Brain Tumor Surgery बिना बेहोशी के ब्रेन ट्यूमर की हुई सफल सर्जरी उपलब्धि: शाह सतनाम जी स्पैशलिटी हॉस्पिटल्स में हुई सर्जरी
ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित लोगों के लिए शाह सतनाम जी स्पैशलिटी हॉस्पिटल्स सरसा उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। यहाँ की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बदौलत न्यूरो सर्जरी विभाग ने ‘अवेक क्रैनियोटॉमी’ तकनीक से गत एक अगस्त को पहली अनूठी सफल सर्जरी की है।
इस आॅपरेशन के महत्वपूर्ण चरण के दौरान मरीज को जागृत अवस्था में रखा गया यानि बिना बेहोशी के सफल आप्रेशन किया गया। खास बात यह रही कि आप्रेशन के दौरान ट्यूमर निकालते समय मरीज से लगातार बातचीत होती रही और वह हाथ-पैर हिलाने जैसे निर्देशों का पालन भी करता रहा। यह उपलब्धि चिकित्सा क्षेत्र में ब्रैन टयूमर की पीड़ा से जूझ रहे लोगोें के लिए रामबाण साबित होगी।
दरअसल, 26 वर्षीय युवक पिछले चार वर्षों से बार-बार आने वाले मिर्गी के दौरों से पीड़ित था। दवाइयां भी बेअसर साबित हो रही थी। शाह सतनाम जी स्पैशलिटी हॉस्पिटल्स, सरसा के न्यूरोसर्जरी विभाग के चिकित्सकों को एमआरआई जांच के दौरान मस्तिष्क के दाहिने पैराइटल हिस्से में करीब एक सेंटीमीटर का ट्यूमर मिला, जो शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले मोटर कॉर्टेक्स के बेहद करीब था। न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने ऐसी स्थिति में अवेक क्रैनियोटॉमी का निर्णय लिया।
एनेस्थीसिया डॉ. कुलभूषण व न्यूरोसर्जन डॉ. प्रांशु मेहता ने इस बारे में बताया कि सर्जरी के दौरान खोपड़ी खोलकर ट्यूमर की सटीक पहचान के लिए इंट्रा-आॅपरेटिव अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल किया गया। महत्वपूर्ण चरण में मरीज को जागृत रखा गया और वह डॉक्टरों के निर्देश पर हाथ-पैर हिलाता रहा। लगातार न्यूरोलॉजिकल जांच के बीच ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन डॉ. गौरव अग्रवाल ने इसे न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, आॅपरेशन थिएटर और नर्सिंग टीम के बेहतर समन्वय का परिणाम बताते हुए चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल मरीजों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अस्पताल में अत्याधुनिक न्यूरोसर्जरी सुविधाओं के साथ-साथ विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं।
क्या है ‘अवेक क्रैनियोटॉमी’
‘अवेक क्रैनियोटॉमी’ में आॅपरेशन के महत्वपूर्ण चरण के दौरान मरीज को चेतन अवस्था में रखा जाता है। आप्रेशन के दौरान मरीज से लगातार बातचीत की जाती है और हाथ-पैर हिलाने जैसे कई निर्देश दिए जाते हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नियंत्रित सेडेशन और स्कैल्प ब्लॉक के जरिए मरीज को आरामदायक स्थिति में रखते हैं। इससे सर्जन मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों की कार्यक्षमता पर लगातार नज़र रखते हुए ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से निकाल सकते हैं।






























































