पावन वचन ज्यों के त्यों पूरे हुए -सत्संगियों के अनुभव
पावन वचन ज्यों के त्यों पूरे हुए -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी देसराज इन्सां (कविराज) सुपुत्र सचखंडवासी प्रेमी...
मौत से भयानक कर्म था जो सतगुुरु ने सेवा में काट दिया -सत्संगियों के...
मौत से भयानक कर्म था जो सतगुुरु ने सेवा में काट दिया -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी...
Experience of Satsangis: गुम हुए गहने सही-सलामत मिले
सत्संगियों के अनुभव डॉ. एमएसजी लायनहार्ट पिता जी की रहमत बहन मीनूं इन्सां पत्नी प्रेमी गोविंद प्रकाश इन्सां गली नं. 8 प्रीतनगर सरसा।
पूज्य सतगुरु...
प्रगट सिंह! तकड़ा हो, असीं आए। -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार कृपा
सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी प्रगट सिंह पुत्र सचखण्ड वासी नायब सिंह गांव नटार जिला सरसा(हरियाणा)।
अक्तूबर 1991...
Experiences of Satsangis: लो पुट्टर, तेरे को नूरी बॉडी का पहना हुआ कोट देते...
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम Experiences of Satsangis
सेवादार दादू पंजाबी डेरा सच्चा सौदा सरसा से शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक...
जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम - जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
प्रेमी हरीचंद पंज कल्याणा सरसा शहर(हरियाणा) से पूज्य बेपरवाह मस्ताना जी महाराज की अपार दया मेहर का वर्णन इस प्रकार करता है:-
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
एक का नाम गुरविंदर, दूसरे का नाम गुरबख्श रखना -Experiences of Satsangis
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis एक का नाम गुरविंदर, दूसरे का नाम गुरबख्श रखना
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी...
जड़ से खत्म हुआ असाध्य रोग -सत्संगियों के अनुभव
जड़ से खत्म हुआ असाध्य रोग -सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
श्री बिहारी...
जैसा सोचा, जैसा मांगा, वैसा ही मिला -सत्संगियों के अनुभव
जैसा सोचा, जैसा मांगा, वैसा ही मिला :सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी...















































































