नेचुरोपेथी चिकित्सा: दिल के रोगियों के लिए लाभदायक साबित है आहार
लगभग एक-तिहाई मौतें हृदय एवं रक्तवाहिका (कार्डियोवैस्कुलर) रोगों के कारण होती हैं। जीवनशैली से जुडेÞ कई कारक हृदय स्वास्थ्य में अत्यधिक सुधार ला सकते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एक विशिष्ट पद्धति है, जो विज्ञान और परंपरा दोनों का समन्वय करती है
तथा चिकित्सक को पोषण, शिक्षा, स्व-उपचार, व्यक्तिगत उपचार, रोगी सशक्तिकरण तथा अनेक उपचार विधियों के माध्यम से रोगी के स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने में सहायता करती है। हृदय के लिए लाभदायक आहार हृदय रोग की रोकथाम महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है।
भोजन तैैयार करते समय लहसुन, हल्दी, अदरक और करी पत्ते का उपयोग किया जाना चाहिए। इनमें सूजन-रोधी एवं एंटीआॅक्सीडेंट गुण होते हैं, जो धमनियों को साफ रखने में सहायता कर सकते हैं।
अलसी के बीजों में उपलब्ध ओमेगा-3 एसिड हृदय की अनियमित धड़कन के कारण होने वाले हृदय रोगों के जोखिम को कम करते हैं।
साबुत अनाज एवं दालों जैसे ओट्स, जौ, बीन्स और मसूर में पाए जाने वाले विटामिन-बी स्वस्थ रक्त लिपिड स्तर बनाए रखने में सहायता करते हैं।
ट्रांस फैट, संतृप्त वसा तथा नमक का सेवन कम करें ताकि प्लाक बनने से बचाव हो सके।
-डॉ. रवि इन्सां, एमएसजी नेच्युरोपैथी अस्पताल सरसा































































