Glasgow Commonwealth: ग्लासगो कॉमनवैल्थ में हम
माना जा रहा था कि ग्लासगो भारत की कमजोरी को उजागर करेगा। वहाँ न तो शूटिंग थी, न कुश्ती, न बैडमिंटन, न हॉकी और न ही टेबल टेनिस। कई ऐसे खेल जो लंबे समय से भारत के कॉमनवेल्थ मेडल टैली को बढ़ाते रहे थे, वे इस बार प्रोग्राम से गायब थे। लेकिन भारत ने ग्लासगो के खेलों में अपनी एक नई कहानी लिख दी। भारत ने इस बार राष्टÑमंडल खेलों मेें चौथे पायदान के अपने क्रम को बरकरार रखते हुए 39 पदक जीते हैं। खासकर बात यह भी है कि इन 39 पदकवीरों में इस बार 31 खिलाड़ी पहली बार पदक विजेता बने हैं।
भारतीय मुक्केबाजों ने तो ग्लासगो को अपना निजी अखाड़ा बना लिया और रिकॉर्ड सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते। नीरज चोपड़ा सबसे बड़े आकर्षण बने रहे, लेकिन अब देश की उम्मीदों का बोझ अकेले उन्हीं के कंधों पर नहीं था। मुरली श्रीशंकर, सर्वेश कुशारे, गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर और यश वीर सिंह ने यह सुनिश्चित किया कि ट्रैक और फील्ड से लगातार मेडल आते रहे।
गुलवीर का दो मेडल जीतने वाला प्रदर्शन शायद इस बदलाव को सबसे अच्छी तरह दिखाता है। फिर पैरा-एथलीट आए, शर्मिला धनखड़, दिलीप गावित और सोमन राणा के गोल्ड मेडल सालों की तैयारी का नतीजा थी। वहीं, वेटलिफ्टिंग में भारत की शान मीराबाई चानू एक बार फिर पोडियम पर सबसे ऊपर पहुंचीं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में खेलों की कटौती के चलते महिला खिलाड़ियों की संख्या भले ही घटी लेकिन पदक जीतने में बेटियों ने कोई कमी नहीं रखी। बेटियों ने तिरंगा ऊंचा रखा। उनके जोरदार प्रदर्शन के दम पर भारत 24 साल से लगातार तालिका में शीर्ष पांच में रहने में कामयाब रहा। बेटियों ने कुल स्वर्ण पदकों के 61 प्रतिशत जीतकर अपनी ताकत दिखाई।
वहीं कुल पदकों में बेटियों का योगदान 41 प्रतिशत रहा। मुक्केबाजी में तो बेटियों ने रिकॉर्ड पांच पीले तमगे जीतकर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। रिंग में उतरी सात मुक्केबाजों में से छह पदक के साथ लौटीं। मैनचेस्टर 2002 खेलों से नारी शक्ति के दम पर ही भारत ने तालिका में शीर्ष पांच में बादशाहत कायम रखी है। मीराबाई चानू भारोत्तोलन में गोल्डन हैट्रिक लगाने वाली दुनिया की पहली भारोत्तोलक बनीं, वहीं अमिस्ताडे जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी। पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने शॉटपुट में पीला तमगा जीतकर इतिहास रचा।
कुल 39 पदकों में से महिला खिलाड़ियों ने 16 पदक जीते। भारत ने 13 स्वर्ण जीते, जिसमें 8 महिला खिलाड़ियों ने स्वर्ण जीतकर देश का नाम रोशन किया।
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हरियाणवीं खिलाड़ियों ने फिर गाड़े झंडे Glasgow Commonwealth
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। सबसे ज्यादा दबदबा मुक्केबाजी में रहा, जहाँ हरियाणा के खिलाड़ियों ने 6 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता।
