Stale Food सेहत के लिए हानिकारक है ठंडा व बासी भोजन
आज भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में इन्सान के पास ना खाने का कोई निर्धारित समय है और ना ही खाने की फुर्सत। शहरों में तो कामकाजी लोगों को हफ्ते भर में किसी छुट्टी के दिन ही गर्म खाना नसीब होता है। बाकी दिनों में टिफिन के ठंडे खाने, होटल या कैंटीन की चीजों से काम चलाना पड़ता है। लेकिन ये आदत शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकती है क्योंकि ठंडा खाना शरीर को उतना फायदा नहीं देता, जितना ताजा और गर्म खाना। इनके अतिरिक्त ठंडा खाना खाने से शरीर में पाचन संबंधी समस्या हो सकती है, चिंता और अनिंद्रा की बातें भी सामने आई हैं।
वहीं गर्म भोजन न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। पाचन को आसान बनाता है, इम्यूनिटी को बूस्ट करता है। एक रिसर्च में सामने आया कि जिन लोगों ने अधिक ठंडा खाना या ड्रिंक लिया था, उनमें चिंता और नींद की समस्या अधिक देखी गई। वहीं जब ठंड के मौसम में गरम ड्रिंक्स का सेवन किया, तो उनमें नींद, डिप्रेशन और पेट दर्द जैसी समस्याएँ कम थी। रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन लोगों का ब्लड-सर्कुलेशन कमजोर होता है। उनको ठंडा खाना अधिक परेशान करता है।
उनके हाथ-पैर अक्सर ठंडे रहते हैं। हमारे शरीर में आंत और दिमाग का सीधा संबंध होता है। जिसको ‘गट ब्रेन एक्सिस’ कहा जाता है। जब आप ठंडा खाना खाते हैं, तो शरीर को उसको पचाने में अधिक एनर्जी की जरूरत होती है। इससे डाइजेशन धीमा हो जाता है और दिमाग पर भी असर पड़ता है। इसके अलावा, खाने वाली ठंडी चीजें अक्सर प्रोसेस्ड और कम पोषक तत्वों वाली होती है, जोकि शरीर को सही तरीके से पोषण नहीं दे पाती हैं।
गर्म खाना आसानी से पच जाता है। असल में, शरीर गर्म खाने को आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है। यही कारण है कि गर्म खाना खाने से पेट खराब होने का रिस्क कम रहता है। ठंडा खाना हजम करने में शरीर को काफी मेहनत भी करनी पड़ती है। ऐसे में लगातार ठंडा खाने से अपच और पेट दर्द की समस्या पैदा हो सकती है।
हाल ही में हुई एक रिसर्च में बताया गया है कि गरम ड्रिंक्स हमारी फीलिंग्स और मूड को शांत करने में सहायता करते हैं।
इस रिसर्च के अनुसार, इसमें सबसे ज्यादा अहम उसका टेंपरेचर होता है न कि उसमें मौजूद तत्व। यानि ठंडे खाने या ड्रिंक्स की बजाय गर्म चीजें खानी चाहिए। हालांकि ज्यादा गर्म खाना नुकसानदेह हो सकता है। गर्म खाने का मतलब ये नहीं कि आप उबलती हुई चाय या बेहद गर्म चीज मुँह में डाल लें। बहुत ज्यादा गर्म खाना खाने से शरीर के इंटरनल पार्ट डैमेज हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खाना हमेशा हमारे शरीर की बाहरी सतह यानि स्किन को सूट करने लायक गर्म होना चाहिए। दाल, सब्जी, रोटी या खाने की कोई भी चीज इतनी ही गर्म हो, जितनी हमारी उंगलियाँ या जीभ झेल सके।
हमारे शरीर में आंत और दिमाग का सीधा संबंध होता है। जिसको ‘गट ब्रेन एक्सिस’ कहा जाता है। जब आप ठंडा खाना खाते हैं, तो शरीर को उसको पचाने में अधिक एनर्जी की जरूरत होती है। इससे डाइजेशन धीमा हो जाता है और दिमाग पर भी असर पड़ता है।


































































