नोबेल पुरस्कार क्या है?
नोबेल पुरस्कार क्या है?
प्रतिवर्ष आपको विभिन्न समाचार माध्यमों से यह ज्ञात होता होगा कि इस वर्ष नोबेल पुरस्कार अमुक अमुक विषयों के लिए अमुक...
गणित विषय में भविष्य की अपार सम्भावनाएं
गणित विषय में भविष्य की अपार सम्भावनाएं
कोई भी देश केवल तभी तरक्की कर सकता है जब उस देश का नागरिक शिक्षित होगा। प्रत्येक व्यक्ति...
सिप (sip) मंथली बनाम डेली: कौन-सा विकल्प आपके लिए सही
सिप (sip) मंथली बनाम डेली: कौन-सा विकल्प आपके लिए सही
सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है, खासकर म्यूचुअल फंड में। यह निवेशकों...
बहुभाषी शिक्षिका डॉ. माधवी इन्सां
बहुभाषी शिक्षिका डॉ. माधवी इन्सां
पूज्य गुरु जी की प्रेरणा की बदौलत भारत की टॉप गेमचेंजर महिलाओं में शुमार
चंबल नदी के छोटे से क्षेत्र रावतभाटा...
आईआईटी खड़गपुर वार्षिक उत्सव क्षितिज: KTJ-2022 अब नई ऊर्जा के साथ आपके बीच, पंजीकरण...
आईआईटी खड़गपुर वार्षिक उत्सव क्षितिज: KTJ-2022 अब नई ऊर्जा के साथ आपके बीच, पंजीकरण नि:शुल्क
क्षितिज या केटीजे, (KTJ 2022) वार्षिक स्तर पर आईआईटी खड़गपुर (Kshitij, IIT...
काम और अध्ययन में बनाएं संतुलन
काम और अध्ययन में बनाएं संतुलन
पढ़ाई के साथ-साथ काम करना कोई नई अवधारणा नहीं है। यह अवधारणा पश्चिमी देशों में काफी समय से सफल...
मुद्रा लोन लेकर लिखी सफलता की इबारत
कुछ कर लूं, कुछ कमा लूं और कुछ दूसरे को दे दूं-असम में रंगिया के रहने वाले हृदय डेका की यही तमन्ना थी। मुद्रा लोन ने इनकी ये तमन्ना पूरी कर दी। 2015 से पहले एक छोटी सी मिठाई की दुकान चलाने वाले हृदय डेका ने स्टेट बैंक आॅफ इंडिया से 50 हजार का मुद्रा लोन लिया और अपनी दुकान डेका स्वीट को विस्तार दिया।
विद्यार्थियों के अभिनव विचारों को मूर्त रूप देने में कारगर अटल टिंकरिंग लैब
विद्यार्थियों के अभिनव विचारों को मूर्त रूप देने में कारगर अटल टिंकरिंग लैब
अटल टिंकरिंग लैब विद्यार्थियों को 21वीं शताब्दी के जरूरी स्किल्स से मुखातिब...
मीठीबाई क्षितिज व मोबिस्टोरम समर्थित क्षितिज कार्निवल ने मचाया धमाल
मीठीबाई क्षितिज व मोबिस्टोरम समर्थित क्षितिज कार्निवल ने मचाया धमाल
इस बार मीठीबाई क्षितिज और मोबिस्टोरम ने सांझे तौर पर क्षितिज कार्निवल की मेजबानी की,...
माँ से अच्छा ट्यूटर कोई नहीं
माँ से अच्छा ट्यूटर कोई नहीं
अपने बच्चों को महंगे पब्लिक स्कूलों में पढ़ाने की लालसा आज इस कदर बढ़ चुकी है कि माता-पिता अपने...















































































