सिद्धे राह पावण आया सी-Yaad-e-Murshid
65वीं पावन स्मृति (18 अप्रैल) विशेष याद-ए-मुर्शिद परम पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज सिद्धे राह पावण आया सी
जीव-सृष्टि का सौभाग्य है कि हर...
प्रेम के वश में होती है मौज डेरा सच्चा सौदा शाह सतनामपुरा धाम गंगवा,...
प्रेम के वश में होती है मौज
डेरा सच्चा सौदा शाह सतनामपुरा धाम गंगवा, हिसार
"तुम्हारे पिछले गुनाह पाप कुल मालिक से माफ करवा दिए हैं...
मैं समय बोल रहा हूं
मैं समय हूं। अंग्रेजी में मुझे ‘टाइम’ कहते हैं।
इस भौतिक प्रदूषित तनावग्रस्त वातावरण में मेरे लिए भी विकट मंदी का दौर चल रहा है।...
वॉकिंग करते समय रखें ध्यान
वॉकिंग करते समय रखें ध्यान - यह सर्वविदित है कि वॉकिंग मानव शरीर के लिए नितांत आवश्यक है। सूर्योदय के समय वॉक करने से...
‘ये गांव बड़ा भाग्यशाली है’ डेरा सच्चा सौदा,सतनाम पुर धाम कंवरपुरा (सरसा)
‘ये गांव बड़ा भाग्यशाली है’ डेरा सच्चा सौदा,सतनाम पुर धाम कंवरपुरा (सरसा) Dera Sacha Sauda, Satnam Pur Dham Kanwarpura
भाई! यह गांव बहुत भागों वाला...
‘सच्चा सौदा और नेजिया एक करेंगे!’ डेरा सच्चा सौदा सतलोकपुर धाम नेजिया खेड़ा,जिला सरसा
‘सच्चा सौदा और नेजिया एक करेंगे!’
डेरा सच्चा सौदा सतलोकपुर धाम नेजिया खेड़ा,जिला सरसा
पूज्य सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज, उन दिनों नेजिया खेड़ा में...
सतगुरु जी ने अपने शिष्यों की मांग पूरी की
सन 1952 की बात है कि मेरे गांव के कुछ सत्संगी भाइयों ने डेरा सच्चा सौदा सरसा में पहुँच कर बेपरवाह मस्ताना जी के चरण-कमलों में विनती की कि शहनशाह जी हमारे गांव में सत्संग करो जी। बेपरवाह जी ने उनकी विनती मंजूर कर ली।
Ruhani Satsang: जो नाम जपे घर जाए भाई, काल न उसको खाए भाई। जन्म...
जो नाम जपे घर जाए भाई, काल न उसको खाए भाई। जन्म सफल हो जाए भाई, नाम ध्याना, नाम ध्याना।
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह...
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
यह रुपए हराम के थोड़े ही हैं
सत्संगियों के अनुभव :- पूजनीय बेपरवाह मस्ताना जी महाराज ने करवाई सोझी
‘‘ यह रुपए हराम के थोड़े ही हैं ’’
तू गरीब आदमी है, यह...















































































