Online Shopping ऑनलाइन खरीददारी करते समय बरतें सावधानियां
अब इंटरनेट का जमाना है, सब कुछ आॅनलाइन पाने की चाहत में लोग कई बार कुछ बातों को अनदेखा भी कर जाते हैं, जो बाद में नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। बेशक, यह सुविधाजनक बहुत है। निर्धारित कीमतें और भुगतान के लचीले विकल्प खुले रहते हैं और बढ़िया उत्पाद खोजने के लिए उठने की जहमत करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। लेकिन जो लोग आॅनलाइन खरीदारी के शुरुआती चरण में हैं, उनके लिए धोखाधड़ी से बचते हुए सही आॅनलाइन दुकानें ढूंढना अपने आप में चुनौती पूर्ण हो सकता है।
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आॅनलाइन शॉपिंग कैसे करें: शुरूआती 6 चरण
आॅनलाइन शॉपिंग करने का मतलब है कि आप किसी भी समय, दुनिया भर के कई स्टोरों से खरीदारी कर सकते हैं और अपनी जरूरत की लगभग हर चीज़ सीधे अपने घर पर मंगवा सकते हैं। इसके लिए आपको बस एक अच्छा ब्रॉडबैंड कनेक्शन चाहिए और इन चरणों का पालन करना होगा:
एक भरोसेमंद आॅनलाइन दुकान चुनें
जिस तरह आप टूटी खिड़कियों और कम सामान वाली किसी दुकान से खरीददारी नहीं करेंगे, उसी तरह सुरक्षित आॅनलाइन स्टोर चुनना भी जरूरी है। सुरक्षित वेबसाइटों पर अक्सर ब्राउजर बार में ताला बना होता है या फिर ब्राउजर बार के ऊपरी बाएं कोने में ‘साइट की जानकारी देखें’ पर क्लिक करने पर यह दिखाई देता है।
ब्राउजर में दिखने वाला ताला यह दर्शाता है कि वेबसाइट का कनेक्शन सुरक्षित है। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलेंगे या नहीं, यह जानने के लिए आपको समीक्षाएँ भी देखनी चाहिए।
केवल स्टोर की वेबसाइट पर दी गई समीक्षाओं को ही न देखें, बल्कि असली ग्राहकों के अनुभव जानने का भी प्रयास करें। विक्रेता के चुनाव के आधार पर, खरीदारी करने से पहले आपको उनकी वेबसाइट पर खाता बनाना पड़ सकता है। यदि ऐसा है, तो एक मजबूत पासवर्ड और आसानी से एक्सेस किया जा सकने वाला ईमेल पता इस्तेमाल करें। खास बात यह भी है कि आॅनलाइन खरीदारी करते समय, याद रखें कि रिटर्न और रिफंड हमेशा संभव नहीं होते हैं। साथ ही, ‘खरीदने से पहले आजमाना’ भी संभव नहीं है,
इसलिए सही निर्णय लेने के लिए हमेशा छोटे अक्षरों में लिखी जानकारी या साइज की जानकारी को ध्यान से पढ़ें।
शॉपिंग करते समय सुरक्षित रहें
अगर आप आॅनलाइन सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाते हैं, तो आपको कुछ गंभीर उलझनों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे चोरी की पहचान, धन-हानि, डेटा उल्लंघन। ऐसे में ब्राउजर बार पर ताले का निशान देखने के अलावा, किसी वेबसाइट की सुरक्षा का पता लगाने का एक आसान तरीका यूआरएल देखना है। यदि यूआरएल सुरक्षित है तो वह एचटीटीपीएस से शुरू होगा – एस का अर्थ ‘सुरक्षित’ है। याद रखें कि गूगल पर थोड़ी सी खोज करने से आमतौर पर पता चल जाता है कि कोई आॅनलाइन दुकान सुरक्षित है या नहीं। वेबसाइट पर दी गई समीक्षाओं पर भरोसा न करें, क्योंकि कुछ फर्जी दुकानें मनगढ़ंत समीक्षाएं लिखकर उन्हें असली बताकर दिखाती हैं।
सही वस्तुओं की सर्च करें
अधिकांश वेबसाइटों पर सर्च बार और साइज़, रंग के लिए फिल्टर और कीमत के अनुसार सॉर्ट करने की सुविधा होने से आप जो ढूंढ रहे हैं उसे आसानी से पा सकते हैं। उत्पाद विवरण में आमतौर पर आयाम और आकार की जानकारी के साथ-साथ सामग्री और देखभाल संबंधी निर्देश भी शामिल होते हैं।
अपनी कार्ट या बास्केट में आइटम जोड़ें
