Varkala

खूबसूरत शहर वरकला की सैर Varkala

कहीं पर भी घूमने जाने का प्लान हो तो उन्हीं जगहों की चर्चा होती है, जिन्हें आप पहले से जानते हैं या फिर आप पहले ही वहाँ पर घूम चुके होते हैं, लेकिन अपने देश में अभी भी बहुत-सी ऐसे जगहें हैं जिनसे आप अब तक अनजान होंगें। धरती पर प्रकृति के उपहार को देखकर हम सभी आश्चर्यचकित हो जाते हैं और ऐसा हो भी क्यों ना, प्राकृतिक छटाएं हैं ही इतनी खूबसूरत कि उन्हें देखकर मन मुग्ध हो उठता है।

इस बात में कोई शक नहीं है कि दुनियाभर में कई खूबसूरत जगहें हैं जो अपनी-अपनी खासियतों के लिए मशहूर हैं। ना जाने ऐसी कितनी जगहें हैं, जिन्हें अब तक आपने ना तो देखा होगा और ना ही उनके बारे में कभी सुना होगा। कुछ ऐसी जगह भी हैं जो कमर्शियल ना होने की वजह से लोगों की पहुँच से दूर हैं। ऐसी ही एक जगह है वरकाला, जो पर्यटकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। हालांकि, बेहद खूबसूरत होने के कारण अब इस जगह की लोकप्रियता पर्यटकों के बीच बढ़ने लगी है। वरकला एक शांत शहर है, जो केरल राज्य के तिरुवनंतपुरम जिले के बाहरी इलाके में स्थित है।

वैसे तो भारत में कई बीच (समुद्री तट) स्थित हैं, लेकिन आप नेचुरल ब्यूटी के साथ कुछ एडवेंचर करना चाहते हैं, तो केरल स्थित वरकला आना बनता है। ये एक तटीय क्षेत्र है, जो अरब सागर के पास स्थित है। जिन लोगों को अक्सर छुट्टियों की दिक्कत रहती है, तो आना-जाना मिलाकर कुल 4 दिन में वरकला की सैर की जा सकती है। चाहे आप प्रकृति प्रेमी हों, इतिहास के शौकीन हों जो अतीत की कहानियों में खो जाना पसंद करते हों, या फिर बस थके हुए हो जो तरोताजा होना चाहते हो, हर किसी के लिए यहां कुछ न कुछ है। वास्तव में, वरकला का आकर्षण देखने लायक हैं।

वरकला समुद्र तट:

वरकला समुद्र तट पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है, जो अपने मेहमानों को जगमगाते सुनहरे समुद्र तट, साफ नीले पानी और ऊँची चट्टानों से मोहित कर देता है। चाहे आप सर्फिंग जैसी गतिविधियों में रोमांच की तलाश करने वाले हो या फिर आपको शांतिपूर्ण समुद्र तट की सैर का आनंद लेना पसंद हो, यह स्थान शहर की चहल-पहल से दूर एकदम सही स्थान है।

Also Read:  राजपाल गांधी ने स्टीविया की खेती को दिया नया आयाम

वरकला क्लिफ:

वरकला क्लिफ समुद्र की तरफ अपने सुंदर विस्तार के साथ देखने लायक एक नज़ारा है, जो पूरे भारत से अनगिनत लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इस स्थान पर आपको आकर्षक भोजन, योग रिट्रीट मिलेंगे, जो एक शांत आश्रय देते हैं, जहाँ आप आराम कर सकते हैं, दिन के लिए ताज़ा स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं और योग का अभ्यास कर सकते हैं।

जनार्दन स्वामी मंदिर:

जनार्दन स्वामी मंदिर एक बेशकीमती ऐतिहासिक खजाना है, जो हर किसी के दिल को लुभाने में कामयाब होता है, चाहे वे किसी भी मूल के हों। भगवान विष्णु को समर्पित यह पवित्र निवास मूर्तियों और चित्रों के साथ एक शांत वातावरण को खूबसूरती से जोड़ता है, जो एक आकर्षण पैदा करता है और आगंतुकों को शांति से भर देता है।

कप्पिल झील:

पहाड़ियों और नारियल के पेड़ों से घिरी कप्पिल झील प्रकृति से प्यार करने वालों के लिए एक आकर्षक जगह है। इसके पानी पर शांतिपूर्ण नाव की सवारी से लेकर किनारे पर पक्षियों को देखने या शांत वातावरण में बसने तक, यह रोजमर्रा की ज़िंदगी के शोर से एकदम सही ब्रेक देती है।

अंजेंगो किला:

अरब सागर के किनारे, वरकला में अंजेंगो किला राजसी रूप से खड़ा है, जो अपने अतीत की याद दिलाता है। 17वीं शताब्दी में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा ब्रिटिश व्यापार के लिए एक सुरक्षात्मक उपाय के रूप में स्थापित किला अब अपनी किलेबंदी, समय-समय पर बनी वास्तुकला और लुभावने नज़ारों के माध्यम से अपनी भव्य विरासत को प्रदर्शित करता है, जो सभी वरकला समाज में बीते दिनों की कहानियों को ब्यां करते हैं।

Also Read:  सतगुरु के अवर्णीय परोपकार -सम्पादकीय

पोन्नुमथुरुथु द्वीप

वरकला के बैकवाटर में छिपा हुआ पोन्नुमथुरुथु द्वीप का छिपा हुआ रत्न, जहाँ केवल नाव से ही पहुँचा जा सकता है। यहाँ ताड़ के पेड़ पवित्र शिव-पार्वती मंदिर को घेरे हुए हैं। जो लोग यहाँ आते हैं वे नाव की आनंददायक यात्राओं का आनंद ले सकते हैं, हरे-भरे वनस्पतियों में खो सकते हैं और मंदिर के अनुष्ठानों में शामिल होकर इस स्थान की गहरी प्रमाणिकता का अनुभव कर सकते हैं।

वरकला आने का सही समय:

यह एक ऐसी जगह है, जहाँ सालभर प्राकृतिक छटा बिखरी रहती है। हालांकि, यहाँ आने का सबसे बेहतरीन समय अक्टूबर से लेकर मार्च के अंत तक है। इस दौरान यहाँ का मौसम बेहद सुहावना रहता है।

कैसे पहुँचें:

वरकला नेशनल हाइवे 66 के माध्यम से अच्छी तरह से अपने निजी वाहन या बस द्वारा पहुँचा जा सकता है। ट्रेन यातायात के लिए वरकला का स्वयं का रेलवे स्टेशन है वरकला-शिवगिरी। त्रिवेन्द्रम और कोची से यहां के लिए नियमित टेÑेन उपलब्ध हो जाती है। वहीं अगर हवाई मार्ग की बात करें तो यहाँ का नजदीकी एयरपोर्ट त्रिवेन्द्रम है, जो यहां से लगभग 36 किमी. दूर है।