गेहूँ फसल को पीलेपन से बचाने में कारगर है यह छिड़काव
गेहूँ फसल को पीलेपन से बचाने में कारगर है यह छिड़काव
सभी फसलों की भांति गेहूँ को भी अधिक पैदावार के लिए संतुलित पोषक तत्वों...
सुखी रहे अन्नदाता
सम्पादकीय
सुखी रहे अन्नदाता
कृषि भारतीय अर्थ-व्यवस्था का मेरूदण्ड है। जहां एक ओर यह एक प्रमुख रोजगार प्रद्त क्षेत्र है, वहीं देश की सकल घरेलू उत्पाद...
लेमन ग्रास की खेती कर बनाई अलग पहचान
लेमन ग्रास की खेती कर बनाई अलग पहचान
देशभर में जहां कई किसान कृषि को घाटे का सौदा मानकर इसे छोड़ रहे हैं तो वहीं...
रूरल मैनेजमेंट: ग्रामीण क्षेत्रों को गति देने वाला पेशा
रूरल मैनेजमेंट: ग्रामीण क्षेत्रों को गति देने वाला पेशा
यदि आप ग्रामीण विकास में योगदान के साथ ही अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके...
Sesame farming: रेतीली मिट्टी में कारगर है नगदी फसल तिल की खेती
रेतीली मिट्टी में कारगर है नगदी फसल तिल की खेती Sesame farming
खेत-खलिहान
मानसून का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में किसान भाइयों के लिए...
Guava Cultivation लक्ष्मी-मनोज खंडेलवाल ने अमरूद की खेती से बनाई पहचान
लक्ष्मी-मनोज खंडेलवाल ने अमरूद की खेती Guava Cultivation से बनाई पहचान गुरजंट धालीवाल, जयपुर
भारत की ग्रामीण महिलाओं को देश की असली वर्किंग वुमन कहा...
बेहतर कमाई के लिए करें काले गेहूं की खेती
बेहतर कमाई के लिए करें काले गेहूं की खेती
बढ़ती जनसंख्या के साथ विश्व में भोजन की कमी और आवश्यकता दोनों तेजी से बढ़ रही...
Mushroom girl: कीड़ाजड़ी से करोड़पति बनी ‘मशरूम गर्ल’
दिव्या का आइडिया कामयाब हुआ और काफी अच्छी मात्रा में मशरूम का उत्पादन हुआ। इससे उनका हौसला बढ़ा। दिव्या बताती हैं कि वो साल में तीन तरह का मशरूम उगाती हैं। 2018 में दिव्या ने एक टी रेस्टोरेंट खोला है जहां बेशकीमती औषधि ‘कीड़ाजड़ी’ से बनी चाय परोसी जाती है। इस रेस्टोरेंट में दो कप चाय की कीमत 1,000 रुपये है। लेकिन दिव्या के यहां पहुंचने का सफर दिलचस्प है। ( Mushroom girl )
सब्जियों की पत्तियों पर बनी आकृतियों का सच
सब्जियों की पत्तियों पर बनी आकृतियों का सच
हरियाणा में 90 के दशक में यह भ्र्रम खूब फैला था कि सब्जियों के पौधों की पत्तियों...
Baisakhi: सुख-समृद्धि का पर्व है बैसाखी
सुख-समृद्धि का पर्व है बैसाखी
रत को यदि पर्वोत्सवों की खान कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। अभावों के साये में जीने के बावजूद...














































































