Yoga हर रोग में कारगर योग
अक्सर कहा जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए योग ही एकमात्र उपाय है। योग करने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है बल्कि बीमारियों का खतरा भी दूर रहता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की स्टडी के अनुसार हर रोज़ योग करने से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। नींद में सुधार होता है और तनाव कम होता है।
योग करने से पीठ दर्द, सिर दर्द, मोटापा और कुछ पुरानी बीमारियों से राहत मिलती है। परंतु समस्या यहाँ उत्पन्न होती है कि कौन-सी बीमारी में कौन-सा योग करना उचित होता है!
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आइए जानते हैं कि ऐसे योग आसन जो अलग-अलग बीमारियों में कारगर साबित हो सकते हैं:
सर्वाइकल:
सर्वाइकल दर्द दूर करने के लिए ‘भुजंगासन’ करना फायदेमंद होता है।
इस योग की मदद से गर्दन की जकड़न दूर होती है और आराम मिलती है।
पीठ दर्द:
पीठ दर्द होने पर योग आसन करना फायदेमंद होता है। योग करने से रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है और पीठ दर्द में आराम मिलती है।
पीठ दर्द को दूर करने के लिए ‘भुजंगासन’ और ‘मकरासन’ जैसे योग कर सकते हैं।
घुटनों का दर्द:
घुटनों का दर्द दूर करने के लिए ताड़ासन और वीरभद्रासन करें।
इन योग आसनों से जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है और घुटनों का दर्द कम होता है।
एसिडिटी:
पेट में एसिडिटी होना एक समस्या है। खाने के बाद अक्सर लोगों को एसिडिटी हो जाती है।
एसिडिटी को दूर करने के लिए वज्रासन और शीतली प्राणायाम करें।
थायराइड:
थायराइड ग्रंथि को संतुलति करने के लिए योग फायदेमंद होता है।
हलासन और सर्वांगासन जैसे योग थायराइड कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
डायबिटीज़:
डायबिटीज़ में योग करने से पैंक्रियाज को एक्टिव करने में मदद मिलती है और ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है।
इसके लिए कपालभाति या मंडूकासन करना फायदेमंद होता है।
मोटापा:
मोटापा कम करने के लिए फैट बर्न प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत है और साथ ही मेटाबॉलिज्म भी बढ़ाना जरूरी है।
मोटापा कम करने के लिए रोज सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और कपालभाति करना फायदेमंद होता है।
हाई बीपी:
हाई बीपी की समस्या रहती है, तो ऐसे योग करें जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बने और मन को शांति मिले।
हाई बीपी के मरीजों को रोज श्वासन और अनुलोम-विलोम करना फायदेमंद होता है।
कमजोर इम्यूनिटी:
अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, तो सूर्य नमस्कार और कपालभाति जैसे योग कर सकते हैं।
इन योग आसनों की मदद से शरीर को बीमारी और इंंफेक्शन के खिलाफ लड़ने की शक्ति मिलती है।
हार्ट हेल्थ:
हृदय की सेहत को बेहतर बनाने के लिए अनुलोम-विलोम और ताड़ासन जैसे योग कर सकते हैं।
इन योग आसनों की मदद से हार्ट की मसल्स को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
तनाव:
योग की मदद से चिड़चिड़ापन दूर होता है और मूड को बेहतर करने में मदद मिलती है।
तनाव कम करने के लिए डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ और श्वासन फायदेमंद माने जाते हैं।
आँखों पर दबाव होना:
आँखों पर दबाव महसूस हो रहा है, तो त्राटक या पलक झपकाने या आँखों को गोल घुमाने जैसी एक्सरसाइज़ कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि योग करने से आँखें दोबारा ठीक नहीं हो सकती, लेकिन योग की मदद से आँखों को आराम मिलता है और आँखें ज्यादा कमजोर नहीं होती।
योग करना हर स्थिति तथा हर रोगी के लिए लाभदायक होता है, बशर्ते नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाए। हर किसी को चाहे वह बच्चे हों, बूढ़े हो या नौजवान, अगर आप नियमित रूप से योगासन करते हैं,
तो मन-मस्तिष्क को नई ऊर्जा मिलती है, जिससे हर कार्य में मन लगता है और आप तनाव से दूर रहते हैं। इसलिए योगासन जरूर करना चाहिए।
अक्सर लंबे समय तक कम्प्यूटर पर काम करने व झुककर पढ़ने से मांसपेशियों में तनाव पैदा हो सकता है, जोकि असहनीय दर्द का कारण बनता है। इस स्थिति में आप वार्मअप होकर बैड या टेबल के किनारे से अपनी गर्दन, कमर का ऊपरी हिस्सा और बाजुओं को जमीन की तरफ लटकाएं।
अपने शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें। इस क्रिया को एक मिनट के लिए दिन में 2 बार करें। जिन्हें सर्वाइकल की समस्या है, वो इस क्रिया को 6-7 बार दोहराएं। वे इस क्रिया को एक मिनट करें और दो मिनट रूककर फिर दोबारा करें। नियमित इस क्रिया को करने से सर्वाइकल, कमजोर आँखें व दिमाग के कई रोगों से बच सकते हैं।
-पूज्य गुरु संत डॉ. एमएसजी

































































