‘दूसरी मां’ होती है ‘बेटी’
एक गर्भवती स्त्री ने अपने पति से कहा, ‘‘आप क्या आशा करते हैं, लड़का होगा या लड़की?’’
इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वो कहां है, क्योंकि बेटियाँ परी होती हैं, जो सदा बिना शर्त के प्यार और देखभाल के लिए जन्म लेती हैं। बेटियां सबके मुकद्दर में कहाँ होती हैं, जो घर ईश्वर को पसंद हो, वहां ही बेटी होती है।
बच्चों को दें सफाई के संस्कार
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प्रत्येक अभिभावक के लिए बच्चे को उसके कमरे व सामानों की साफ-सफाई से जुड़े कार्यों को सिखाना सबसे चुनौती...
मशीनें भी मांगें सफाई
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फ्रिज की बदबू हो या फिर स्टिकर्स की चिपचिप। इनसे निजात दिलाने में कुछ घरेलू उत्पाद आपकी मदद कर सकते हैं।
बारिश...
बच्चे बनें मेमरी मास्टर
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वैसे तो बच्चों की याददाश्त बड़ों से अधिक तेज होती है पर कई बच्चे बाकी बातें तो याद रख लेते हैं...
Confidence Daughters: बचपन से ही बेटियों में आत्मविश्वास भरना बेहद जरूरी
आज के समय में बेटियों का पालन पोषण और उनका सही तरीके से मार्गदर्शन करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इस बदलते दौर...
परदे भी हैं आपके घर की शान
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प्राय: आप अपने घर को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह की सजावट करते हैं। घर में प्लांट्स लगाना,...
Growing child: बढ़ते बच्चे के साथ कैसे आएं पेश?
बढ़ते बच्चे के साथ कैसे आएं पेश? Growing child -अगर आप किसी बच्चे के मां बाप से मिलें और उनसे उनके बच्चे के बारे...
सर्दियों के कुछ हर्बल ड्रिंक
सर्दियों के कुछ हर्बल ड्रिंक: सर्दियों में सर्दी जुकाम का होना आम समस्या है। इसी प्रकार जोड़ों में दर्द भी इन दिनों बढ़ जाता...
बच्चों को संवारिए सलीके से
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बच्चे मां बाप की ‘आंख के तारे‘ होते हैं। बच्चों से, ‘घर घर लगता है‘, ‘बच्चे मां बाप के कलेजे...
Guest: मेहमान कहीं आपकी परेशानी का कारण तो नहीं बन रहा
मेहमान को भगवान का रूप माना जाता है और उसके स्वागत सत्कार में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। यह बात कहने और सुनने में तो अच्छी लगती है पर क्या आज अतिथि वाकई भगवान का रूप हैं? शायद नहीं। आज अतिथि की सोच बदल गई है।















































































