बेटा। तूं उहनां अफसरां नूं मिलके आऊणा सी।..Experiences of Satsangis
परम पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज की अपार रहमत
बेटा। तूं उहनां अफसरां नूं मिलके आऊणा सी। Son.. You are an unhappy officer..
उहनां तैनूं...
बेटा सब ठीक हो जाएगा’ -सत्संगियों के अनुभव
‘बेटा सब ठीक हो जाएगा’ -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
मिस्त्री हंसराज इन्सां सुपुत्र...
चौधरी बस पर नहीं जाना, भैंस के साथ जाना है -सत्संगियों के अनुभव
चौधरी बस पर नहीं जाना, भैंस के साथ जाना है -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
श्री हंसराज पुत्र श्री जीवन...
बेटा! सब कुछ ठीक हो जाएगा। -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! सब कुछ ठीक हो जाएगा। -सत्संगियों के अनुभव
बहन रूपेन्द्र कौर इन्सां पत्नी प्रेमी गुरतेज सिंह, गांव चक्क अतर सिंह वाला जिला बठिंडा से...
…जब सार्इं जी ने बिना बारी नहर का पानी छुड़वाया! -सत्संगियों के अनुभव
...जब सार्इं जी ने बिना बारी नहर का पानी छुड़वाया! -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रे्रमी बाग चंद पुत्र...
बेटा! यह शब्द बोलो!! -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! यह शब्द बोलो!! -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
रणजीत सिंह पुत्र सचखंडवासी हवलदार प्रेमी केहर सिंह जी...
कर दिया जीवन सार्थक :-सत्संगियों के अनुभव
कर दिया जीवन सार्थक :-सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
काफी पुराने व बुजुर्ग प्रेमी निरंजन सिंह जी उर्फ...
…बेटा! दुनिया की निगाह से भी बचना है -सत्संगियों के अनुभव
...बेटा! दुनिया की निगाह से भी बचना है -सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis - पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी...
जिस दिन तेरे लंगर खत्म हो जाएंगे, असीं तुझे ले जाएंगे – सत्संगियों के...
जिस दिन तेरे लंगर खत्म हो जाएंगे, असीं तुझे ले जाएंगे - सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी...
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
सत्संगियों के अनुभव : पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
मास्टर सुरेशपाल इन्सां पुत्र श्री देस राज इन्सां गाँव झरौली खुर्द डाकघर कलसानां जिला कुरुक्षेत्र(हरियाणा), पूज्य गुरु जी की अपार रहमत का वर्णन करते हुए बताते हैं कि मेरे दो पुत्रियां थी, परन्तु मन में हमेशा यही ख्याल रहता कि अगर वाली दो जहान पूज्य सतगुरु जी एक पुत्र बख्श दें तो बहुत बढ़िया हो जाए।













































































