Dera Sacha Sauda
Saree enhances personality -sachi shiksha hindi

व्यक्तित्व में चार-चांद लगाती है साड़ी

व्यक्तित्व में चार-चांद लगाती है साड़ी साड़ी विश्व के प्राचीनतम महिलाओं के वस्त्रों में मानी जाती है। भारत में वेशभूषा के विकास-क्रम पर नजर डालें...
Serve as much food as you wish

Food Serve: जितनी इच्छा थाली में उतना ही परोसें भोजन

अगर आप किसी भी भोज में देखें तो ऐसे बहुत से लोग मिल जायेंगें, जो परोस तो ज्यादा लेते हैं लेकिन खा नहीं पाते और जूठा छोड़ देते हैं। आप कहीं भी जाएं, हमेशा ध्यान रखें कि जो खाद्य पदार्थ आपको पसंद है, वो ही परोसें और सिर्फ उतना ही लें, जितना आप खा सकते हैं। वहीं अगर यह प्रोग्राम आपके द्वारा या आपके घर पर आयोजित किया जा रहा है, तो विशेष ध्यान रखें कि खाने की जगह पर एक बैनर लगाकर भी लोगों को जूठन न छोड़ने के लिए जागरूक कर सकते हैं।

नौकरों पर ही न रहें निर्भर

नौकरों पर ही न रहें निर्भर आधुनिक युग में अच्छे खाते-पीते घरों में नौकर-नौकरानी एक जरूरत बन गए है। मध्यम परिवारों में मजÞबूरी होने पर...
Children who grow up under the umbrella of elders are cultured

संस्कारी होते हैं बुजुर्गों की छत्र-छाया में पलने वाले बच्चे

संस्कारी होते हैं बुजुर्गों की छत्र-छाया में पलने वाले बच्चे Children who grow up बड़े-बुजुर्गों के आशीषों और शुभकामनाआें के साथ ही घर तरक्की करते...
Holi color will not work in hair -sachi shiksha hindi

Holi Color: बालों में नहीं चढ़ेगा होली का रंग

Holi Color बालों में नहीं चढ़ेगा होली का रंग होली है, तो रंगों से खेलना भी है। और खूब खेलना है, क्योंकि रंगों से खेलेंगे...
शादी के बाद कैसे करें नए रिश्तों से एडजस्टमेंट

शादी के बाद कैसे करें नए रिश्तों से एडजस्टमेंट

शादी के बाद कैसे करें नए रिश्तों से एडजस्टमेंट शादी के बाद नई दुल्हन को नए माहौल में नए लोगों के साथ मधुर रिश्ता बनाने...
homemaker not housewife -sachi shiksha hindi

अब घरेलू महिला नहीं, होममेकर कहिए

अब घरेलू महिला नहीं, होममेकर कहिए अधिकतर लोगों का नजरिया, कामकाजी महिलाओं की तुलना में घरेलू महिलाओं को हीन समझना होता है। घर की जिम्मेदारियों...

घर पर ही करें कसरत, रखें बॉडी फिट

घर पर ही करें कसरत, रखें बॉडी फिट हम सभी जानते हैं कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। एक...
diwali essay in hindi sachi shiksha

रिश्तों को सुधारें , कुछ यूं मनाएं सुरक्षित दिवाली

परिवार और रिश्तेंदारों की अपेक्षा पड़ोसी ही हमारे सबसे नजदीक होते हैं। चाहने पर भी वो हमेशा हमारी मदद के लिए अक्सर नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे समय पड़ोसी ही मदद के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पड़ोसियों से अपने रिलेशन को अच्छा बना कर रखना बहुत जरूरी होता है
अपने पिता को दें खास उपहार

अपने पिता को दें खास उपहार

फादर्स डे (18 जून) अपने पिता को दें खास उपहार वह भले ही मां की तरह आपकी पहली शिक्षिका न हों, लेकिन जिंदगी के बहुत...

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कैंसर को किया कैंसिल

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सत्संगियों के अनुभव पूज्य हजूर पिता जी की रहमत प्रेमी विजय कुमार इन्सां (विजय बंसरी वाला) सुपुत्र प्रेमी सतपाल इन्सां मेला ग्राउंड शाह सतनाम जी...

प्रचण्ड आग से सुरक्षित निकाला

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सत्संगियों के अनुभव - पूज्य परम पिता जी की रहमत प्रचण्ड आग से सुरक्षित निकाला प्रेमी दारा खान इन्सां निवासी न्यू गुरु अर्जनदेव जी कालोनी...

बेटी को हर बात समझाए मां

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बेटी को हर बात समझाए मां :  माँ-बेटी का रिश्ता बड़ा ही प्रेम से भरपूर व विश्वासी होता है। बेटी अपने सबसे करीब मां को...

होटल ऐसे समुद्र में 20 फीट नीचे

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अक्सर जब भी किसी लग्जरी होटल रूम की बात होती है तो कई लोग कल्पनाओं की उड़ान भरने लगते हैं। एक ऐसी ही कल्पना...

Spiritual Satsang: सेवा के साथ सुमिरन करो, सोने पे सुहागा

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रूहानी सत्संग (3 जुलाई 2016)  डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम जी धाम, सरसा Spiritual Satsang मालिक की प्यारी साध-संगत जीओ! इस कलयुग में दृढ़ यकीन,...