marriage शादी से पहले करें वित्तीय प्लानिंग
शादी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला है, इसीलिए जिस व्यक्ति के साथ पूरी जिंदगी गुजारनी है उसका चुनाव करने में कई साल भी लग जाते हैं। यदि अच्छा जीवनसाथी मिल भी जाए तो ऐसा जरूरी नहीं कि आज उसके साथ जैसी जिंदगी है, दस-बीस साल बाद भी वैसी ही रहे। समय के साथ-साथ परिस्थितियां बदलती हैं, जिसका असर जिंदगी पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में आपका मजबूत होना बहुत जरूरी है ताकि आप हर दशा का सामना कर सकें।
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तो आइए जानते हैं शादी से पहले किए जाने वाले वित्तीय प्लान की तैयारी:-
बचत खाता खोलें:
हर व्यक्ति के पास उसका अपना एक बैंक खाता तो होना ही चाहिए। भले ही आप फिलहाल कमाई ना कर रहे हों, फिर भी कुछ बचत के पैसे इस खाते में जमा कर सकते हैं। अगर सैलरी अकाउंट है तो उसके बावजूद एक बचत खाता अलग होना चाहिए।
पीपीएफ:
पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी योजना है। न्यूनतम 500 रुपए से आप अपना खाता खोल सकती हैं। बैंक और डाकघर में यह खाता खोला जा सकता है। पीपीएफ की परिपक्वता अवधि 15 वर्ष है, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है। पीपीएफ में ब्याज दर अभी 7.10 फीसदी है। वर्ष में न्यूनतम एक बार निवेश करना अनिवार्य है।
ईटीएफ:
परम्परागत निवेश योजनाओं से हटकर ईटीएफ एक अच्छा वित्तीय स्रोत है। सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स के अतिरिक्त सोने-चांदी आदि के भी ईटीएफ उपलब्ध हैं, जिन्हें किसी शेयर की तरह ही स्टॉक मॉर्केट से खरीदा और बेचा जा सकता है। इन्हें खरीदने के लिए ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड ईटीएफ के यूनिट आप खरीद सकती हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना:
यह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना है। 18 से 70 वर्ष तक की आयु के दौरान आप इस योजना से जुड़ सकती हैं। मात्र 20 रुपए के भुगतान पर आप 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना:
यह योजना केवल 436 रुपए के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का जीवन बीमा प्रदान करती है। 18 से 50 वर्ष की आयु के दौरान आप अपने बैंक के माध्यम से इस योजना से जुड़ सकते हैं।
एनपीएस:
यह योजना पेंशन रेग्युलेटर की ओर से फंड मैनेजर संचालित करते हैं। इस समय देश में 10 फंड मैनेजर कार्यरत हैं, जिनमें किसी के पास आप अपना पेंशन खाता खोल सकते हैं। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर आप अपनी जमा राशि का 60 फीसदी निकाल सकते हैं, जो करमुक्त है। शेष 40 फीसदी राशि आप पेंशन योजना में जोड़ सकते हैं।
रिटायरमेंट स्कीम:
लगभग सभी म्यूचुअल फंड कंपनियों की रिटायरमेंट स्कीम उपलब्ध हैं, जिनमें आप अपनी कमाई के दिनों में निवेश कर वृद्धावस्था में पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
वित्तीय आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास बढ़ता है और आप किसी भी परिस्थिति से निपटने में स्वयं को सक्षम महसूस करेंगे। घरों की बढ़ती कीमतों, लोन की ईएमआई और बच्चों की पढ़ाई पर खर्च निरंतर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि पति-पत्नी दोनों ही अपने आर्थिक संसाधनों को बढ़ाते रहें। वित्तीय आत्मनिर्भरता से रिश्तों में समानता बढ़ती है। -अविनाश त्यागी































































