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संतों का पैगाम इन्सान को इन्सान से जोड़ो -सम्पादकीय Editorial

संतों का सृष्टि पर आगमन हमेशा सुखकारी होता है। सच्चे संत अपने परोपकारी कार्यों के द्वारा हमेशा और हर समय सृष्टि का भला सोचते हैं और हमेशा भला करते हैं। संतों का धर्मों के अनुसार कुल जीव जगत के प्रति यही पैगाम है कि इन्सान को इन्सान से जोड़ो। इन्सान को धर्मों से जोड़ो और इन्सान को भगवान से जोड़ो और सच्चे संत सदियों से ही सृष्टि के प्रति अपना ये शुभ करम करते आ रहे हैं। यही ईश्वरीय पैगाम सच्चे रूहानी संत, पीर-फकीर सृष्टि पर लेकर आते है।

ऐसे परोपकारी संत अपने परोपकारी-कार्यों के द्वारा हमेशा सृष्टि यानि पूरी मानवता का भला करते हैं। उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की बुराइयां छुड़वा कर उन्हें इन्सानियत की शिक्षा देना, इन्सान को इन्सान से जोड़ना और इन्सान को भगवान से जोड़ना तथा सभी धर्मों का सत्कार करना एवं नेकी-भलाई की शिक्षा देना होता है। संतों का मानवहित में यह परोपकारी-करम आदि-जुगादि से ही ज्यों का ज्यों चला आ रहा है।

हम यहाँ बात कर रहे हैं डेरा सच्चा सौदा की, परम पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1948 में डेरा सच्चा सौदा के नाम से इस सर्वधर्म मानवता भलाई केंद्र की स्थापना की। पूजनीय बेपरवाह जी ने मानवता भलाई व धर्मों की शिक्षा जो पावन लोगों को दी, डेरा सच्चा सौदा की पूजनीय दूसरी पातशाही परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने पूजनीय बेपरवाह जी की इन पावन शिक्षाओं को दुनिया भर में जन-जन तक पहुंचाया। उपरांत पूजनीय परमपिता जी ने 23 सितंबर 1990 को पूज्य मौजूदा गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को इस पवित्र दरबार डेरा सच्चा सौदा में बतौर तीसरे पातशाह गुरगद्दी पर विराजमान किया।

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तो इस प्रकार डेरा सच्चा सौदा की पूजनीय तीनों पातशाहियां एक ही रूप हैं और एक ही महान शक्ति का नाम हैं। पूजनीय परमपिता जी ने यह स्पष्ट फरमाया कि ‘हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे’। आदि-जुगादि की वोही ईश्वरीय-शक्ति आज डेरा सच्चा सौदा के पूज्य मौजूदा गुरु जी के रूप में ज्यों की त्यों काम कर रही है।

पूज्य गुरु जी ने कुल दुनिया को सच के रास्ते पर चलाने तथा पूरी सृष्टि की भलाई के लिए डेरा सच्चा सौदा में 170 मानवता भलाई के कार्य शुरु किए हुए हैं। आप जी की प्रेरणा से देश-विदेश की लगभग साढ़े 8 करोड़ साध-संगत इन नि:स्वार्थ परोपकारी कार्यों से जुड़कर तन-मन-धन से मानवता व समाज भलाई के पुण्य कार्य कर रही है। पूज्य गुरु जी के इन मानवता व समाज भलाई के इन सभी 170 पुण्य कार्यों में से 79 से ज्यादा कार्य विश्व रिकार्ड भी बन चुके हैं और यह पवित्र क्रम अब भी ज्यों का त्यों चल रहा है।

आपजी के पावन मार्ग-दर्शन में डेरा सच्चा सौदा अपने इन नेक व परोपकारी कार्यों के द्वारा आज पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुका है। पूज्य गुरु जी के ये पवित्र वचन कि अगर सारी दुनिया धर्मों के अनुरूप डेरा सच्चा सौदा की इन पावन शिक्षाओं कि इन्सान को इन्सान से, इन्सान को धर्मों एवं इन्सान को भगवान से जोड़ने को अपना ले, अगर इसी पल भी अपना ले, तो परमपिता परमात्मा से दुआ है कि ऐसा हो जाए, तो अगले ही पल ये धरती स्वर्ग-जन्नत से बढ़कर नजारा यहाँ बन जाए और इस धरती पर कोई गैर न हो, सभी अपने यानि एक ही बन जाएं।

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सच्चे संत सृष्टि पर हमेशा सारे जगत का भला करने तथा परमपिता परमेश्वर से बेमुख हुए लोगों को राम-नाम के द्वारा उनके नशे आदि बुराइयां छुड़वाकर उसी अकाल पुरुष प्रभु परमात्मा रूपी दिव्य शक्ति के साथ जोड़ने आते हैं और डेरा सच्चा सौदा का यही परोपकारी करम, यही पावन शिक्षा पूज्य गुरु संत डॉ. एमएसजी (पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां) समस्त जीव-जगत के प्रति दिन-रात एक करते हुए जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। यही सच्चा सौदा का लक्ष्य है और यही सच्चे संतों का उद्देश्य है। सच्चे संत-सतगुरु कुल जीव-जगत की भलाई के लिए रात-दिन परमपिता परमेश्वर से दुआ भी करते हैं और हमेशा प्रयत्नशील भी हैं।