hair dandruff -sachi shiksha hindi
बालों का दुश्मन: डैण्ड्रफ
आजकल पत्रिकाओं, समाचार -पत्रों, रेडियो और टी. वी. चैनलों में रूसी (डैण्ड्रफ) को दूर करने वाले उत्पादों की भरमार है। इन उत्पादों से प्रेरित होकर लोग इनका खूब प्रयोग भी कर रहे हैं। ऐसे उत्पादों का परिणाम एक-दो महीने तक अच्छा रहता है, लेकिन जैसे ही इनका प्रयोग लोग बंद कर देते हैं, डैण्ड्रफ फिर से सिर में जगह बना लेता है और बालों में रूसी फिर से पहले जैसी हो जाती है।
बालों में रूसी होना एक आम समस्या बन गई है। पहले इस रोग से कुछ ही लोग परेशान दिखते थे, परंतु जैसे ही बाजार में तरह-तरह के तेज कैमिकल युक्त शैम्पू, साबुन आये, उसके बाद से यह रोग कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया। अगर जरा-सी सावधानी बरतें तो इस रोग से ग्रसित होने से आप अपने सिर को बचा सकते हैं।
रूसी दो प्रकार की होती है- (1) शुष्क रूसी और 2. तैलीय रूसी। रूसी चाहे शुष्क हो या तैलीय, बालों के लिए दोनों खराब होती हैं। यह किसी भी वर्ग के लोगों में फैल सकती है। रूसी से सिर की त्वचा झड़ने लगती है और बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं जिससे बाल रूखे और पतले हो जाते हैं। कुछ समय बाद बाल झड़ने लगते हैं। रूसी किन कारणों से होती है, इसकी जानकारी न होने के कारण ज्यादातर लोग इससे ग्रसित हो जाते हैं।

रूसी होने के कारण:

अनियमित दिनचर्या, शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की कमी होना, लगातार मानसिक परेशानी से ग्रसित होना, बालों में तरह-तरह के सौंदर्य प्रसाधनों का लंबे समय तक इस्तेमाल करना, बालों को नहीं धोना, गीले बालों में कंघी करते रहना इत्यादि के कारण बालों में रूसी होती है। मानसिक परेशानी में सिर की त्वचा में लगातार रक्त संचार नहीं हो पाता, जिससे जड़ों को पोषण नहीं मिल पाता और यहीं से रूसी की शुरूआत होती है। धूप में ज्यादा पसीना आने से सिर में शुष्क रूसी अपना प्रभाव डालती है। अगर आप इस बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहते और चिकित्सा भी नहीं करवाना चाहते, तो इससे बचाव ही एकमात्र उपाय है।

रूसी से बचने के उपाय:

  •  अपनी अनियमित दिनचर्या को नियमित दिनचर्या में बदलें।
  • प्रात: काल सूर्योदय से पहले उठकर शौच आदि से निवृत्त होकर खुले वातावरण में 10 मिनट का प्राणायाम करें और इसके बाद 10 मिनट का शीर्षासन प्रतिदिन करें। प्राणायाम करने से मानसिक परेशानी दूर होगी और शीर्षासन से रक्त बालों की जड़ों में पहुंचकर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
  • केमिकल युक्त तेलों का प्रयोग न करें और न ही विभिन्न प्रकार के तेलों का प्रयोग करें।
  • अपना कंघा, तौलिया हमेशा अलग रखें। दूसरे के कंघे या तौलिये का इस्तेमाल न करें।
  • बालों को ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडे पानी से न धोयें। हमेशा एक से पानी का प्रयोग करें।
  • ऐसे किसी भी पदार्थ का सेवन न करें जो पेट में गड़बड़ी पैदा करें।
  • सोने से पहले मल-विसर्जन के लिए अवश्य जायें।
इन उपायों को अपनाकर आप रूसी से ग्रसित होने से बच सकते हैं, लेकिन यदि रूसी आपको अपना शिकार बना चुकी है तो निम्न घरेलू देशी चिकित्सा अपनायें जो समय तो ज्यादा लेंगे लेकिन रूसी को जड़ से समाप्त कर देंगे।

रूसी चिकित्सा उपाय

  •  स्रान से पहले आधी कटोरी दही में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर इस पेस्ट को पांच मिनट तक बालों की जड़ों में लगा रहने दें। बाद में बालों को धो लें।
  • काली मिट्टी में थोड़ा पानी डालकर फेंट लें। इसको दो बार छानकर इसका छना हुआ पानी नहाने से पहले पांच मिनट तक लगाकर रखें। फिर बालों को धो लें।
  • बांस की जड़ को जलाकर उसकी भस्म बना लें। इस भस्म को शुद्ध चमेली के तेल में मिलाकर रख लें। सुबह-शाम बालों की जड़ों में लगायें। बालों में नई जान आयेगी और नये बाल उगने लगेगें।
इस प्रकार आयुर्वेद की विधियों को अपनाकर आप अपने बालों को नया रूप देकर लाभ उठा सकते हैं।
          सुरेश कुमार सैनी

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