मुंशी राम ही अब राजकुमार है -सत्संगियों के अनुभव
मुंशी राम ही अब राजकुमार है -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता बागां बाई इन्सां पत्नी प्रेमी नादर...
Anmol vachan: हिम्मत के साथ मन से लड़ते रहो
हिम्मत के साथ मन से लड़ते रहो Anmol vachan
पूज्य हजूर पिता संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को चाहे...
अपने औगुण छड्ड किसे दे फोलीं ना। देख पराया माल कदे वी डोलीं ना॥...
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा
अपने औगुण छड्ड किसे दे फोलीं ना।
देख पराया माल कदे वी डोलीं ना॥
मालिक...
57वां गुरगद्दीनशीनी दिवस(महा रहमोकरम दिवस) जाहिर हो गए सोहणे दातार..
28 फरवरी पर विशेष : 57वां गुरगद्दीनशीनी दिवस(महा रहमोकरम दिवस) जाहिर हो गए सोहणे दातार..
पूज्य बेपरवाह शाह मस्ताना जी ने परमपिता शाह सतनाम सिंह...
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
Target: लक्ष्य को बार-बार न बदलें
लक्ष्य को बार-बार न बदलें
प्राय: ऐसा देखा जाता है कि व्यक्ति अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्य पर अडिग नहीं रह पाते हैं। वे लक्ष्य को...
बेटा! तेरा बाल भी बांका नहीं होने देंगे… -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! तेरा बाल भी बांका नहीं होने देंगे... -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी...
अपनी जड़ों से जुड़े रहिए
अपनी जड़ों से जुड़े रहिए
मनुष्य अपनी रोजी-रोटी के चक्कर में विश्व के किसी भी देश में रहे परन्तु उसे उसके संस्कार अपनी जड़ों से...
संतों के वचनों पर अमल करने से इन्सान लुटने से बच जाता है…Experiences of...
पूज्य गुरु जी के पवित्र वचनों पर आधारित शिक्षादायक सत्य प्रमाण True proof
‘सत्संग की बड़ी महिमा है। Experiences of Satsangis
यदि जीव को किसी संत...
अगर आप चाहते हैं आध्यात्मिक Spiritual विकास
Spiritual जीवन में हर इंसान एक विशेष उम्र के बाद अध्यात्म से जुड़ता चला जाता है।
तब उसे खुशी,ठहराव, शांति चाहिए। इन चीजों को ढूंढ़ने...















































































