आचरण सुधारें, सभ्य बनें
आम जीवन में बहुत बार ऐसा देखने में आता है कि लोग छोटी-छोटी आदतों से असभ्य आचरण कर जाते हैं। हालांकि कहना गलत नहीं होगा कि उन्हें भी अपनी इन आदतों के बारे में ज्ञान नहीं होता, जिसकी वजह से वे ऐसा आचरण कर बैठते हैं।
दुनिया के सुपर स्पैशलिस्ट ने किया टाईम मशीन में जाकर अत्यंत आधुनिक मशीनों से...
दुनिया के सुपर स्पैशलिस्ट ने किया टाईम मशीन में जाकर अत्यंत आधुनिक मशीनों से आॅप्रेशन -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम...
अगर आप चाहते हैं आध्यात्मिक Spiritual विकास
Spiritual जीवन में हर इंसान एक विशेष उम्र के बाद अध्यात्म से जुड़ता चला जाता है।
तब उसे खुशी,ठहराव, शांति चाहिए। इन चीजों को ढूंढ़ने...
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
भूलना एक स्वाभाविक क्रि या है। अमेरिका के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक तथा दार्शनिक विलियम जेम्स...
‘ये सच्चा हरद्वार है…’ डेरा सच्चा सौदा सच्चा हरद्वार, रामपुर थेड़ी, (रानियां) सरसा
‘ये सच्चा हरद्वार है...’ डेरा सच्चा सौदा सच्चा हरद्वार, रामपुर थेड़ी, (रानियां) सरसा
‘ये आपका सच्चा हरद्वार है जो यहां पर आएगा, सभी की हाजरी...
बहुत ताकत है इस मार्इंड में
... बहुत ताकत है इस मार्इंड में , पूज्य गुरु संत डॉ. एमएसजी के वचनों पर आधारित शिक्षादायक सत्यप्रमाण
पूज्य गुरु जी ने फरमाया
हैं कि...
पे्रम और दीनता से ही काम लेना है… -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी इन्द्र सिंह पुत्र श्री बचित्र सिंह गांव लक्कड़वाली जिला सरसा से बेपरवाह जी...
बेटा। तूं उहनां अफसरां नूं मिलके आऊणा सी।..Experiences of Satsangis
परम पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज की अपार रहमत
बेटा। तूं उहनां अफसरां नूं मिलके आऊणा सी। Son.. You are an unhappy officer..
उहनां तैनूं...
बेटा! असीं तैनूं आपणे हत्थां नाल सेब दिन्ने आं,वंड के खा लेओ। -सत्संगियों के...
बेटा! असीं तैनूं आपणे हत्थां नाल सेब दिन्ने आं,वंड के खा लेओ। -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी जगराज...
रूह-ए-सरताज ले लिया अवतार जी :15 अगस्त विशेष
रूह-ए-सरताज ले लिया अवतार जी :15 अगस्त विशेष
महापुरुषों की पवित्र वाणी में दर्ज है कि परमपिता परमात्मा अपना हर कार्य अपने अवतार संत-महापुरुषों के रूप में...













































































