Proper sitting

Proper sitting असरदार होती है बैठने की सही मुद्रा

बैठने का तरीका आपके काम को प्रभावित कर सकता है, ऐसा आपने सिर्फ सुना होगा, लेकिन रिसर्च में यह साबित भी हो गया। अक्सर देखा गया है कि आप घर में कुर्सी पर बैठे हों या सोफे पे, आॅफिस में अपने कार्य स्थल पर बैठे हों या लिविंग रूम में, हर जगह आपकी एनर्जी एक जैसी नहीं होती।

अगर आप आॅफिस या घर में काम करते वक्त कुर्सी पर झुककर या सुस्त होकर बैठते हैं, तो आपका काम में मन ही नहीं लगता है, जिससे कार्य प्रभावित होता है क्योंकि कुर्सी पर बैठने के तरीके से केवल शरीर की मुद्रा ही नहीं, मानसिक स्थिति और फैसले लेने के तरीके पर भी असर पड़ता है।

कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि आॅफिस में काम करते वक्त सिर्फ सीधे बैठने से ही आप खुशनुमा महसूस करते हैं जिससे आप जीवन में सही व सटीक फैसले ले सकते हैं। ब्रिटिश जर्नल आॅफ साइकोलॉजी में प्रकाशित इस स्टडी में पाया गया कि बैठने का सही पोस्चर (मुद्रा) न केवल शारीरिक आराम देता है बल्कि यह हमारे दिमाग के काम करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

यहाँ की टीम ने व्यक्ति के आॅफिस में बैठने के तरीके से काम पर होने वाले प्रभाव पर अध्ययन किया। जिन पर अध्ययन किया गया, उन्हें रिसर्च का सही उद्देश्य नहीं बताया गया था, ताकि वे स्वभाविक व्यवहार करें। उन्हें टैबलेट पर काम करने को दिया गया। एक ग्रुप के लिए टैबलेट स्टैंड और टेबल की ऊंचाई ऐसे सेट की गई कि उन्हें सीधा बैठना पड़ा। दूसरे ग्रुप का सेटअप ऐसा था कि उन्हें झुककर काम करना पड़ा।Do yoga at home with the help of a chair

शोध में शामिल लोगों को वर्चुअल बैलून गेम खिलाया गया, जिसमें गुब्बारे में हवा भरकर ज्यादा से ज्यादा अंक जीतना था। जिन लोगों का पोस्चर एकदम सीधा (अपराइट) था, उन्होंने समझदारी भरा रिस्क लिया और ज्यादा अंक हासिल किए। वहीं, झुककर बैठने वाले लोग डरे नज़र आए।

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गेम के बाद प्रश्नावली में सामने आया कि सीधे बैठने वाले लोगों ने गर्व और सकारात्मकता की ज्यादा मजबूत भावना महसूस की। स्टडी के मुख्य लेखक जॉर्ज अरमोनी के निष्कर्ष बताते हैं कि जब स्थान की वजह से व्यक्ति का पोस्चर बदलता है तो उसके मूड व जोखिम लेने की क्षमता पर अच्छा असर पड़ता है।

इसका सीधा मतलब है कि आॅफिस में कुर्सी, मेज, कंप्यूटर और काम करने का तरीका कर्मचारी के शरीर के अनुरूप हो क्योंकि इसका असर सिर्फ कर्मचारियों के पीठ दर्द तक सीमित नहीं है बल्कि यह उनकी निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।

मेंटेन करें सही पोस्चर

  • आॅफिस में बैठते वक्त अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें और अपने टखनों को सतह पर पूरी तरह से फ्लैट रखें। अपने कमर और घुटनों को एक सामान्य लेवल में रखने की कोशिश करें।
  • यदि आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो अपनी पीठ को अपने चेयर के पिछले हिस्से से स्पोर्ट दें, परंतु ध्यान रहे कि उस दौरान भी आपकी रीढ़ की हड्डियाँ बिल्कुल सीधी हों। इसके लिए आप टॉवल या मार्केट में मौजूद अन्य कंफर्ट पिलो का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • लंबे समय तक झुककर ना बैठें खासकर ज्यादातर लोग लैपटॉप और डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हुए रीड की हड्डियों को झुका लेते हैं तो इस बात का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है इसके साथ ही एक उचित समय के गैप पर बॉडी मूवमेंट जरूरी है इसलिए जब भी समय मिले कुछ देर वॉक करें।
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कार्यक्षमता बढ़ाने के टिप्स

  • 20-20-20 का नियम अपनाएं: आँखों की थकान से बचने के लिए हर 20 मिनट में, 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड तक देखें।
  • हर 45-50 मिनट में ब्रेक लें: लगातार बैठने से ‘आॅफिस बॉडी सिंड्रोम’ का खतरा बढ़ता है। इसलिए हर 45-50 मिनट में अपनी सीट से उठें, 2 मिनट के लिए टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें।
  • सामान पहुँच में रखें: फोन, पानी की बोतल या पेन जैसी जरूरी चीज़ों को अपने पास रखें, ताकि बार-बार अनावश्यक रूप से शरीर को मोड़ना न पड़े।

योग से सही करें बिगड़ा हुआ पोस्चर

पश्चिम नमस्कार:

यह एक्सरसाइज चेस्ट को स्ट्रेच करता है और आपकी बाजुओं को खोल देता है। यह आपके शोल्डर को चौड़ा करते हुए आपके बॉडी पोस्चर में सुधार करता है।

ऐसे करें:

  • दोनों हाथों को पीछे की ओर लेकर जाएं और अपने हाथों को नमस्ते पोजीशन में एक साथ जोड़ लें।
  • अब अपने शरीर को कमर के पास से बिल्कुल सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकाएं। बॉडी को फर्श के बिल्कुल पैरेलल रखें।
  • कुछ देर तक इस मुद्रा में रहें, उसके बाद सामान्य मुद्रा में वापस आ जाए।

सेतु-बंधासन:

सेतुबंध का अर्थ है सेतु का बनना। यह आसन लोअर बैक मसल्स को स्ट्रेच करता है और रिलैक्स रखता है। ऐसे में आपकी बैठने की मुद्रा में सुधार आता है साथ ही जब आप खड़ी होती हैं, तो कमर के पास से झुकाव महसूस नहीं करती।

ऐसे करें:

  • फर्श पर लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ लें, टखने से सतह पर पकड़ बनाए रखें।
  • इस दौरान दोनों हाथों को अपने अगल-बगल बिल्कुल सीधा रखें।
  • धीरे-धीरे अपने नितंबों और धड़ को ऊपर की ओर उठाएं।
  • अपने शरीर को एक पुल का आकार देना है।
  • सामान्य श्वास लेने के साथ 10-30 सेकेंड तक इस स्थिति में रहें।
  • आपको केवल कंधे और सिर को फर्श के संपर्क में रखना है।
  • फिर सांस छोड़ते हुए, धीरे-धीरे मूल स्थिति में वापस लौट आएं।
    -डेस्क

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