Gaurav Diwas

Gaurav Diwas: गर्व दिवस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय खेलों का हुआ शानदार आयोजन -हरियाणा के सेवादार बने ओवरआल चैंपियन

शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार गर्व दिवस के उपलक्ष्य में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से सेवादारों को स्वस्थ, तंदुरुस्त और खेलों के प्रति जागरूक रखने के उद्देश्य से 28-29 अगस्त को दो दिवसीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सरसा के एमएसजी भारतीय खेल गांव में हुई अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, किड्स ऐज वॉरियर, टीन ऐज वॉरियर सेवादार (महिला व पुरुषों) ने हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता में मुख्य खेल गुलस्टिक, बास्केटबॉल, अंधा झोटा, जेवलिन थ्रो और वन लैग रेस के मुकाबले कराए गए। किड्स ऐज वॉरियर वर्ग में लड़के और लड़कियों की 4 गुणा 50 मीटर रिले रेस तथा वन लैग रेस करवाई गई। वहीं टीन ऐज वॉरियर वर्ग में 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस, वन लैग रेस और 800 मीटर दौड़ हुई।

सभी विजेता खिलाड़ियों को शानदार ट्राफियों व टोकन आॅफ लव देकर सम्मानित किया गया। पूज्य गुरु जी के पावन सानिध्य में हुए इन खेलों में खिलाड़ियों व दर्शकों ने अपार रहमतों को हासिल किया। पूज्य गुरु जी इन खेलों से समाज को स्वस्थ बनाने का संदेश दे रहे हैं। इस प्रतियोगिता को सम्पन्न करवाने में एमएसजी भारतीय खेल गाँव के प्रशासकीय मंडल तथा विभिन्न खेलों के कोच साहिबान के साथ-साथ शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के जिम्मेवार सेवादारों ने पूजनीय गुरु जी के पावन सानिध्य में अपना भरपूर योगदान अदा किया गया।

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खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

महिला वर्ग के किड्स ऐज वॉरियर्स की 30 मीटर वन लेग रेस में लिटिल रोजिज की आरोही प्रथम रही, जबकि हरियाणा की मन्नत दूसरे स्थान पर रही। 4 गुणा 50 मीटर रिले रेस में लिटिल रोजिज की टीम ने पहला और पंजाब की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। टीन ऐज वॉरियर्स की 50 मीटर वन लैग रेस में लिटिल रोजिज की समीधि प्रथम और पंजाब की तरनप्रीत द्वितीय रही।

वहीं 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में लिटिल रोजिज़ ब्लॉक की टीम पहले और हरियाणा की टीम दूसरे स्थान पर रही। महिला वर्ग की 800 मीटर दौड़ में दोनों शीर्ष स्थानों पर हरियाणा का कब्जा रहा। हरियाणा की कोमल प्रथम और स्मृति द्वितीय रही। सीनियर वर्ग (शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी) में तरमन कौर 800 मीटर दौड़ में पंजाब की प्रथम और दिल्ली की सिमरन द्वितीय रही।

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वन लैग रेस में उत्तर प्रदेश की आंचल प्रथम और हरियाणा की नीशू दूसरे स्थान पर रही। 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में हरियाणा की टीम ने पहला और उत्तर प्रदेश की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जेवलिन थ्रो के महिला वर्ग में पंजाब की सुखदीप ने पहला और हरियाणा की वंशिका ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। महिला सीनियर वर्ग के बास्केटबॉल मुकाबले में पंजाब की टीम विजेता रही, जबकि हरियाणा की टीम उप विजेता बनी।

  • अंधा झोटा में हरियाणा की टीम ने पहला और पंजाब की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
  • पुरूष वर्ग में खेले गए गुलस्टिक प्रतियोगिता में पंजाब की टीम प्रथम और उत्तर प्रदेश की टीम द्वितीय रही।

पुरुष वर्ग के किड्स ऐज वॉरियर्स मुकाबलों में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 4 गुणा 50 मीटर रिले रेस में बटर लॉयन ब्लॉक की टीम प्रथम और हरियाणा की टीम द्वितीय रही। वन लैग रेस में बटर लॉयन के कार्तिक ने पहला और हरियाणा के कुशमीत ने दूसरा स्थान हासिल किया।

टीनएज वॉरियर्स की 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में उत्तर प्रदेश की टीम प्रथम और हरियाणा की टीम द्वितीय रही। वन लैग रेस में उत्तर प्रदेश के गुरवंश प्रथम और दिल्ली के इवयान द्वितीय रहे। 800 मीटर दौड़ में बटर लॉयन ब्लॉक के जीवन ने पहला, जबकि पंजाब के सुखविंद्र ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग (शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी) की 800 मीटर दौड़ में हरियाणा के बंटी प्रथम और पंजाब के कर्णवीर द्वितीय रहे।

