Kargil Vijay Diwas

Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस:भारत के वीरों की गाथा

Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस:भारत के वीरों की गाथा 26जुलाई को देश कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह दिन भारतीय...
want to be a smart package -sachi shiksha hindi

बनना चाहते हैं स्मार्ट पैकेज

बनना चाहते हैं स्मार्ट पैकेज आज की युवा पीढ़ी बहुत एंबीशियस है। ’छूना है आसमान‘, ’सफलता अपनी मुट्ठी में‘, ’आई एम द बेस्ट‘ ’हम में...
जब करनी पड़े बारगेनिंग

जब करनी पड़े बारगेनिंग

जब करनी पड़े बारगेनिंग शापिंग और बारगेनिंग दोनों का चोली दामन का साथ है। शापिंग का शौक अधिकतर महिलाओं को होता है और महिलाएं बारगेनिंग...
Mango

Mango: आम खाने से पहले पानी में रखें

Mango: आम खाने से पहले पानी में रखें गर्मियों में आम का स्वाद लेने के लिए पहले जमाने में लोग आम को पानी में भिगोकर...
Cleanliness drive on the occasion of maha paropkar month - Sachi Shiksha

महापरोपकार दिवस पर संगत ने दी स्वच्छता की सौगात

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सेवादारों ने एक आह्वान पर चमकाया सरसा शहर पावन गुरगद्दीनशीनी माह (महापरोपकार माह) Maha Paropkar Diwas के आगमन पर एक सितंबर को डेरा सच्चा सौदा...
How much money do we need for our needs -sachi shiksha hindi

कितना धन चाहिए हमारी जरूरतों के लिए

कितना धन चाहिए हमारी जरूरतों के लिए धन हमारी सभी दैनन्दिन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहुत आवश्यक है। इसके बिना जीवन में हम...
The Indo-Pak war of 4 December 1971 was surrounded by the shadow of death, but the brave did not panic

4 दिसंबर 1971 का वो भारत-पाक युद्ध मौत के साये में घिरे थे, पर...

4 दिसंबर 1971 का वो भारत-पाक युद्ध मौत के साये में घिरे थे, पर घबराए नहीं जांबाज 4 दिसंबर की वो कयामत भरी रात जब...
email id -sachi shiksha hindi

email आईडी

email आईडी एक बार की बात है, अमेरिका में एक व्यक्ति जो कम पढ़ा लिखा था, नौकरी के लिए एक दफ्तर में गया। काम था...
Artillery -sachi shiksha hindi

Artillery: आज भी धरोहर हैं हमारी प्राचीन तोपें

आज भी धरोहर हैं हमारी प्राचीन तोपें Artillery भारत में तोपों का प्रचलन काफी पुराना है। बाबर के आने से पहले गुजरात के राजाओं द्वारा...
life back on track

life back on track: पैर कटे, पर जीवन को फिर पटरी पर ले आए...

जिंदगी में हमारी अगर दुश्वारियां ना होती तो लोगों को हमपे यूं हैरानियां ना होती। यह बात उस इंसान पर सटीक बैठती है, जिसने एक ट्रेन हादसे में अपने दोनों पैर गंवा दिये। इतनी अधिक शारीरिक अक्षमता के बाद भी उसने जीवन को नये सिरे से शुरू किया। आज वह बिना पांव के न केवल शरीर का बेहतर बैलेंस बनाकर रखता है,

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World Cancer Day: कैंसर को किया कैंसिल

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World Cancer Day सत्संगियों के अनुभव पूज्य हजूर पिता जी की रहमत प्रेमी विजय कुमार इन्सां (विजय बंसरी वाला) सुपुत्र प्रेमी सतपाल इन्सां मेला ग्राउंड...

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Daughter: बेटी को हर बात समझाए मां

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Spiritual Satsang: सेवा के साथ सुमिरन करो, सोने पे सुहागा

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रूहानी सत्संग (3 जुलाई 2016)  डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम जी धाम, सरसा Spiritual Satsang मालिक की प्यारी साध-संगत जीओ! इस कलयुग में दृढ़ यकीन,...