एक बार जब आप यह तय कर लें कि कौन सा आइटम सबसे अच्छा है, तो आपको आवश्यक रंग, आकार और मात्रा का चयन करना होगा। कभी-कभी नियमित रूप से उत्पाद प्राप्त करने के लिए सदस्यता लेने से आप पैसे बचा सकते हैं। आपको यकीन हो जाए कि आपने सही आइटम चुन लिया है, तो बस उसे अपनी कार्ट में जोड़ें और आपका 80% काम हो गया।
अपनी शिपिंग का समय और प्राथमिकताएं चुनें
अपनी कार्ट में सामान डालने के बाद, अब चेकआउट का समय आ गया है। आपको अपना शिपिंग पता और शिपिंग विधि डालनी होगी, साथ ही अपने आॅर्डर की जानकारी भी देखनी होगी। यदि आपको अपना सामान किसी निश्चित तिथि तक चाहिए, तो यह जांचना उचित होगा कि वह कब तक पहुंचेगा। सामान्य शिपिंग में आमतौर पर पांच दिन या उससे अधिक समय लगता है।
बचने के उपाय
नकली वेबसाइट और एप से सावधान रहें। केवल भरोसेमंद प्लेटफार्म का इस्तेमाल करें। हमेशा प्रसिद्ध और वेरिफाइड वेबसाइट या अधिकारिक एप से ही खरीददारी करें। वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से जांचें। सर्च बार में यूआरएल खुद टाइप करें, लिंक पर क्लिक न करें। अगर कोई आॅफर बहुत अच्छा लग रहा है, तो सतर्क हो जाएं। असामान्य छूट अक्सर ठगी का इशारा होती है। आॅफर की सच्चाई अधिकारिक साइट पर जाकर ही जांचें। जहाँ तक संभव हो कैश आॅन डिलिवरी का विकल्प चुनें। इससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है। किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से कस्टमर केयर नंबरों की जाँच करें।
यदि आप किसी फ्रॉड का शिकार हो जाएं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या फिर साइबरक्राईमडॉटगोवीडॉटइन पर शिकायत दर्ज करवाएं।
फर्जी वेबसाइट और एप्स
कई साइबर अपराधी प्रसिद्ध ई-कामर्स वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट या एप बनाते हैं। भारी छूट और आकर्षक आॅफर का लालच दिखाकर उपभोक्ताओं से भुगतान करवा लिया जाता है। लेकिन असल में न तो उसमें उत्पाद मिलता है और ना ही पैसा वापिस।
अतिरिक्त शुल्क की वसूली
यह एक ऐसा धोखा है जिसमें चयनित उत्पाद की कीमत पहले तो कम दिखाई जाती है, लेकिन जब भुगतान की बात आती है तो अतिरिक्त शुल्क जैसे सर्विस फीस, हैंडलिंग फीस आदि जोड़ दिए जाते हैं, जिससे उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है।
फिशिंग और पेमेंट के नाम पर धोखाधड़ी
आॅनलाइन खरीददारी के दौरान फर्जी ई-मेल, एसएमएस या सोशल मीडिया के जरीए ओटीपी भेजे जाते हैं, जिसमें कई बार भुगतान रद्द होने या रिफंड के नाम पर लिंक प्रदर्शित होता है। जैसे ही ऐसे लिंक पर क्लिक किया जाता है तो बैंक की जानकारी या ओटीपी चुरा लिया जाता है, जिससे आर्थिक क्षति का अंदेशा बढ़ जाता है।
फर्जी रिव्यू और रेटिंग का फंडा
ज्यादातर खरीददार पॉजिटिव रेंटिंग को देखकर ही खरीद करने का मन बना लेते हैं, जिसको लेकर कुछ उत्पाद विक्रेता अपने उत्पाद को बेहतर साबित दिखाने के लिए फर्जी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं और उच्च रेटिंग डालते हैं। इस प्रकार भी कई बार उपभोक्ता ठग्गी का शिकार बन जाता है।
नकली व घटिया उत्पाद देना
यह भी देखने में आता है कि उपभोक्ता को वह उत्पाद ही नहीं दिया जाता जो उसने स्क्रीन पर देखकर आॅर्डर किया होता है। उसकी जगह कोई और उत्पाद की डिलिवरी करवा दी जाती है। ऐसे उत्पाद गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते।


































































