छोटा होकर भी बहन के सपनों को दिए नए पंख -रक्षा बंधन
Rakshabandhan छोटा होकर भी बहन के सपनों को दिए नए पंख
रक्षा बंधन को भाई-बहन का पवित्र बंधन ऐसे ही नहीं कहा जाता, उनमें एक-दूसरे...
बदलाव बेहतरी के लिए | Change for the better
बदलाव बेहतरी के लिए | Change for the better
सब कुछ परिवर्तनशील है, सिवाय परिवर्तन के। जी हाँ, परिवर्तन यानी बदलाव, प्रकृति का नियम है।...
Hydroponics: हाइड्रोपोनिक विधि: प्रोफेसर गुरकिरपाल सिंह ने नौकरी छोड़ बदले खेती के मायने बिना...
Hydroponics आज के समय में जहां कई किसान जो अपनी पारंपरिक खेती से मुनाफा न होने परेशान होकर कुछ और काम की तरफ अपने...
सप्ताहांत को बनाएं सुखद
सप्ताहांत को बनाएं सुखद - सप्ताहांत का दिन छुट्टी का होता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बहुत मायने रखता है। सबको इस छुट्टी...
Our Pride Tricolor: हमारी शान तिरंगा
Our Pride Tricolor हमारी शान तिरंगा Har ghar tiranga
सदियों से भारत अंग्रेजों की दासता में था, उनके अत्याचार से जन-जन त्रस्त था। खुली फिज़ा...
आजादी की सहमी-सहमी दास्तां | India Independence Day
आजादी की सहमी-सहमी दास्तां India Independence Day
सदियों से भारत अंग्रेजों की दासता में था, उनके अत्याचार से जन-जन त्रस्त था। खुली फिज़ा में सांस...
अनूठी श्रद्धांजलि: जय ‘हिंद’ बिपिन रावत
अनूठी श्रद्धांजलि: जय ‘हिंद’ बिपिन रावत
राजपाल सुथार ने चित्रकारिता से उठाए कई सामाजिक मुद्दे
‘आर्ट वॉरियर’, ‘रोल आॅफ आॅनर’ जैसे अवार्ड से सम्मानित
खास:...
पैर कटे, पर जीवन को फिर पटरी पर ले आए अमर सिंह
जिंदगी में हमारी अगर दुश्वारियां ना होती तो लोगों को हमपे यूं हैरानियां ना होती। यह बात उस इंसान पर सटीक बैठती है, जिसने एक ट्रेन हादसे में अपने दोनों पैर गंवा दिये। इतनी अधिक शारीरिक अक्षमता के बाद भी उसने जीवन को नये सिरे से शुरू किया। आज वह बिना पांव के न केवल शरीर का बेहतर बैलेंस बनाकर रखता है,
सावधानी ही सुरक्षा है
सावधानी ही सुरक्षा है
आम जनता के लिए यह बात समझनी जरूरी है कि कोविड का संकट खत्म नहीं हुआ है। यह नए-नए वैरिएंट्स के...
Happy Diwali: जलाएं ज्ञान का दीप
Happy Diwali जलाएं ज्ञान का दीप -आदमी मिट्टी के दीए में स्नेह की बाती और परोपकार का तेल डालकर उसे जलाते हुए भारतीय संस्कृति...















































































