career audiologist -sachi shiksha hindi

ऑडियोलॉजिस्ट बन संवारें करियर

यदि आप एक प्रोफेशनल जॉब में दिलचस्पी रखते हैं, तो ऑडियोलॉजी की जॉब आपके लिए बेहद अच्छी है। इस क्षेत्र में लोगों की सुनने की समस्या का इलाज किया जाता है। ऑडियोलॉजिस्ट के द्वारा सभी उम्र के (चाहे वह बच्चा हो या फिर बुजुर्ग) लोगों का इलाज किया जाता है। साथ ही साथ ऑडियोलॉजी क्षेत्र के अंतर्गत नई-नई तकनीक के बारे में तथा रिसर्च के बारे में बताया जाता है। जिन नई-नई तकनीकों के माध्यम से लोगों की सुनने की परेशानी का समाधान किया जाता है।

यदि कोई अभ्यार्थी किसी भी क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहता है, तो उसकी सबसे पहली सीढ़ी 12वीं कक्षा होती है। इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति ऑडियोलॉजी के क्षेत्र में ऑडियोलॉजिस्ट बनना चाहता है, तो उसके लिए 12वीं कक्षा को अच्छे नंबरों के साथ पास करना होगा। साथ ही ध्यान रहे कि आपको 12वीं कक्षा पीसीबी यानी फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी विषय में अच्छे नम्बरों से पास करनी होगी।

12वीं कक्षा पास करने के बाद आपको ऑडियोलॉजी के क्षेत्र में बैचलर डिग्री प्राप्त करनी होगी। इसके लिए आप बीएससी इन स्पीच एंड हियरिंग में दाखिला ले सकते हैं, परंतु यदि आप एक अच्छे कॉलेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त करेंगे, तो आपको उसमें एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम से होकर गुजरना पड़ेगा। 12वीं कक्षा में आपको 50% अंक लाना अनिवार्य है, क्योंकि बहुत से ऐसे कॉलेज हैं, जो बीएससी में आपको मेरिट के आधार पर एडमिशन देते हैं। यदि आपके नंबर अच्छे होंगे, तो आपकी अच्छी मेरिट लगेगी और आपको किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन आसानी से मिल जाएगा।

ऑडियोलॉजिस्ट के कार्य

  • यदि किसी रोगी को सुनने से संबंधित समस्या है, तो उसकी समस्याओं का निदान और उपचार दिलाना इनका प्रमुख कार्य होता है। यह उपचार ऑडियोलॉजिस्ट के द्वारा एडवांस टेक्नोलॉजी और प्रोसीजर की मदद से दिया जाता है।
  • इनका प्रमुख कार्य लोगों में सुनने की समस्याओं से छुटकारा दिलाने हेतु रोगों के बारे में सर्च करना तथा नई-नई तकनीकों का आविष्कार करना होता है।
  • आमतौर पर लोग आॅडियोलॉजिस्ट बनकर टीचर ही बन जाते हैं, जिनके द्वारा मुख्य कार्य लोगों को ऑडियोलॉजी से संबंधित जानकारी देना होता है।
  • जिन मरीजों को सुनने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, उनको लिप रीडिंग तथा साइन लैंग्वेज से पढ़ाना भी ऑडियोलॉजिस्ट का कार्य होता है।
  • ऑडियोलॉजिस्ट के द्वारा सुनने में सहायक मशीनें तथा यंत्रों के काम करने के तरीके आदि के बारे में जानकारी रखना भी इनका ही कार्य होता है।

ऑडियोलॉजी का कोर्स करें:

यदि आप 12वीं के बाद ऑडियोलॉजी के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो आप ऑडियोलॉजी का कोर्स भी कर सकते हैं। ऑडियोलॉजी के विभिन्न प्रकार के कोर्स होते हैं, जिनमें से आप किसी भी कोर्स को कर सकते हैं। आप ऐसे डॉक्टरों के साथ भी संपर्क कर सकते हैं, जिनके द्वारा आपको प्राइवेट प्रैक्टिस के साथ-साथ मेडिकल एडवाइज भी दी जाती है।

करियर के मौके:

किसी भी फिल्ड में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को अपना माइंड क्रिएटिव रखना होता है। आॅडियोलॉजिस्ट के द्वारा सिर्फ डिवाइस बनाने का कार्य नहीं किया जाता है, बल्कि कंपनी में प्रोडक्ट को डिजाइन करना तथा किसी भी प्रोडक्ट के ऊपर रिसर्च करने का कार्य भी एक ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है।

कोर्सेज:

  • बीएससी इन स्पीच एंड हियरिंग
  • बैचलर आॅफ स्पेशल एजुकेशन इन हियरिंग इंपैक्ट
  • बैचलर इन ऑडियोलॉजी एंड स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी
  • बीएससी इन ऑडियोलॉजी
  • डिप्लोमा इन हियरिंग एंड एयर मोल्ड टेक्नोलॉजी

कोर्स के लिए अच्छे इंस्टीट्यूट:

  • श्री रामचंद्र मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  • नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ स्पीच एंड हियरिंग, केरला
  • भारतीय विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज, पुणे
  • डॉ. एसआरसी इंस्टिट्यूट आॅफ स्पीच एंड हियरिंग, बंगलुरु
  • आॅल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ स्पीच एंड हियरिंग, मैसूर

ऑडियोलॉजिस्ट इंडस्ट्रीज:

यदि कोई व्यक्ति ऑडियोलॉजी के क्षेत्र में कोर्स करता है तथा अपनी पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के करियर अवसर देखने को मिलते हैं। ऐसी बहुत सी इंडस्ट्री होती हैं, जिनके अंतर्गत एक ऑडियोलॉजिस्ट को कार्य करने का मौका मिलता है-

  • शैक्षणिक सेवाएं ल्ल आपातकालीन देखभाल
  • अस्पताल ल्ल निदान केंद्र
  • स्वास्थ्य देखभाल केंद्र

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