Success Farmer: खूब रंग लाई युवा किसान की मेहनत
अमेरिका-जापान को भेज रहा करोड़ों के जैविक उत्पाद Success Farmer
आजकल ऐसी अवधारणा बन गई है कि खेती घाटे का सौदा है। मानसून और मौसम...
स्ट्राबेरी मिसाल बनी पिता-पुत्र की जोड़ी
स्ट्राबेरी मिसाल बनी पिता-पुत्र की जोड़ी
स्ट्राबेरी के लिए एक एकड़ खेत में पौधे लगाने पर छह लाख रुपये का खर्च आता है। सात महीने...
सूक्ष्म सिंचाई योजना हर खेत को मिलेगा पानी
सूक्ष्म सिंचाई योजना micro irrigation scheme हर खेत को मिलेगा पानी
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किसानों को लाभ...
सिवानी के यशपाल सिहाग ने दिखाई खेती को नई राह
देश की केंद्र व हरियाणा सरकारें चाहे किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुना करने की दिशा में कार्य कर रही हों, लेकिन परम्परागत किसानी छोड़ आधुनिक खेती करने वालों के लिए माडर्न किसान सिवानी बोलान (हिसार) निवासी यशपाल सिहाग आधुनिक कृषि में रोल मॉडल साबित हो सकते हैं।
लेमन ग्रास की खेती कर बनाई अलग पहचान
लेमन ग्रास की खेती कर बनाई अलग पहचान
देशभर में जहां कई किसान कृषि को घाटे का सौदा मानकर इसे छोड़ रहे हैं तो वहीं...
राजपाल गांधी ने स्टीविया की खेती को दिया नया आयाम
राजपाल गांधी ने स्टीविया की खेती को दिया नया आयाम
वर्ष 2014 की बात है, जब हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन किसानों को राष्ट्रीय...
कोलकाता, अयोध्या जैसे विख्यात शहरों तक मशहूर है ‘राझेड़ी’ की शिमला मिर्च
कोलकाता, अयोध्या जैसे विख्यात शहरों तक मशहूर है ‘राझेड़ी’ की शिमला मिर्च
रादौर उपमंडल का खादर क्षेत्र कई वर्षों से सब्जी उत्पादन में हब बना...
गेहूँ फसल को पीलेपन से बचाने में कारगर है यह छिड़काव
गेहूँ फसल को पीलेपन से बचाने में कारगर है यह छिड़काव
सभी फसलों की भांति गेहूँ को भी अधिक पैदावार के लिए संतुलित पोषक तत्वों...
कीड़ाजड़ी से करोड़पति बनी ‘मशरूम गर्ल’
दिव्या का आइडिया कामयाब हुआ और काफी अच्छी मात्रा में मशरूम का उत्पादन हुआ। इससे उनका हौसला बढ़ा। दिव्या बताती हैं कि वो साल में तीन तरह का मशरूम उगाती हैं। 2018 में दिव्या ने एक टी रेस्टोरेंट खोला है जहां बेशकीमती औषधि ‘कीड़ाजड़ी’ से बनी चाय परोसी जाती है। इस रेस्टोरेंट में दो कप चाय की कीमत 1,000 रुपये है। लेकिन दिव्या के यहां पहुंचने का सफर दिलचस्प है। ( Mushroom girl )
सुख-समृद्धि का पर्व है बैसाखी
सुख-समृद्धि का पर्व है बैसाखी
रत को यदि पर्वोत्सवों की खान कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। अभावों के साये में जीने के बावजूद...















































































