चल उठ भई! तुझे तो ड्यूटी पर टाईम से पहुंचना है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम | सत्संगियों के अनुभव
मास्टर लीला कृष्ण उर्फ लीलाधर पुत्र श्री पुरुशोत्तम दास, नानक नगरी, मकान न.122, मोगा (पंजाब)। प्रेमी जी अपने पूजनीय सतगुरु परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक अलौकिक करिश्मे का इस प्रकार वर्णन करता है:-
12 वर्ष बाद सच हुए रूहानी वचन -सत्संगियों के अनुभव
12 वर्ष बाद सच हुए रूहानी वचन -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी दलीप सिंह पुत्र श्री दम्मन सिंह...
भयानक कर्म भी कट जाते हैं।
मेरा लड़का हरजिन्द्र सिंह उम्र 35 वर्ष मोटरसाइकिल पर गाँव से पीलीबंगा आ रहा था। अचानक उसकी आँख में मच्छर वगैरा कुछ पड़ गया। वह आँख मसलने लगा तो मोटर साईकिल का बैलेंस बिगड़ गया और वह पक्की सड़क पर जोर से गिर पड़ा। उसी समय मेरे पास पीलीबंगा से फोन आया कि आपके लड़के हरजिन्द्र का एक्सीडैंट हो गया है।
तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे
सत्संगियों के अनुभव
पूज्य बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे
प्रेमी कबीर दास, निवासी गांव महमदपुर रोही जिला...









































































