Ranikhet: प्रकृति का अनुपम सौंदर्य रानीखेत
जब भी कहीं घूमने जाने का ख्याल मन में आता है, तो ऐसी जगह जाने की इच्छा होती है, जहां सुकून हो, शांति हो, हरियाली हो, पहाड़ हो, झरने हो और नई संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिले। अगर आप भी ऐसी ही किसी जगह की तलाश में हैं, तो उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में स्थिति रानीखेत एक अच्छा विकल्प है। रानीखेत उत्तराखंड का एक प्रमुख हिल स्टेशन है, जिसकी प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बनती है।
रानीखेत का मनमोहक दृश्य ही ऐसा है कि लोग इसे ‘पहाड़ों की रानी’ भी कहते हैं। यहाँ कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं, जिसमें हरे-भरे जंगल, हिमालयी पहाड़ियाँ, पर्वतीय चढ़ाई, गोल्फ कोर्स, ट्रैकिंग रेंज और मंदिर आदि शामिल हैं। रानीखेत से बर्फ से ढकी मध्य हिमालय की पहाड़ियाँ भी दिखाई देती हैं। रानीखेत समुद्र तल से 1824 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पहाड़ियों के आंचल में बसा रानीखेत फिल्म निमार्ताओं को भी बहुत पसन्द आता है।
इस हिल स्टेशन का प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक हैं। रानीखेत की मनमोहक सुंदरता के बारे में एक बार नीदरलैंड के राजदूत ने कहा था कि जिसने रानीखेत को नहीं देखा उसने भारत को नहीं देखा। अगर आप शहरी जीवन की भागदौड़ से कुछ दूर प्रकृति में एक अच्छा समय बिताना चाहते हैं, तो रानीखेत घूमने की प्लानिंग कर लें। यहीं नहीं, रानीखेत आपके कम बजट में भी घूमने के लिए बेस्ट जगह है।
तो आइए जानते हैं यहाँ के दर्शनीय स्थलों के बारे में:
Table of Contents
रानी झील:
रानी झील में शांत वातावरण, पेड़ों की सरसराहट और पक्षियों की मधुर चहचहाहट से आपके मन को शांति, सुकून और ताजगी का एहसास होगा। झील के चारों ओर फैली हरियाली को देखना, आपको एक अलग ही शांति का अनुभव देगा और रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर प्राकृतिक सौंदर्य का पूरा आनंद मिलेगा।
चौबटिया गार्डन
चौबटिया बागान फलों और अपने सुंदर प्राकृतिक दृश्यों के लिए मशहूर है। यहां आप अच्छे से घूम सकते हैं और ताजे फलों का स्वाद भी ले सकते हैं। यहाँ से हिमालय नंदा देवी, नीलकंठ, नंदाघुंटी और त्रिशूल चोटियां दिखाई देती हैं। इस गार्डन के अंदर कैफे हिमालय के सामने यात्रियों के आराम से बैठने की सुविधा भी है। जहाँ आप बैठकर प्राकृतिक सौंदर्य का नज़ारा ले सकते हैं।
भालू बांध:
भालू डेम एक कृत्रिम झील है, जो चौबटिया से लगभग 3 किमी और रानीखेत से 11 किमी दूर है। इस डेम को 1903 में सैनिकों की प्यास बुझाने के लिए बानाया गया था। भालू डेम के आसपास के क्षेत्र से बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों का नज़ारा देखने को मिलते हैं। नेचर लवर के लिए भालू डेम कैम्पिंग और पिकनिक का एक अच्छा स्थान है।
गोल्फ कोर्स:
रानीखेत अपनी खूबसूरत गोल्फ कोर्स के लिए भी जाना जाता है, जो मेन बाजार से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यह एशिया का बड़ा गोल्फ ग्राउंड माना जाता है। इसका सुन्दर मखमली घास एक शानदार अनुभव प्रदान करता है। हैं। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के बीच गोल्फ का आनंद लेने का बेहतरीन अवसर देता है।
कुमाऊं रेजिमेंट म्यूजियम:
1970 के दशक में कुमाऊं क्षेत्र की परंपराओं और धरोहर को समेटे हुए यहां कुमाऊं रेजिमेंट म्यूजियम है। आप भारतीय सेना के इतिहास में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह म्यूजियम जरूर देखें। इस संग्रहालय में भारतीय सेना की कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट का युद्ध कलाकृति, बहादुरी और उनकी परंपराओं को दर्शाने वाली कई महत्वपूर्ण चीजें देखने को मिलेंगी।
आशियाना पार्क:
आशियाना पार्क रानीखेत के बीचों-बीच स्थित एक खूबसूरत पार्क है, जिसे कुमाऊं रेजिमेंट द्वारा बच्चों के लिए जंगल थीम पर बनाया गया है। पार्क में बच्चों के लिए तरह-तरह के झूले, पत्थर के डायनासोर और खेल की अन्य सुविधाएं हैं, जो बच्चों को खूब पसंद आती हैं। पार्क की हरियाली और सुंदर फूलों से सजे फव्वारे इसकी खूबसूरती काफी बढ़ा देते हैं। यहाँ बैठकर आप अपनी थकान मिटा सकते हैं।
ताड़ीखेत विलेज:
रानीखेत से लगभग 8 किलोमीटर दूर एक खूबसूरत गाँव है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता अपने आपमें अद्भुत है, जो पर्यटकों के दिल में एक खास जगह बना लेती है। यहाँ की हरियाली और पहाड़ों का नज़ारा बेहद मनमोहक है।
रानीखेत कैसे पहुंचें:
- सड़क मार्ग: आप दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़ और हरिद्वार से रानीखेत आने के लिए बस, कार या प्राइवेट टैक्सी से आ सकते हैं। दिल्ली से रानीखेत की दूरी 360 किलोमीटर है।
- रेल मार्ग: नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो रानीखेत से 75 किलोमीटर दूर है। काठगोदाम से बस या टैक्सी लेकर रानीखेत पहुँच सकते हैं।
- हवाई मार्ग: पंतनगर हवाई अड्डा रानीखेत से 115 किमी दूर है। यहाँ से टैक्सी और बस की सुविधा मिलती है।
-डेस्क
































































