speaker: मोटिवेशनल स्पीकर बन संवारे करियर
यदि आप अपनी बातों से लोगों को प्रेरित कर सकते हैं तो मोटिवेशनल स्पीकर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह न सिर्फ एक मज़ेदार करियर है, बल्कि दूसरे को प्रेरित करना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है।
इस पेशे की अनेक खूबियों में एक यह है कि इसमें एक जगह बैठ कर काम करने की बंदिश नहीं है, वहीं दूसरी ओर की गई मेहनत का रिटर्न भी आकर्षक होता है। यहां न सिर्फ लोगों के बीच आपकी पहचान बनती है, बल्कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आपकी ओर उम्मीद भरी निगाहों से भी देखते हैं।
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मोटिवेशनल स्पीकर की जरूरत क्यों
10-15 साल पहले मोटिवेशनल स्पीकर नाम की चीज नहीं थी। इस बीच ऐसा क्या हुआ कि जिन लोगों ने इसे करियर बनाया, वे एक दिन में ही लाखों कमाने लगे? वजह है स्ट्रेस। अब लोगों की जिंदगी में तनाव बढ़ गया है। काम करने के घंटे बढ़ गए हैं। पैसे कमाने की होड़ लगी है। हमने टेक्नीक को इतना बड़ा बना दिया है कि लोग जिंदादिली भूल गए हैं।
कार्य:
मोटिवेशनल स्पीकर्स कुछ भी शुरू करने से पहले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। इसके बाद ही वे उन्हें प्रेरित करने की शुरूआत करते हैं। इसके लिए आपको अच्छे-खासे होमवर्क की जरूरत पड़ती है। प्रेरित करते हुए महान लोगों की बातों के उदाहरण के साथ प्रस्तुतीकरण से कही हुई बात को समझाना आसान रहता है।
कैसे उन लोगों ने शून्य से शुरू कर बड़ी-बड़ी उपलब्धियां अर्जित कीं। यानि आपकी बातें ऐसी होनी चाहिए कि लोग उनसे खुद को जोड़ सकें, उनसे प्रेरित हो सकें, अपने लिए लक्ष्य निर्धारित कर सकें, खुद में बदलाव ला सकें, अपनी समस्याएं हल कर सकें और सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ सकें।
आपकी सफलता या असफलता उस आॅडियंस पर निर्भर करती है, जिसे आप प्रेरित कर रहे हैं। यदि आप लोगों में बातों से जोश भर देते हैं तो यकीन मानें आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। बातें करने के लिए आपके पास जानकारी का खजाना होना चाहिए। इसके लिए आपको समाज, स्थान और देश-प्रदेश के लोगों के कल्चर, लाइफ स्टाइल आदि के बारे में जानकारी रखनी होगी।
कोर्सेज:
कुछ मैनेजमेंट स्कूल्स में स्पीकिंग पावर पर काम करवाया जाता है। इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि आप मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए मैनेजमेंट कोर्स करें ही। इस करियर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मजबूत इच्छाशक्ति और पॉज़िटिव सोच बनाएं। यह ऐसा फील्ड है, जिसमें आप भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के लोगों को अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसलिए आप अपनी तैयारी के रूप में जितने ज्यादा क्षेत्रों के बारे में संभव हो, अपनी जानकारी बढ़ाएं। तभी तो आप उन लोगों को आगे बढ़ने, पैसे कमाने और नैतिक रूप से सबल होने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।
मोटिवेशनल स्पीकर्स में स्किल्स:
लिखने व बोलने का अभ्यास:
इसे करियर के रूप में अपनाने से पहले जानें कि क्या आप में लिखने की क्षमता है। यदि नहीं तो अभ्यास करें। केवल लिखने की ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसा लिखने की ताकत कि आपकी कलम लोगों पर छाप छोड़ सके और इसे आप अभ्यास से ही हासिल कर सकते हैं।
लिखने से आप अपने विचारों को क्रमबद्ध करना सीखते हैं और साथ ही लिखने से सोचने की क्षमता भी विकसित होती है। आज बहुत सी ऐसी वेबसाइट्स हैं, जो आपको इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करती हैं। इनकी मदद से प्रभावशाली स्पीच का लगातार अभ्यास करें। अगर आपने इसमें रुचि लेना शुरू कर दिया तो वह दिन दूर नहीं जब आप अपने रास्ते पर बढ़ना सीख चुके होंगे।
बातों में नयापन हो:
ध्यान रहे, आपकी बातों में नयापन होना बेहद जरूरी है। तभी लोग भी आपको सुनेंगे। मोटिवेशनल स्पीकर में उत्साह, विश्वसनीयता, आत्मविश्वास जैसे गुण भरे हुए होने चाहिए। स्टेज में या कहीं भीड़ में नए स्पीकर का कुछ नर्वस होना सामान्य बात है। अभ्यास से ही आप इस डर को दूर भगा सकते हैं और इस कला में पारंगत भी हो सकते हैं। देश में बहुत सारे ऐसे संस्थान हैं, जो स्पीकिंग स्किल डेवेलपमेंट पर काम करते हैं। आप इनकी मदद ले सकते हैं।
जानकारी बढ़ाएं:
नॉलेज बहुत जरूरी है। इसके लिए फिलॉस्फी से लेकर लिटरेचर तक हर तरह की किताबें पढ़नी चाहिए। करंट अफेयर्स से भी खुद को अपडेट रखना चाहिए। कई बार बेमतलब के सवाल भी किए जाते हैं। उनका जवाब देने के लिए नॉलेज और कॉन्फिडेंस होना बहुत जरूरी है।
शब्दों का हो भंडार:
मोटिवेशनल स्पीकर का एकमात्र मकसद लोगों को नई संभावनाओं एवं लक्ष्यों के प्रति आकर्षित करना तथा उसे पूरा करने के लिए उनमें ऊर्जा भरना है। सफल स्पीकर यह जानता है कि उसकी स्पीच कैसे लोगों की जिंदगी को बदल सकती है। यदि लोग स्पीच में रुचि नहीं दर्शा रहे हैं तो इसका मतलब, उन्हें आपके शब्दों पर भरोसा नहीं है।
एक्सपर्ट लोग अपनी स्पीच की शुरूआत ही ऐसे शब्दों से करते हैं कि श्रोता उन्हें नकार न सकें, क्योंकि सफलता श्रोता के फीडबैक पर आधारित है। मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए यह भी जरूरी है कि आप एक सामाजिक व्यक्ति हों। फील्ड में सही दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण भी आपको काफी हद तक सफल बना सकता है।































































