Honey

Honey वसंत ऋतु में वरदान है मधु का सेवन

आयुर्वेद में स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऋतुचर्या का ज्ञान दिया गया है। ऋतुचर्या यानि मौसम अनुसार आहार-विहार का सेवन करना। इसी के अंतर्गत वसंत ऋतू में मधु (शहद) का सेवन करना अति उत्तम बताया गया है। आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में कफ दोष का शरीर में संचय होता है। वसंत ऋतू में सूर्य की किरणों से पिघलकर ये कफ शरीर की अग्नि को मंद कर देता है, जिससे बहुत से रोग उत्पन होते हैं। मधु गुणों में कफशामक होता है। इसका सेवन बढ़े हुए कफ को नष्ट करता है व विभिन्न रोगों को पैदा होने से रोकता है। आधुनिक विज्ञान अनुसार मधु एंटी ओक्सिडेंट व इमिओनो प्रोटेक्टिव गुणों से भरपूर होता है, जो विभिन्न व्याधिओं को होने से बचाते हैं।

कैसे करें मधु Honey का सेवन:

  • यदि आप स्वस्थ हैं तो वसंत ऋतू में प्रतिदिन आधा या एक चम्मच मधु का सेवन कर सकते हैं। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, श्वास प्रणाली के विभिन्न रोग नहीं होते, अपच भोजन का पाचन होता है व भोजन के प्रति रुचि बढ़ती है।
  • खांसी में 1 चुटकी लौंग चूर्ण मधु के साथ दिन में 3-4 बार लेना विशेष लाभकारी है।
  • भूख न लगने पर 1 चुटकी काली मिर्च के साथ मधु का सेवन दिन में 3-4 बार करें।
  • यदि आप मोटापा कम करना चाहते हैं, तो सुबह खाली पेट 1 गिलास पानी में 1 चम्मच शहद मिलाएं व प्रतिदिन पीएं। मोटापा कम करने में शहद बेहद फायदेमंद है।
  • अगर मुख से दुर्गन्ध आती है, तो 1 चम्मच शहद में अदरक व थोड़ा-सा घी मिलाकर मुंह में कुछ समय के लिए रखें व फिर कुर्ला कर लें। ऐसा दिन में दो बार करें।
  • आधा चम्मच बेसन, 1 चुटकी हल्दी व 1 चम्मच शहद का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से चहरे की त्वचा ग्लो करती है।
  • आवाज़ में कर्कश है या गले में खराश हो तो 1-3 ग्राम सौंठ का पाउडर शहद में मिला लें व इस पेस्ट का सेवन दिन में 3-4 बार थोड़ा-थोड़ा करें।
  • यदि अपच है तो 2 चम्मच अनार का जूस, 1 छोटा चमच काला नमक व 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर शहद के साथ मिक्स कर लें। इस पेस्ट को भोजन से पहले मुंह में रखें। अपच में यह बेहद लाभकारी है।
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