नाक पर लगाने से आराम मिलता है।
  • गर्म पानी में एक साफ सूती कपड़ा भिगोकर नाक और माथे पर रखने से आराम पहुंचता है।
  • दो कप पानी में एक चौथाई छोटी चम्मच सोंठ, पांच तुलसी की पत्तियां, थोड़ी-सी दालचीनी, पांच छोटी पीपल तथा थोड़ा सा गुड़ मिलाकर खौला लें। जब यह अच्छी तरह खौल जाये तो चाय की तरह घूंट-घूंटकर पीने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है।
  • एक बर्तन में पानी खौला कर नमक मिला लें। जब पानी थोड़ा ठंडा हो जाए तो इससे गरारे करें। बन्द गला खुल जाता है।
  • एक बड़े बर्तन में पानी खौला कर उसमें से निकलने वाली भाप को नाक के माध्यम से खीेंचें। इससे जुकाम में अवश्य लाभ होगा।
  • अपने भोजन में अदरक का प्रयोग बहुतायत से करें। चाय, सब्जी, दाल, सलाद, आदि के रूप में अदरक को लेते रहने से जुकाम की परेशानी से बचा जा सकता है।
  • विटामिन-सी के प्रयोग से जुकाम को काबू में रखा जा सकता है। अत: अपने भोजन के साथ विटामिन-सी का प्रयोग अवश्य करते रहना चाहिए।
  • कच्चे लहसुन की दो-तीन कलियों को रोज खाते रहने से सर्दी-जुकाम पर लगाम लगाई जा सकती है। बासी मुंह लहसुन की कलियों को खाते रहने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि होती है।
  • अजवायन भी सर्दी-जुकाम में बहुत लाभकारी होती है। इसके बीजों को कुचलकर एक पतले साफ सूती कपड़े में बांधकर सोने से पहले सूंघते रहने से अत्यन्त लाभ पहुंचता है।
  • एक गिलास गर्म दूध में एक छोटी चम्मच पिसी हल्दी और शक्कर मिलाकर सोने से पहले घूंट-घूंट करके पीने से सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है। इसमें एक चम्मच शहद मिला लेने से और अधिक लाभ मिलता है।
  • एक कप दूध में दो कप पानी मिलाकर इसमें सात कालीमिर्च तथा सात तुलसी के पत्तियों को मिलाकर खौला लें। हल्का गुनगुना पीने से जुकाम में लाभ होता है।
  • तीन-चार पत्ती केसर को पांच-छह बूंद पानी में मिलाकर एक घंटे तक रख दें। इस मिश्रण को गर्म दूध में मिलाकर पीने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है। केसर मिलने से दूध का रंग बदलता है, इसलिए घबराना नहीं चाहिए।
  • केसर को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को नाक पर, माथे, सीने पर और हाथों की हथेलियों पर दिन में दो-तीन बार तक मलें। इससे सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है।
    -परमानन्द परम

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