तू चौथे डब्बे विच्च जा के बैठ जा -सत्संगियों के अनुभव
तू चौथे डब्बे विच्च जा के बैठ जा -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी प्रगट सिंह पुत्र सचखण्डवासी नायब...
बेटा! एवल पच्ची लै लै,आराम आ जाएगा…सत्संगियों के अनुभव
बेटा! एवल पच्ची लै लै,आराम आ जाएगा ... सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की दया-मेहर
बहन बलजीत...
तुझसे ही पूछा, जाया करेगा -सत्संगियों के अनुभव
तुझसे ही पूछा, जाया करेगा’ :सत्संगियों के अनुभव- पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी मुखत्यार सिंह इन्सां पुत्र सचखंडवासी श्री जग्गर...
तुम हमारे होओगे तो… -सत्संगियों के अनुभव
तुम हमारे होओगे तो... -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी देस राज इन्सां निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा...
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज की कृपा-दृष्टि
ज्ञानी करतार सिंह गांव रामपुर थेड़ी(सरसा) से...
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
सत्संगियों के अनुभव : पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
मास्टर सुरेशपाल इन्सां पुत्र श्री देस राज इन्सां गाँव झरौली खुर्द डाकघर कलसानां जिला कुरुक्षेत्र(हरियाणा), पूज्य गुरु जी की अपार रहमत का वर्णन करते हुए बताते हैं कि मेरे दो पुत्रियां थी, परन्तु मन में हमेशा यही ख्याल रहता कि अगर वाली दो जहान पूज्य सतगुरु जी एक पुत्र बख्श दें तो बहुत बढ़िया हो जाए।
समय पर चलते नहीं, फिर नारे लगाते हो
समय पर चलते नहीं, फिर नारे लगाते हो :
सत्संगियों के अनुभव पूजनीय बेपरवाह मस्ताना जी की रहमत....
ज्ञानी करतार सिंह जी लाट साहब, गांव रामपुरथेड़ी...
मौत से भयानक कर्म था जो सतगुुरु ने सेवा में काट दिया -सत्संगियों के...
मौत से भयानक कर्म था जो सतगुुरु ने सेवा में काट दिया -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी...
जो नाम तुम्हें दिया है, इसका भजन करो …सत्संगियों के अनुभव
जो नाम तुम्हें दिया है, इसका भजन करो ...सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
श्री राम इन्सां उर्फ सूबेदार पुत्र स....
चल उठ भई! तुझे तो ड्यूटी पर टाईम से पहुंचना है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम | सत्संगियों के अनुभव
मास्टर लीला कृष्ण उर्फ लीलाधर पुत्र श्री पुरुशोत्तम दास, नानक नगरी, मकान न.122, मोगा (पंजाब)। प्रेमी जी अपने पूजनीय सतगुरु परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक अलौकिक करिश्मे का इस प्रकार वर्णन करता है:-















































































