Fly towards your dreams

विदेश की नहीं, अपने सपनों की उड़ान भरो

विदेश में भले ही नया अनुभव मिलेगा, लेकिन भारत में रहकर आप विश्व स्तर की सफलता भी हासिल कर सकते हैं। यहाँ आपकी मेहनत देश और समाज दोनों के लिए बदलाव ला सकती है। भारत में रहकर आप अपने रिश्तों और समाज के करीब रहते हुए भी दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।

हरियाणा के सोनीपत का 23 वर्षीय युवक रोहित पैसे कमाने का सपना लेकर विदेश के लिए निकला था। एजेंट ने 18 लाख रुपए लेकर वादा किया था कि एक महीने में यू.एस. पहुँचा देगा। यात्रा 30 दिन की नहीं, बल्कि 5 देशों और 4 महीनों की निकली। जंगलों के बीच भूख, ठंड और डर ने हौसला तोड़ा। मैक्सिको सीमा पर पकड़ा गया और सीधा भारत भेज दिया गया। घर लौटकर रोहित सिर्फ इतना कहता है कि मैं वहाँ कमाने नहीं, ज़िंदा लौटने के लिए लड़ रहा था।

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के 28 वर्षीय अरुण का सफर सबसे डरावना था। एजेंट ने उसे बोट से इटली भेजने का वादा किया। 17 दिन समुद्र में खाने के लिए सिर्फ दो बिस्किट और पानी की दो बोतलें। इतालवी कोस्टगार्ड ने बोट पकड़ी और सभी को वापस उनके देशों में भेज दिया। अरुण कहता है कि वतन की मिट्टी पर पैर रखकर मैंने रोते हुए कसम खाई कि अब सिर्फ यहीं कमाऊँगा।

राजस्थान के बाड़मेर के रफीक को सऊदी में ‘एसी टेक्नीशियन’ की नौकरी का झांसा मिला था। लौंड्री में भेज दिया गया। पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। साल भर वेतन नहीं मिला। शिकायत की तो उसे तुरंत डेपोर्ट कर दिया गया। रफीक के अनुसार, ‘डेपोर्ट नहीं करते, तो शायद लौट ही नहीं पाता।’ ऐसी 2-3 नहीं, बल्कि हज़ारों कहानियाँ हैं, जो विदेश जाने के नाम पर हो रही ठगी की डरावनी तस्वीर दिखाती हैं। बड़ी कंपनियों में जॉब, उच्च शिक्षा या बेहतर जीवन की चाह में कई भारतीय अपने देश को छोड़कर विदेश की ओर भाग रहे हैं।

विदेश का सपना हर बार वैसा नहीं होता जैसा दिखता है:

बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी, महंगी शिक्षा या बेहतर जीवन की चाह में कई भारतीय विदेश की ओर भाग रहे हैं, पर वहाँ की जिंदगी हमेशा आसान नहीं होती। हऌड (2023) के अनुसार, विदेश में रहने वाले युवाओं को 25% से अधिक मानसिक समस्याएँ झेलनी पड़ती हैं-

  • बढ़ता नस्लवाद और भेदभाव
  • कामगारों के साथ शोषण, पासपोर्ट जब्त, कम वेतन
  • छात्रों को महंगे किराए, रहने की खराब स्थिति और उत्पीड़न
  • भारी कर्ज़ का बोझ, मानसिक तनाव और अकेलापन
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क्या आपने सोचा है कि आपके सपने और आपकी प्रतिभा को भारत में ही कितनी बड़ी उड़ान मिल सकती है? भारत में रहकर शिक्षा, रोजगार और सेवा के अवसर का लाभ उठाना न केवल सुरक्षित है, बल्कि देश की प्रगति में योगदान देने का भी माध्यम है।

भारत आज:

  • दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है।
  • डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी क्रांतियों का केन्द्र है।
  • तेजी से उभरता हुआ टेक, हेल्थ, साइंस और एग्रीकल्चर का केन्द्र है।

स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया केवल शब्द नहीं, बल्कि आपके लिए असीम सम्भावनाएँ हैं। भारत दुनिया का टेक हब बन रहा है और हर सेक्टर डिजिटल हो रहा है। इसलिए जहाँ आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आर्टिफिशल इन्टेलिजेन्स, रोबाटिक्स इंजीनियर जैसे क्षेत्रों मे करियर बना सकते हैं, वहीं सस्ते हेल्थ केयर व बढ़ते एआई हेल्थ केयर टूल्स के चलते बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, नेच्युरोपैथी एक्सपर्ट बनने में करियर चुन सकते हैं ।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है। तो आपके लिए हेल्थ एंड वेल्नस, इको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स, एआई टूल्स और आॅर्गेनिक फूड या ब्यूटी प्रोडक्ट्स जैसे स्टार्टअप भी बेहतरीन विकल्प हैं। भारत में स्टार्टअप, कृषि, विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र लगातार बढ़ रहे हैं। आप अपने विचारों और प्रयासों से देश के लिए नई राहें खोल सकते हैं।

विदेश में भले ही नया अनुभव मिलेगा, लेकिन भारत में रहकर भी आप विश्व स्तर की सफलता हासिल कर सकते हैं। यहाँ आपकी मेहनत देश और समाज दोनों के लिए बदलाव ला सकती है। भारत में रहकर आप अपने रिश्तों और समाज के करीब रहते हुए भी दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं। निर्णय आपको करना है, लेकिन जरा सोच-समझकर कीजिए।
विदेश जाने से पहले खुद से एक सवाल जरूर पूछिए कि क्या मेरे सपने की जमीन भारत में तैयार नहीं हो सकती?

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भारत में रहकर भी आप दुनिया को दिखा सकते हैं कि आप कितने सक्षम हैं। आपकी मेहनत आपके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है। अपने देश में रहकर आप अपने सपनों, प्रतिभा और उद्देश्य को पूरी ताकत दे सकते हैं। तो आइए, विदेश की नहीं, भारत की उड़ान भरो और अपने देश को दुनिया में चमकाओ।