वहीं, पैरा शॉटपुट में रेवाड़ी की शर्मिला धनखड़ ने गोल्ड, डिस्कस थ्रो में भिवानी की सीमा कालीरमन और जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज, जबकि पानीपत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं भिवानी की मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो), प्रीति पंवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो), प्रिया घनघस (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और हिसार के अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 90 प्लस किलो स्पर्धा में हांसी के नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता।
पदक तालिका
| रैंक | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| 1 | आॅस्ट्रेलिया | 70 | 45 | 56 | 171 |
| 2 | इंग्लैंड | 29 | 45 | 36 | 110 |
| 3 | कनाडा | 19 | 20 | 23 | 62 |
| 4 | भारत | 13 | 17 | 09 | 39 |
| 5 | स्कॉटलैंड | 13 | 09 | 17 | 39 |
भारत के पदक विजेताओं की सूची
Glasgow Commonwealth स्वर्ण विजेता (13)
- मीराबाई चानू महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन
- शर्मिला धनखड़ महिला शॉटपुट एफ57 पैरा एथलेटिक्स
- दिलीप महादू गावित पुरुष 100 मीटर टी47 पैरा एथलेटिक्स
- अस्मिता डे महिला 48 किग्रा जूडो
- हर्ष सिंह पुरुष 60 किग्रा जूडो
- प्रीति पवार महिला 54 किग्रा मुक्केबाजी
- जैस्मिन लंबोरिया महिला 57 किग्रा मुक्केबाजी
- सोमन राणा पुरुष शॉटपुट एफ57 पैरा एथलेटिक्स
- साक्षी चौधरी महिला 51 किग्रा मुक्केबाजी
- अरुंधति चौधरी महिला 70 किग्रा मुक्केबाजी
- प्रिया घंघास महिला 60 किग्रा मुक्केबाजी
- सचिन सिवाच पुरुष 60 किग्रा मुक्केबाजी
- अंकुश पुरुष 70 किग्रा मुक्केबाजी
Glasgow Commonwealth रजत विजेता (17)
- ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा भारोत्तोलन
- मुथुपंडी राजा पुरुष 65 किग्रा भारोत्तोलन
- ज्ञानेश्वरी यादव महिला 53 किग्रा भारोत्तोलन
- सर्वेश कुशारे पुरुष हाई जंप एथलेटिक्स
- वल्लुरी अजया बाबू पुरुष 79 किग्रा भारोत्तोलन
- हरजिंदर कौर महिला 69 किग्रा भारोत्तोलन
- गुलवीर सिंह पुरुष 10,000 मीटर एथलेटिक्स
- मुरली श्रीशंकर पुरुष लंबी कूद एथलेटिक्स
- मोहम्मद बासिल पुरुष 100 मीटर टी47 पैरा एथलेटिक्स
- लवप्रीत सिंह पुरुष +110 किग्रा भारोत्तोलन
- यामिनी मौर्या महिला 57 किग्रा जूडो
- नीरज चोपड़ा पुरुष भाला फेंक एथलेटिक्स
- प्रवीण चित्रावेल पुरुष ट्रिपल जंप एथलेटिक्स
- जादूमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा मुक्केबाजी
- शुभम जुयाल पुरुष शॉटपुट एफ57 पैरा एथलेटिक्स
- लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किग्रा मुक्केबाजी
- नरेंद्र बेरवाल पुरुष +90 किग्रा मुक्केबाजी
Glasgow Commonwealth कांस्य विजेता (9)
- झंडू कुमार पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग
- बिंदियारानी देवी महिला 58 किग्रा भारोत्तोलन
- शिल्पा शैला महिला शॉटपुट एफ57 पैरा एथलेटिक्स
- सीमा कालीरामन महिला डिस्कस थ्रो एथलेटिक्स
- यशवीर सिंह पुरुष भालाफेंक एथलेटिक्स
- तेजस्विन शंकर पुरुष डेकाथलॉन एथलेटिक्स
- सेल्वा प्रभु थिरुमरन पुरुष ट्रिपल जंप एथलेटिक्स
- गुलवीर सिंह पुरुष 5000 मीटर एथलेटिक्स
- उन्नति शर्मा महिला 63 किग्रा जूडो
































































