नारा लगाकर जमीन का कब्जा लेने जाना
सत्संगियों के अनुभव पूजनीय बेपरवाह मस्ताना जी महाराज की रहमत
प्रेमी चरणदास इन्सां सुपुत्र श्री गंगा सिंह गांव ढण्डी कदीम जिला फाजिल्का (पंजाब)। प्रेमी जी...
बेटा! जल्दी-जल्दी जाओ। अपने खेतों का पानी संभालो!’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत -सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी शमशेर इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी राम किशन सिंह गांव कौलां तहसील व...
सेवा हमारा धर्म है
रक्तदाताओं के हौंसले का साक्षी बना शाह सतनाम जी रूहानी धाम राजगढ़-सलाबतपुरा
डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने रक्तदान के लिए हमेशा ही पहलकदमी दिखाई...
रूह-ए-सरताज अज आए धरत ते
रूह-ए-सरताज अज आए धरत ते
परमपिता परमात्मा अपना हर कार्य अपने अवतार संत-महापुरुषों के रूप में करता है। चाहे कोई माने या न माने, भगवान...
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव - पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
मेरी माता को शंका हो गई...
खुश रहने के कारगर उपाय
खुश रहने के कारगर उपाय बच्चों को परिवार, दोस्त और अपने शौक के लिए समय निकलना ज़रूरी है। पढ़ाई के बोझ और कड़े कॉम्पीटिशन...
मेरा सतगुरु ‘मोया राम’ नहीं, वो ‘जिंदाराम’ है
फरवरी 1960 में मेरी शादी हुई। जब शादी हुई तो मेरे पति बीमार थे। वह इतने बीमार थे कि कुछ खाते-पीते नहीं थे। हर कोई कहता था कि ये बचेंगे नहीं, चोला छोड़ेंगे। उन दिनों में बेपरवाह मस्ताना जी महाराज डेरा सच्चा सौदा रानियां में पधारे हुए थे।
बेटा! भक्ति में शक्ति है, करते रहो..Experiences of Satsangis
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
‘‘बेटा! भक्ति में शक्ति है,...
Editorial: गुरु कर लिया एक समान
Editorial संपादकीय:
रूहानियत में एक उदाहरण अक्सर दी जाती है एक ऐसे जीव की, जो किसी दूसरे जीव को अपनी शरण में लेकर और अपनी...
Experience of Satsangis …इसका नाम खुशिया रखते हैं
सत्संगियों के अनुभव Experience of Satsangis
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
‘‘...इसका नाम खुशिया रखते हैं’’
प्रेमी कबीर जी गांव महमदपुर रोही, जिला फतेहाबाद...















































































