कार्डियो एक्सरसाइज से रखें दिल को तंदुरुस्त
बदलते लाइफस्टाइल ने लोगों के दिल के खतरे को बढ़ा दिया है। दिल यह नहीं देखता कि आप जवां हैं या बूढ़े। बस जहाँ कुछ समय तक गड़बड़ रही, वहीं दिल का रोग अपना ठिकाना बना लेता है।
तभी तो हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि गर दिल को रखना है तंदुरुस्त तो ध्यान दें चार मुख्य बातों पर – व्यायाम, तनाव में कमी, सही डाइट और धूम्रपान से दूरी। अगर आपके परिवार में हृदय रोग की हिस्ट्री नहीं है तो आप इन चार बातों पर पूरा अमल कर दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

- अगर दिल को तंदुरूस्त रखना चाहते हैं तो प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा कार्डियो एक्सरसाइज अवश्य करें। इससे बीपी और शुगर कंट्रोल में रहते हैं, आप चुस्त रहते हैं और दिल की बीमारी की आशंका 25 प्रतिशत कम हो जाती है।
- कार्डियो एक्सरसाइज के लिए हल्की सैर, ब्रिस्क वाक, जॉगिंग, साइकलिंग, तैराकी, एरोबिक्स, डांस कुछ भी कर सकते हैं पर इनको करते समय अपनी उम्र और क्षमता का पूरा ध्यान रखें। अगर ब्रिस्क वाक या जागिंग करते समय आपको थकान होती है तो इन्हें न करें। साधारण सैर का समय बढ़ा दें। जिन लोगों के घुटनों में तकलीफ हो, उन्हें भी ब्रिस्क वॉक और जागिंग नहीं करनी चाहिए।
- जब भी कोई व्यायाम आरंभ करें, उसे धीरे-धीरे बढ़ाएं। शुरु में एक सप्ताह तक कम समय करें।
- व्यायाम आरंभ करने से 5 मिनट पूर्व ‘वार्म अप’ एक्सरसाइज करें ताकि शरीर में खून का दौरा बढ़ जाए। एक्सरसाइज करने के बाद भी 5 मिनट तक कूल डाउन होने के लिए लंबे गहरे श्वास लें।
- एक्सरसाइज सदा खाली पेट करें।
- जो लोग लगातार आधा घंटा व्यायाम नहीं कर सकते या सैर नहीं कर सकते, वे दिन में दो बार 15-15 मिनट के लिए कर सकते हैं।
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योगासन जो दिल के मित्र हैं:
सूर्य नमस्कार, त्रिकोणासन, शलभासन, शशांकासन, भुजंगासन प्रतिदिन करें।
जो लोग दिल के मरीज हैं वे क्या करें:
- डॉक्टर के परामर्शनुसार व्यायाम करें।
- सैर प्रतिदिन करें। रफ्तार अधिक तेज न रखें। चलते समय सांस न फूले। सुबह शाम सैर करें पर ध्यान दें कि पेट खाली हो।
- सैर या व्यायाम के बाद 15-20 मिनट आराम अवश्य करें।
- वेट उठाने वाले व्यायाम न करें। इससे बीपी बढ़ सकता है।
हैल्दी लोग तनाव ऐसे करें कम:
ऐसा नहीं है कि तनाव बस कुछ लोगों को होता है। आधुनिक समय में शायद ही कोई ऐसा हो जिसे तनाव न हो क्योंकि तनाव आज के लाइफस्टाइल की देन है। कोई भी इससे नहीं बच पाता। अंतर बस इतना है कि कुछ लोग अधिक तनावग्रस्त रहते हैं, कुछ कम। उसे कम करने के लिए इन्हें आजमाएं:-
- लंबे गहरे सांस और अनुलोम-विलोम प्राणायाम प्रतिदिन प्रात: करें। कुछ आसन करें, ध्यान लगाएं। अपने दैनिक जीवन में उन्हें महत्त्वपूर्ण स्थान दें। लंबे गहरे सांसों से शरीर में आक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है।
- शवासन में कुछ समय लेटें ताकि मांसपेशियों में तनाव कम हो सके। आँखें बंद कर शरीर के अंगों को महसूस करते हुए शवासन में लेटें।
दिल के मरीजों के लिए
वैसे इन्हें सभी प्रकार के लोग आजमा सकते हैं, फिर भी:-
- आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है। उसे अपने जीवन का अंग न बनाएं। जो हो रहा है, उसे स्वीकार करें।
- अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पाने का प्रयास करें। ध्यान द्वारा नकारात्मक भावनाएं कम होकर सकारात्मक भावनाएं बढ़ जाती हैं।
- परिपूर्ण होने के चक्कर में तनाव बढ़ जाता है। परिपूर्ण बनने की कोशिश न करें।
- अपने काम को अधिक हिस्सों में बांट कर करें। एक साथ काम मत निपटाएं।
- बच्चों और पालतू जानवरों के साथ खेलें।
- नए स्थानों पर घूमने जाएं, नहीं जा सकते तो उनकी जानकारी नेट या टीवी द्वारा एकत्रित कर मन को हल्का बनाएं।
बदलें अपना लाइफस्टाइल
- मैदे के तले खाद्य पदार्थों का स्रैक्स के रूप में सेवन न कर मुरमुरे, भेलपुरी, नट्स और फ्रूट्स का सेवन करें।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रयोग में लाने का प्रयास करें ताकि उसे लेने के लिए आपको वहाँ तक पैदल पहुंचना पड़ेगा। इस बहाने थोड़ी सैर हो जाएगी।
- आॅफिस में हैं तो छोटे-छोटे कामों हेतु इंटरकॉम का प्रयोग न कर स्वयं उठ कर जाएं।
- धूम्रपान न करें, तम्बाकू का सेवन किसी भी रूप में न करें। धूम्रपान से दिल की आर्टरीज में दरारें पड़ सकती है जो दिल की ब्लॉकेज का खतरा बढ़ा सकती हैं।
- पैदल चलें। व्यायाम अपनी क्षमतानुसार ही करें।
- अपने आपको तनाव में न रखें। जब तनाव आए तो सोचें कि क्या यह मेरे बस में है नहीं तो अपना प्रयास करते रहें और तनाव को दूर रखें।
- फास्ट फूड के सेवन से बचें।
- लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों का प्रयोग करें।
- टीवी पर हास्य प्रोग्राम देखें। प्रसन्न रहें। -नीतू गुप्ता


































































