Digestive Problems पाचन की गड़बड़ी को न बनने दें समस्या
आज के युग में हमारे खान पान ने हमें ऐसा जकड़ लिया है कि कोई भी जंक फूड किसी भी समय हम बिना सोचे समझे खा लेते हैं जिसका परिणाम यह होता है कि पाचन क्रिया में गड़बड़ी होने लगती है। हमारी जीवनशैली इस समस्या का बड़ा कारण है पर फिर भी हम जल्दी स्वीकार नहीं करते कि हम गलत समय पर गलत खान पान को अपनाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो ध्यान दें कुछ बातों पर:-
Table of Contents
थोड़ा-थोड़ा खाएं, अधिक बार खाएं
तीन मुख्य आहार के स्थान पर थोड़ा-थोड़ा कर खाएं और दिन में पांच बार खाएं, लेकिन दिनभर में जितनी मात्रा आपको खानी हो, उतनी ही खाएं। अधिक न खाएं। थोड़े अंतराल में खाने से आपको खाने के प्रति ललक भी कम होगी और शरीर में ब्लड शुगर भी ठीक रहेगा।
तले हुए और मसालेदार भोजन से परहेज रखें

चाय, कॉफी, मादक पेय-पदार्थों से परहेज रखें
अधिक चाय-कॉफी के सेवन से छाती में जलन होती है और पेट में गड़बड़ी होने लगती है और खाया हुआ भोजन पचने में मुश्किल आती है। चाय-काफी का सेवन सीमित मात्रा में करें। शराब का सेवन छाती में जलन और पेट में गड़बड़ी मचाता है। शराब का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
रात्रि में सोने से तीन घंटे पूर्व भोजन खाएं
रात्रि का भोजन शाम 7 बजे के बीच अवश्य कर लें जिससे रात्रि में आप आराम से सो सकें। सोने से कम से कम दो तीन घंटे पूर्व किया भोजन आसानी से पच जाता है जिससे नींद आने में कोई परेशानी नहीं होती। रात्रि में भोजन सुपाच्य और सीमित मात्रा में करें। रात्रि को गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें। कभी मजबूरी वश किसी पार्टी में जाना हो तो घर से कुछ हल्का-फुल्का खाकर जाएं, ताकि वहाँ आप सीमित मात्रा में खा सकें।
नियमित व्यायाम करें
नियमित व्यायाम पाचन तंत्रों को दुरूस्त रखता है, इसलिए अपनी दिनचर्या में व्यायाम के लिए समय अवश्य निकालें। व्यायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और हमें एक्टिव रखता है। यह हमारे खाए हुए खाद्य पदार्थों को सही पचाने में मदद भी करता है। रात्रि में खाने के बाद हल्का फुल्का घर पर टहल लेना अच्छा होता है। -नीतू गुप्ता
भोजन को जितना ज्यादा हो सके चबाकर खाना चाहिए। पानी और दूसरे तरल पदार्थों को जल्दी और झटके से नहीं पीना चाहिए, बल्कि धीरे-धीरे ऐसे गले से नीचे उतारना चाहिए मानो इसे चबाकर खाया जा रहा हो। यानि खाना पीओ और पीना खाओ। ऐसा करने से सेहत भी बनेगी और पाचन तंत्र भी अच्छा रहेगा। -पूज्य गुरु संत डॉ. एमएसजी































































