weekend -sachi shiksha hindi

सप्ताहांत को बनाएं सुखद – सप्ताहांत का दिन छुट्टी का होता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बहुत मायने रखता है। सबको इस छुट्टी के दिन की प्रतीक्षा होती है। इस दिन मौज-मस्ती करने एवं डटकर खाने का मन करता है। वीकेंड को आपने किस तरह बिताया, इस पर आगामी दिनचर्या एवं कार्य गतिविधियां निर्भर करती हैं।

सप्ताहांत की आजादी एवं खुली छूट आगामी दिनों को बहुत प्रभावित करती है। इस दिन की सक्रि यता शरीर को नव-ऊर्जा से भर देती है जबकि इस दिन का बेफिक्र खानपान एवं आलस आगामी दिनों को मुसीबतों वाला एवं बोझिल बना देता है। सप्ताहांत में सक्रि य एवं सचेत रहकर आगामी दिनों को स्वस्थ एवं सुखद बनाया जा सकता है।

छुट्टी का दिन मतलब

First date how to impress peopleवीकेंड सप्ताहांत का दिन है। इसका मतलब यह नहीं कि सब चीजों से आजादी मिल गई है। इस दिन आलस करना, मनमानी करना एवं मनमाना खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खाने में हड़बड़ी न कर आराम से, धीमी गति से एवं छोटे निवाले खाने चाहिए अन्यथा सप्ताहांत की मनमानी मुश्किल में डाल सकती है। वीकेंड का मामूली बदलाव लाभ पहुंचाता है जबकि मनमानी व मस्ती मुसीबतें बढ़ाती है। इसलिये सक्रि य व सचेत रहकर ऊर्जावान बनना चाहिए। यह आगे कार्य-प्रणाली को नियमित व आसान बनाएगा।

पहले से योजना बनाएं

इस दिन देरी व आलस करने से आगे जीवन-शैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वजन व मोटापे पर काबू पाने वाले इस दिन बिलकुल लापरवाही न करें। सप्ताहांत को आनंदपूर्ण, सही ढंग से मनाने हेतु पहले से ही योजना बनाएं।
शारीरिक गतिविधि में ढिलाई कदापि न करें। योजना ऐसी न हो जिससे छह दिन का अनुशासन सातवें अर्थात् वीकेंड के दिन टूट जाए। पहले से योजना बना लेने से छुट्टी का दिन अस्त-व्यस्त न होकर व्यवस्थित ढंग से गुजरेगा।

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सक्रिय रहें

सप्ताहांत का दिन आलस व आराम में न बिताकर सक्रि य गतिविधि को अपनाएं। मनपसंद खेल खेलें। यह मन को सही एवं शरीर को स्वस्थ रखता है। सक्रि य रहने से शरीर ऊर्जावान होता है एवं जोड़ों में लचीलापन रहता है और मांसपेशियों में गतिशीलता व मजबूती रहती है।

भरपूर आनंद उठाएं

वीकेंड बोझिल नहीं, हंसी खुशी से भरा हो। इस दिन के हर पल को आनंदपूर्ण बनाएं। दफ्तर का काम घर में न निपटाएं। दफ्तर व दफ्तर वालों से दूरी बनाकर परिवार के साथ दिन बिताएं। जिसमें ज्यादा खुशी मिले, वह काम करें। सूर्य के साथ अपनी जैविक घड़ी को रखें। खुशी की तलाश में अधिक खाएं-पिएं नहीं।

सोने-जागने में देरी न करें

छुट्टी का मतलब यह नहीं कि सूरज के चढ़ जाने के बाद सवेरे उठें। सोने, जागने के क्र म में देरी न करें। जल्दी सोने एवं जल्दी उठने का प्रयास करें। एक दो घण्टे की नींद और लें किन्तु आलस कदापि न करें। जल्दी सोने जागने से शरीर तरोताजा रहता है व कार्यक्षमता बढ़ती है।

व्यायाम का क्र म जारी रखें

शारीरिक सक्रि यता अर्थात् किसी भी दैनिक व्यायाम का जीवन में बड़ा महत्त्व होता है। इससे सभी अंग सही काम करते हैं। कई बीमारियां पास नहीं आती हैं और शरीर ऊर्जा से पूर्ण एवं कार्य सक्षम बना रहता है। इसका दैनिक जीवन में बड़ा महत्त्व है। इस दिन व्यस्त हो, फिर भी व्यायाम के लिए समय निकाल लें। व्यायाम का क्र म तोड़ें नहीं।
-सीतेश कुमार द्विवेदी

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