हुण बालण दा कोई तोड़ा नहीं रहेगा -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी फरियाद सिंह इन्सां प्रीत नगर सरसा से बताता है कि सन् 1967 की बात...
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज की कृपा-दृष्टि
ज्ञानी करतार सिंह गांव रामपुर थेड़ी(सरसा) से...
पूजनीय सतगुरु जी ने खुदाई बालक स्वरूप में दर्शन दिए -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सतगुरु जी ने खुदाई बालक स्वरूप में दर्शन दिए -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सेवादार बहन खुशजीत...
‘बेटा! घबरौणा नहीं, मालिक तेरियां हवेलियां पा देवेगा…’ – सत्संगियों के अनुभव
‘बेटा! घबरौणा नहीं, मालिक तेरियां हवेलियां पा देवेगा...’ - सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी जगराज सिंह इन्सां...
कर दिया जीवन सार्थक :-सत्संगियों के अनुभव
कर दिया जीवन सार्थक :-सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
काफी पुराने व बुजुर्ग प्रेमी निरंजन सिंह जी उर्फ...
सतगुरु ने अपने शिष्य की रक्षा की -सत्संगियों के अनुभव
सतगुरु ने अपने शिष्य की रक्षा की -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी सुखदेव सिंह फौजी इन्सां पुत्र...
जो नाम तुम्हें दिया है, इसका भजन करो …सत्संगियों के अनुभव
जो नाम तुम्हें दिया है, इसका भजन करो ...सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
श्री राम इन्सां उर्फ सूबेदार पुत्र स....
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव - पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
मेरी माता को शंका हो गई...
Experiences of Satsangis: पूजनीय परम पिता जी की दया-मेहर,सोचा, कंघा-शीशा व पैसिंल मेरे किस...
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis
प्रेमी खेता राम सुपुत्र श्री शोकरण गांव नीठराना तहसील भादरा जिला हनुमानगढ़ (राज.)। पूज्य सतगुरु परम पिता की प्रेमी...
सतगुरु जी ने अपने शिष्यों की मांग पूरी की
सन 1952 की बात है कि मेरे गांव के कुछ सत्संगी भाइयों ने डेरा सच्चा सौदा सरसा में पहुँच कर बेपरवाह मस्ताना जी के चरण-कमलों में विनती की कि शहनशाह जी हमारे गांव में सत्संग करो जी। बेपरवाह जी ने उनकी विनती मंजूर कर ली।














































































