protect eyes from strong sunlight

आंखों को बचाइये तेज धूप से (सन-ग्लास खरीदने में सावधानी बरतें) धूप कड़ाके की निकल रही है।

ऐसे में यदि आप घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी अमूल्य आंखों को बचाइये।

धूप के चश्मे से आप की आंखों को कवच मिलता है तथा रूप में निखार भी आता है।

आज कल फैशन के रूप में भी ‘डार्क-ग्लासेज’ यानी ‘धूप के चश्मे’ पहनने का रिवाज बढ़ रहा है।

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तो आपका चश्मा कैसा हो, ध्यान दीजिए कुछ इन बातों पर:-

  • सन-ग्लास खरीदते समय बड़ी सावधानी से उसकी परख कर लेनी चाहिए वरना सस्ता एवं घटिया किस्म का चश्मा आप की आंखों को नुक्सान पहुंचा सकता है। धूप का चश्मा तेज धूप की चमक व सूर्य की रोशनी के साथ आने वाली पराबैंगनी किरणों तथा धूल कणों से आंखों की रक्षा करता है।
  • चश्मे में मात्र दो चीजें ‘फ्रेम’ और ‘ग्लास’ मुख्य होते हैं। इन दोनों की परख ठीक होनी चाहिए। फ्रेम, कान एवं नाक पर ठीक से बैठना चाहिए। यह न तो तंग हो और न ही अधिक ढीला। तंग चश्मे से सिरदर्द होता है, जबकि ढीले फ्रेम को बार-बार ऊपर खिसकाना पड़ता है। कभी-कभी तो ढीले चश्मे गिर भी जाते हैं।
  • फे्रम शरीर में कहीं भी चुभना नहीं चाहिए, नहीं तो चुभने वाली जगह पर दाग पड़ जाता है जो चेहरे को भद्दा कर देता है। फे्रम पतला होना चाहिए, क्योंकि मोटे फ्रेम में दृष्टि-क्षेत्र कम हो जाता है और मोटा फ्रेम चश्मे को भारी भी बना देता है। किसी को मेटल का फ्रेम पहनने से एलर्जी भी होती है, तो उन्हें प्लास्टिक का फ्रेम लेना चाहिए।
  • सन-ग्लासेज पहनने का मुख्य अभिप्राय है सूर्य की किरणों से निकलने वाली, पराबैंगनी किरणों से आंखों की सुरक्षा। समुद्र की चौड़ी सतह, रेत, बर्फ तथा ‘कंक्रीट’ की बनी सड़कों से भी प्रकाश की किरणें परावर्तित होकर सीधे आंखों पर पड़ती हैं। इनसे बचने के लिए पोलेराइज्ड लेंस का प्रयोग करना चाहिए।
  • इसके अतिरिक्त वन-वे-ग्लास यानी सिर्फ भीतर से बाहर की ओर देख सकने वाला ग्लास उत्तम रहता है क्योंकि ऐसे ग्लासेज प्रकाश की किरणों को परावर्तित कर देते हैं तथा पराबैंगनी किरणों को सोख लेते हैं।
  • चश्मा उतारने के पश्चात साफ करके केस में ही रखें। कहीं पर दाग लग गया हो तो उसे पानी से धोकर, मुलायम कपड़े से साफ कर लें। चश्मे को इधर-उधर कभी भी न रखें, वरना चश्मे पर खरोंच पड़ने का भय रहता है।
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आंखों के बचाव के लिए डाक्टरों की निम्न सलाहों पर अवश्य ध्यान दीजिए:-

  • चश्मे कभी भी फुटपाथ से न खरीदें। रोड पर पड़े लुभावने माडलों से मन ललचा सकता है।
  • यदि आप को पावर-ग्लास पहनने की हिदायत दी गयी हो तो फोटोक्रोमेटिक ग्लास ही पहनें, आंखों को गर्मी एवं प्रकाश से अधिकतम राहत मिलेगी।
  • यदि आप की आंखें ठीक हों तो कभी भी पावर सन-ग्लास प्रयोग न करें।
  • चश्मे खरीदते समय ध्यान से देख लें कि ग्लास पर समान रूप से पूरी कोटिंग है।
  • चश्मे पर किसी प्रकार का दाग व खरोंच नहीं होना चाहिए।

– सीमा रानी

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