Experiences of Satsangis: जन्म से अंधे-बहरे बच्चे को दिखने व सुनने लगा
जन्म से अंधे-बहरे बच्चे को दिखने व सुनने लगा
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी...
बेटा, एक नहीं, तुझे दो वीरे देंगे’ -सत्संगियों के अनुभव
बेटा, एक नहीं, तुझे दो वीरे देंगे’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी जगदीश चंद फोरमेन (बिजली विभाग) पुत्र...
अपने शिष्य का मौत जैसा भयानक कर्म सपने में ही भुगतवा दिया -सत्संगियों के...
अपने शिष्य का मौत जैसा भयानक कर्म सपने में ही भुगतवा दिया -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी हंस राज...
हुण तू तक्कड़ी हो जा! -सत्संगियों के अनुभव
... हुण तू तक्कड़ी हो जा! -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
बहन बलजीत कौर इन्सां सुपुत्री सचखंडवासी नायब सिंह...
तुम्हारी कोई हानि नहीं होने देंगे -सत्संगियों के अनुभव
तुम्हारी कोई हानि नहीं होने देंगे -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
मैं चरण दास पुत्र श्री गंगा सिंह गांव...
पूज्य सतगुरु जी ने बाल स्वरूप में दर्शन दिए -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य सतगुरु जी ने बाल स्वरूप में दर्शन दिए -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सेवादार बहन शमां इन्सां...
पुट्टर! अब काल चार साल तक तेरे पास नहीं आएगा।’ -सत्संगियों के अनुभव
पुट्टर! अब काल चार साल तक तेरे पास नहीं आएगा।’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी कबीर, गाँव मोहमदपुर...
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
हुण बालण दा कोई तोड़ा नहीं रहेगा -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी फरियाद सिंह इन्सां प्रीत नगर सरसा से बताता है कि सन् 1967 की बात...
बेटा! फिक्र्र ना कर’ -सत्संगियों के अनुभव
‘बेटा! फिक्र्र ना कर’ सत्संगियों के अनुभव
परम पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
माता सुषमा इन्सां पत्नी सचखण्डवासी श्री यशपाल इन्सां...












































