वन लैग रेस में हरियाणा के मनोज प्रथम और राजस्थान के अश्वनी द्वितीय रहे। 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में हरियाणा की टीम ने पहला और उत्तर प्रदेश की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जेवलिन थ्रो के पुरुष वर्ग मुकाबले में पंजाब के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। इकबाल व सुखबीर ने क्रमश: प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल किया। पुरुष वर्ग के बास्केटबॉल मुकाबले में भी पंजाब की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि राजस्थान की टीम दूसरे स्थान पर रही।

संदीप इन्सां के ‘दस्सों’ से पंजाब की बल्ले-बल्ले

क्रिकेट में चौके-छक्के लगाने की बातें तो आम सुनी होंगी, लेकिन एमएसजी भारतीय खेल गाँव में ‘दस्सों’ की धूम से दर्शक झूम उठे। पंजाब और उत्तर प्रदेश के बीच गुलस्टिक का फाइनल मुकाबला बड़ा रोचक रहा। पंजाब की ओर से धिंगड़ गांव के संदीप इन्सां ने शानदार खेल दिखाया। टॉस जीतकर ओपनर के रूप में मैदान में उतरे संदीप इन्सां ने पहले ही पैक में ‘दस्सा’ जड़ दिया।

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संदीप ने पूरे मैच के दौरान 4 ‘दस्से’ लगाने के अलावा अठ्ठे, छक्के और चौके लगाकर अपनी टीम के लिए 78 रश का अहम योगदान दिया। वहीं यू.पी. की टीम के दो खिलाड़ियों को लगातार ‘ईट आउट’ करके मैच का रुख ही पलट दिया। जवाब में यू.पी. टीम के कप्तान अनुज इन्सां ने भी पहले ही पैक में ‘दस्सा’ जड़ दिया। लेकिन वे ज्यादा समय टिक नहीं पाए। पंजाब के कप्तान पुष्पिन्द्र सिंह रोमी इन्सां ने बताया कि गुलस्टिक खेलते समय उन्हें अपने ननिहाल गाँव रंघड़ियाल की वे गलियां याद आ जाती हैं, जहाँ वह अपने दोस्तों के साथ गुल्ली-डंडा खेला करते थे।

गुल्ली-डंडा से बना ‘गुलस्टिक’

‘गुलस्टिक’, दरअसल पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पुरातन खेल गुल्ली-डंडा को आधुनिकता के रंग में रंगते हुए नए नियमों के साथ नया खेल इजाद किया है। यह नया खेल बेसबॉल, क्रिकेट और गुल्ली डंडा का मिश्रित रूप है। खेल को रोमांचक बनाने के लिए इसमें ऐसे नियम बनाए गए जिस को दर्शकों ने भी खूब पसंद किया है, जैसे क्रिकेट में गेंद फेंकने वाले को बॉलर बोला जाता है और उसी तर्ज पर इस खेल में गुल फेंकने वाले को गुल्लर कहा जाता है। गुल्लर का सामना करने वाले विपक्षी टीम के खिलाड़ी को योद्धा कहा जाता है।

गुल्लर योद्धा को आऊट करने के लिए लेपोल को निशाना बनाकर गुल्ली को फेंकता है और योद्धा गुल्ली को हिट करता है और जीएस ऐरिया में दौड़ कर अंक बटोरता है जिसे रश कहते हैं। मैदान में तैनात 9 खिलाड़ी जिन्हें रश सेवर कहा जाता है, गुल को रोकते हैं। इसमें गुल्ली को हिट कर चौका, छक्का, अठ्ठा व दस्सा (दस रश) भी प्राप्त किए जा सकते हैं। योद्धा के पास दो स्टिक होती हैं क्रिकेट के ओवर के स्थान पर इसमें पैक होते हैं।

इस खेल में योद्धा गुल्लर द्वारा फेंकी गुल को हिट करता है और भाग कर रश बनाता है। जहाँ पर गुल सेवर गुल को रोकता है वहाँ पर फिर से गुल रखी जाती है और इस बार योद्धा एस स्टिक से गुल को हिट करके रश बटोरता है। खेल में अम्पायर की भूमिका निभाने वाले को डिसाइडर कहा जाता है जिसमें दो डिसाइडर मैदान में व तीसरा थर्ड डिसाइडर की भूमिका निभाता है।

बता दें कि नई और पुरानी पीढ़ी दोनों को पुरातन और आधुनिकता के मिश्रण वाला खेल खूब पसंद आ रहा है। इसी तरह पुरातन खेल अंधा-झोटा को भी नया रूप दिया गया है। पूज्य गुरु जी ने कबड्डी, दौड़, कुश्ती और जिम्नास्टिक के मिश्रण का नया रूप रुमाल छू खेल भी बनाया है, जो बहुत लोकप्रिय हो रहा है।

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