Experiences of Satsangis: जन्म से अंधे-बहरे बच्चे को दिखने व सुनने लगा
जन्म से अंधे-बहरे बच्चे को दिखने व सुनने लगा
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी...
लंगर पकता रहा, पीपे में आटा ज्यों का त्यों रहा… -सत्संगियों के अनुभव
लंगर पकता रहा, पीपे में आटा ज्यों का त्यों रहा... -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता प्रकाश इन्सां पत्नी...
सतगुरु प्रत्येक क्षण अपने शिष्य की सम्भाल करता है
सतगुरु प्रत्येक क्षण अपने शिष्य की सम्भाल करता है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी चरण दास पुत्र श्री गंगा सिंह...
मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी फूल सिंह इन्सां सुपुत्र...
तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे -सत्संगियों के अनुभव
तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे -सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis - पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी...
बेपरवाह जी के पावन वचन दूसरी व तीसरी बॉडी में हुए पूरे -सत्संगियों के...
बेपरवाह जी के पावन वचन दूसरी व तीसरी बॉडी में हुए पूरे -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी हंसराज...
Experience of Satsangis: हमने तो नाली (घग्गर) देखने जाना है। नहीं, अभी जाना है
हमने तो नाली (घग्गर) देखने जाना है। नहीं, अभी जाना है: सत्संगियों के अनुभव Experience of Satsangis
- पूज्य डॉ. एमएसजी (हजूर पिता जी) का...
बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं
... बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं :- पूज्य हजूर पिता डॉ. एमएसजी की रहमत
प्रेमी जगदीश राय इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी श्री शाम लाल...
बेटा! काम तो मालिक ने करना है -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! काम तो मालिक ने करना है -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने की दया-मेहर
बहन ब्रह्मा देवी इन्सां पत्नी सचखंडवासी...
सतगुरु जी ने अपने शिष्यों की मांग पूरी की
सन 1952 की बात है कि मेरे गांव के कुछ सत्संगी भाइयों ने डेरा सच्चा सौदा सरसा में पहुँच कर बेपरवाह मस्ताना जी के चरण-कमलों में विनती की कि शहनशाह जी हमारे गांव में सत्संग करो जी। बेपरवाह जी ने उनकी विनती मंजूर कर ली।













































































