मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
मिट्टी बन गई अकसीर -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी फूल सिंह इन्सां सुपुत्र...
सतगुरु जी ने बख्शी अपनी अपार रहमतें -सत्संगियों के अनुभव
सतगुरु जी ने बख्शी अपनी अपार रहमतें -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार कृपा
एसडीओ श्री करम सिंह जी इन्सां...
सतगुरु जी की मेहर से बच गया सुरक्षित -सत्संगियों के अनुभव
सतगुरु जी की मेहर से बच गया सुरक्षित -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी पाला सिंह, गांव डसका, जिला...
बेटा! उस वास्ते प्रशाद देते हैं… सत्संगियों के अनुभव
बेटा! उस वास्ते प्रशाद देते हैं... सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी हरबंस...
सच्चे सार्इं जी ने जो फरमाया, सच हुआ -सत्संगियों के अनुभव
सच्चे सार्इं जी ने जो फरमाया, सच हुआ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता सायर धर्म पत्नी माला राम ढाणी...
मेरा सतगुरु ‘मोया राम’ नहीं, वो ‘जिंदाराम’ है
फरवरी 1960 में मेरी शादी हुई। जब शादी हुई तो मेरे पति बीमार थे। वह इतने बीमार थे कि कुछ खाते-पीते नहीं थे। हर कोई कहता था कि ये बचेंगे नहीं, चोला छोड़ेंगे। उन दिनों में बेपरवाह मस्ताना जी महाराज डेरा सच्चा सौदा रानियां में पधारे हुए थे।











































































