कोई लेने वाला हो, अंगुली पकड़कर ले जाए’-सत्संगियों के अनुभव
कोई लेने वाला हो, अंगुली पकड़कर ले जाए’-सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
बहन...
जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम - जो मांगा वही देता गया मेरा सार्इं
प्रेमी हरीचंद पंज कल्याणा सरसा शहर(हरियाणा) से पूज्य बेपरवाह मस्ताना जी महाराज की अपार दया मेहर का वर्णन इस प्रकार करता है:-
दिवाली के शुभ अवसर पर पूज्य गुरु जी ने लाँच किया नया गीत ‘साडी...
दिवाली के शुभ अवसर पर पूज्य गुरु जी ने लाँच किया नया गीत ‘साडी नित दिवाली’
पूज्य गुरु जी ने दिवाली को बनाया स्पैशल
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Experience of Satsangis: तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे
सत्संगियों के अनुभव पूज्य बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम Experience of Satsangis,
तुझे पांचवें दिन को ग्यारह बजे लेकर जाएंगे
प्रेमी कबीर दास, निवासी...
मेरा सतगुरु ‘मोया राम’ नहीं, वो ‘जिंदाराम’ है
फरवरी 1960 में मेरी शादी हुई। जब शादी हुई तो मेरे पति बीमार थे। वह इतने बीमार थे कि कुछ खाते-पीते नहीं थे। हर कोई कहता था कि ये बचेंगे नहीं, चोला छोड़ेंगे। उन दिनों में बेपरवाह मस्ताना जी महाराज डेरा सच्चा सौदा रानियां में पधारे हुए थे।
अब किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं रहेगी -सत्संगियों के अनुभव
अब किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं रहेगी -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी...
Spiritual Satsang: सेवा के साथ सुमिरन करो, सोने पे सुहागा
रूहानी सत्संग (3 जुलाई 2016) डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम जी धाम, सरसा Spiritual Satsang
मालिक की प्यारी साध-संगत जीओ! इस कलयुग में दृढ़ यकीन,...
अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है
अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है :
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आत्मविश्वास, आत्मबल सफलता की...
Guru ji‘…वाकिफकार कदीमी हुंदा गलती कदी ना खावे’
पूजनीय गुरु जी के वचनों पर आधारित शिक्षादायक सत्य-प्रमाण
‘जो अपने पीर-फकीर पर दृढ़ विश्वास रखते हैं, दृढ़ विश्वास की क्या निशानी है, कि फकीर...
Ruhani Satsang: अपने औगुण छड्ड किसे दे फोलीं ना। देख पराया माल कदे वी...
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा
अपने औगुण छड्ड किसे दे फोलीं ना।
देख पराया माल कदे वी डोलीं ना॥
मालिक...













































































