चुटकियों में काट दिया भारी कर्म -सत्संगियों के अनुभव
चुटकियों में काट दिया भारी कर्म -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी बृजपाल सिंह, निवासी गांव बाफर जिला...
सतगुरु जी ने स्पेशल चालीस जीवों को नाम-शब्द बख्शा -Experiences of Satsangis
सत्संगियों के अनुभव - पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
बहन हाकमा देवी इन्सां पत्नी सचखण्ड वासी श्री सतपाल अहूजा इन्सां...
चौधरी बस पर नहीं जाना, भैंस के साथ जाना है -सत्संगियों के अनुभव
चौधरी बस पर नहीं जाना, भैंस के साथ जाना है -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
श्री हंसराज पुत्र श्री जीवन...
बेटा! जा घर नूं। तूं आॅप्रेशन नहीं करवौणा’’ -सत्संगियों के अनुभव
‘‘बेटा! जा घर नूं। तूं आॅप्रेशन नहीं करवौणा’’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
माता लाजवंती इन्सां पत्नी सचखण्डवासी...
वचन सुनकर घर पहुंचा तो समझ आई पूरी बात
वचन सुनकर घर पहुंचा तो समझ आई पूरी बात
सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी जोगिन्द्र सिंह रंधावा इन्सां गली...
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी फूल सिंह इन्सां सुपुत्र...
जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम - जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
प्रेमी हरीचंद पंज कल्याणा सरसा शहर(हरियाणा) से पूज्य बेपरवाह मस्ताना जी महाराज की अपार दया मेहर का वर्णन इस प्रकार करता है:-
लंगर पकता रहा, पीपे में आटा ज्यों का त्यों रहा… -सत्संगियों के अनुभव
लंगर पकता रहा, पीपे में आटा ज्यों का त्यों रहा... -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता प्रकाश इन्सां पत्नी...
बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं
... बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं :- पूज्य हजूर पिता डॉ. एमएसजी की रहमत
प्रेमी जगदीश राय इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी श्री शाम लाल...












































































