Giving easy loan through app can be very difficult -sachi shiksha hindi

ऐप से आसान कर्ज दे सकता है बड़ी मुश्किल

ऐसे कई ऐप हैं, जो मिनटों में परेशानी मुक्त लोन देने का वादा करते हैं। ऐसे ऐप्स एक बार डाउनलोड होने के बाद आपके सप्ांर्क, फोटो और आईडी कार्ड प्राप्त कर लेते हैं और बाद में उस जानकारी का उपयोग आपसे जबरन वसूली करने के लिए करते हैं।

जब ग्राहक समय पर भुगतान नहीं करते हैं और कभी-कभी जब वे भुगतान भी करते हैं, तो वे इस जानकारी को एक कॉल सेंटर के साथ साझा करते हैं, जहां लैपटॉप और फोन से लैस गिग इकॉनमी के युवा एजेटों को लोगों को भुगतान के लिए परेशान करने और अपमानित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

Stop Child Using Phone (3)लोन लेना अब बेहद आसान और सरल हो गया है। अब ज्यादातर लोग अपना काम ईएमआई और लोन के माध्यम से ही करते हैं। इसी का फायदा उठा कर लोन देने वाले ऐप्स लोन देने के नाम पर आपके साथ फ्रॉड करते हंै। भारत देश में पिछले कुछ सालों में लोन लेने वालों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि अब लोन बड़ी आसानी से घर बैठे-बैठे एक ऐप पर मिल जाता है। आपको अब पहले की तरह बैंक जाने की जरूरत नहीं है।

फिनटेक कंपनियां, वित्तीय संस्थान के साथ-साथ अब मोबाइल ऐप्स भी आपको चंद मिनटों में लोन दे देते हैं, लेकिन इस डिजिटाइजेशन से लोन ऐप फ्रॉड की समस्या भी काफी बढ़ गई है। ऐप्स के जरिए तत्काल ऋण देकर लोगों को फंसाने और इसके बाद उन्हें प्रताड़ित करने का गोरखधंधा भारत, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अन्य देशों में धड़ले से चल रहा है। पिछले दिनों एक प्रतिष्ठित समाचार ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ऐसे ऐप्स के द्वारा दुर्व्यवहार और धमकी दिए जाने के बाद कम से कम 60 भारतीयों ने आत्महत्या कर ली है।

ऐसे में आपको लोन के लिए आवेदन करते समय खासकर लोन ऐप से होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए कई बातों का ध्यान रखना चाहिए।

भरोसेमंद ऐप पर ही करें आवेदन

शायद आप नहीं जानते कि आपको जो लोन ऐप के जरिए मिलते हैं उनमें से ज्यादातर लोन ऐप और फिनटेक कंपनी अनाधिकृत होती हैं। आरबीआई के एक कार्यकारी समूह के मुताबिक भारत में संचालित 1100 डिजिटल लोन देने वाले प्लेटफॉर्म में से 600 अवैध पाए गए हैं। ये ऐप और फिनटेक कंपनी आपको ज्यादा ब्याज दर और अन्य शुल्क पर लोन देते हैं और अगर आपने लोन रिपेमेंट करने में थोड़ा भी देर किया तो ये ऐप आपको परेशानी में डाल देंगे।

गुमराह करती हैं ये कंपनियां

ये देनदार अक्सर संभावित लेनदार को लुभाने के लिए साइबर अपराध में शामिल होते हैं। वे प्रामाणिक दिखने के लिए डिजिटल दस्तावेज और वेब पेज बनाते हैं। ऐसे ऐप और फिनटेक कंपनियां लेनदार को यह विश्वास दिलाने में भी गुमराह करते हैं कि वे एक वैध फिनटेक कंपनी की ओर से काम कर रहे हैं। तरह-तरह के प्रलोभन आपको भ्रमित कर देते हैं और जिसके बाद ये ऐप आपको लेन देकर आपका पूरा शोषण करते हैं।

अपनी निजता का ध्यान रखें

अकसर लोग लोन के लिए आवेदन करते समय विभिन्न व्यक्तिगत दस्तावेजों को लोन ऐप में जमा करवा देते हंै। ऐसे अनाधिकृत ऐप आपके मोबाइल फोन में निजी फोल्डरों जैसे मैसेज, कॉन्टैक्ट, फाइलों आदि तक का पहुंच बना लेता है और बाद में उस सुरक्षित डेटा और गोपनीय का भरपूर फायदा उठाया जाता है। किसी भी ऐप पर अप्लाई करते हुए अपनी निजता का विशेष ख्याल रखें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी देने से बचें।

ताक पर नियम

अवैध ऐप का नियामक निकायों के साथ कोई संपर्क नहीं होता जिसकी वजह से वो पब्लिक में आने से बचते हैं। यही कारण है कि वो उनके नियम और शर्तों में पारदर्शिता कम होती है, जिसके चलते लोग उनका शिकार बन जाते हैं।

गलत मार्केटिंग टेकनिक का इस्तेमाल

प्राइवेसी के मुद्दों और अनैतिक संग्रह प्रथाओं के अलावा, ये लोन देने वाले ऐप गलत मार्केटिंग टेकनिक का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे ऐप के खिलाफ आरबीआई ने लोन वसूली के तरीके पर कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं और पालन नहीं करने वाले इन ऐप और फिनटेक कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है, लेकिन गाहे-बगाहे ये अपना मक्कड़जाल फैलाते रहते हैं।

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