pocket money -sachi shiksha hindi
क्या आपका बच्चा जेबखर्ची से बचाता है पैसा
पैसे बचाने की आदत न केवल बच्चों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है, अपितु उसकी यह आदत उसे अनावश्यक खर्चे से बचाने में भी सहायक साबित हो सकती है। बचपन से ही पैसे पर नियंत्रिण कैसे किया जाए,
ऐसे कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं, इनको अपनाकर अपका बच्चा भी पैसे की बचत करना सीख सकता है। एक माता-पिता अपने बच्चे की दिनचर्या में उसे नियमित बचत के महत्व बताकर उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकते हैं।

चाहत व जरूरत पर चर्चा करें:

बच्चों को बचत का महत्व सिखाने की दिशा में पहला कदम है उन्हें चाहत व जरूरत के बीच अंतर कर पाने में मदद करना है। उन्हें बताएं कि जरूरतों में बुनियादी चीजें शामिल होती हैं, जैसे कि भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा। जबकि मूवी टिकट और कैंडी से लेकर डिजाइनर जूते-चप्पल, साइकिल या नवीनतम स्मार्ट फोन इत्यादि चीजें चाहत की श्रेणी में चली जाती हैं, ये अतिरिक्त खर्च हैं।

बचत करने के लिए गुल्लक देना:

जब आपके बच्चों के मन में बचत करने की आदत पैदा हो जाएगी तो उन्हें अपनी नकदी सहेज कर रखने की आवश्यकता होगी तो ऐसे में हम उनको एक गुल्लक दिला सकते हैं, जिसमें वे अपना पैसे रख सकते हैं। यदि बच्चे बड़े हैं तो आप उनका बैंक में खाता खुलवा सकते हैं ताकि वे स्वयं के बचत लक्ष्य के बारे में सोच सकें।

बच्चों को खुद का पैसा भी कमाने दें:

अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे बचत करने वाले बनें तो उन्हें पैसा कमाने व बचाने का ज्ञान शुरू से ही दिया जाना चाहिए। अगर बच्चा अपने जन्मदिन पर पैसा फिजूल में खर्च करने की बजाय अपने किसी जरूरतमंद साथी की मदद करे। यदि बच्चे को शुरुआत से ही ऐसी शिक्षा दी जाए तो वह इन्सानियत के साथ-साथ बचत के महत्व को भी समझेगा।

खर्च किए पैसे की निगरानी भी करें:

एक बेहतर बचतकर्ता होने का मतलब यह जानना भी जरूरी है कि आपका पैसा कहां जा रहा है, बैंक या डेबिट कार्ड ऐप से खर्चे पर नजर रखना थोड़ा आसान है, परंतु उसे पारंपरिक तरीके से लेखा-जोखा रखना भी अवश्य सिखाएं। यदि आपके बच्चे को भत्ता मिलता है तो उसे हर दिन अपनी खरीददारी लिखने व सप्ताह के अंत में जोड़कर पूरा हिसाब रखना भी सिखाएं।

गलतियों के लिए गुंजाइश ना छोड़ें:

बच्चों को उनके स्वयं के पैसों को खर्च का अधिकार देना चाहिए, क्योंकि उन्हें अपनी गलतियों से सीखने का अवसर मिलना चाहिए। बच्चों को संभावित बड़ी गलती से दूर रखें, बच्चे जब अपनी गलती से सबक सीखेंगे तो यह उनमें परिपक्वता लाने का बेहतर तरीका होगा।

पैसे के खर्च बारे में चर्चा करें:

यदि आप चाहते हैं कि बच्चे बचत के बारे में सीखें तो आपको बच्चे के संग बैठकर पैसों को लेकर सतत चर्चा का माहौल बनाना चाहिए। हर सप्ताह के आखिरी दिन पैसों की बचत और खर्च करने के विषय पर खुलकर बात करनी चाहिए। कम उम्र में ही अगर बच्चों को यह शिक्षा दी जाए तो उसमें अच्छे व्यक्तित्व एवं आचरण का विकास होगा।
-अमित ज्योति इन्सां

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