इत्थे तीन मंजिले मकान बनाएंगे, किले की तरह बनाएंगे…’ – सत्संगियों के अनुभव
‘इत्थे तीन मंजिले मकान बनाएंगे, किले की तरह बनाएंगे...’ - सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
सतब्रहमचारी सेवादार दादू पंजाबी डेरा...
प्राणायाम: से दिमाग को रखें शांत
प्राणायाम : से दिमाग को रखें शांत
हमारी प्राणशक्ति को बढ़ाने के लिए सबसे बड़ा योगदान प्राणायाम का है, जबकि हमारे प्राण हमारे स्वासों पर...
बेटा! दिन-रात सुमिरन व दीन-दुखियों की मदद करना -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! दिन-रात सुमिरन व दीन-दुखियों की मदद करना -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
सेवादार प्रेमी पुरुषोतम लाल टोहाना इन्सां...
Foundation Day: सच्चा सौदा सुख दा राह… 72वें रूहानी स्थापना दिवस
सच्चा सौदा सुख दा राह... 72वें रूहानी स्थापना दिवस (29 अप्रैल) पर विशेष Foundation Day
सच्चा सौदा यानी ‘सच’ मालिक, अल्लाह, वाहेगुरु, राम, गॉड, खुदा,...
Experiences of Satsangis: पूजनीय परम पिता जी की दया-मेहर,सोचा, कंघा-शीशा व पैसिंल मेरे किस...
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis
प्रेमी खेता राम सुपुत्र श्री शोकरण गांव नीठराना तहसील भादरा जिला हनुमानगढ़ (राज.)। पूज्य सतगुरु परम पिता की प्रेमी...
Chinta Se Mukti Ke Upay: चिंता से बचिए
आजकल विश्व की संभवत: सबसे प्रमुख व्यक्तिगत समस्या है ‘चिंता’। प्राय: सभी स्त्री-पुरुष भली-भांति जानते हैं कि चिन्ता करना हानिकारक है लेकिन फिर भी...
Experiences of Satsangis: …चल गुड़ खा ले’ -सत्संगियों के अनुभव
Experiences of Satsangis ...चल गुड़ खा ले’ -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
जीएसएम सेवादार रेशम सिंह इन्सां पुत्र...
कोई लेने वाला हो, अंगुली पकड़कर ले जाए’-सत्संगियों के अनुभव
कोई लेने वाला हो, अंगुली पकड़कर ले जाए’-सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
बहन...
चल उठ भई! तुझे तो ड्यूटी पर टाईम से पहुंचना है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम | सत्संगियों के अनुभव
मास्टर लीला कृष्ण उर्फ लीलाधर पुत्र श्री पुरुशोत्तम दास, नानक नगरी, मकान न.122, मोगा (पंजाब)। प्रेमी जी अपने पूजनीय सतगुरु परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक अलौकिक करिश्मे का इस प्रकार वर्णन करता है:-
भयानक कर्म भी कट जाते हैं।
मेरा लड़का हरजिन्द्र सिंह उम्र 35 वर्ष मोटरसाइकिल पर गाँव से पीलीबंगा आ रहा था। अचानक उसकी आँख में मच्छर वगैरा कुछ पड़ गया। वह आँख मसलने लगा तो मोटर साईकिल का बैलेंस बिगड़ गया और वह पक्की सड़क पर जोर से गिर पड़ा। उसी समय मेरे पास पीलीबंगा से फोन आया कि आपके लड़के हरजिन्द्र का एक्सीडैंट हो गया है।














































































