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New Home जर्जर मकान में रहने को विवश था परिवार बेटी की पुकार सुन पूज्य गुरु जी ने दिया ‘नया घर’

सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व आदरणीय बहन हनीप्रीत जी इन्सां ने एक जरूरतमंद बेटी की पुकार पर उसके परिवार के लिए अपनी निजी कमाई में से उन्हें पक्का घर बनवाकर दिया। पंजाब के जिला संगरूर के गांव कमोमाजरा कलां की 20 वर्षीय बेटी जसप्रीत कौर ने पूज्य गुरु जी से घर बनवाने की अर्ज़ की थी।

उसने बताया कि उसके पापा का 2021 में निधन हो चुका है और उसकी माँ दूसरों के घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती है। उनका घर इतना जर्जर है कि बारिश के दिनों में उन्हें धर्मशाला या दूसरों के घरों में रहना पड़ता है। पूज्य गुरु जी ने परिवार की मुश्किल को समझते हुए पावन वचन फरमाए कि हम अपनी निजी कमाई में से दो दिनों के अंदर-अंदर पूरा घर बनाकर देंगे।1

पूज्य गुरु जी के आह्वान पर ब्लॉक संगरूर, सुनाम, लड्डा, भलवान, महलां चौक, गोबिंदगढ़ जेजियां, लोंगोवाल सहित कई ब्लॉकों की साध-संगत ने निर्धारित 48 घंटों से पहले ही घर का निर्माण कार्य पूरा कर दिया। साध-संगत ने इस परिवार के जर्जर व कच्चे घर को हटाकर एक नया पक्का मकान बनाकर दिया, जिसमें एक कमरा, बरामदा, रसोई, बाथरूम, फर्श तैयार किया गया और उसे रंग-रोगन से चमका दिया।

अपने नए घर को पाकर जसप्रीत कौर व उसका पूरा परिवार खुशी से झूम उठा व उन्होंने पूज्य गुरु जी का बहुत-बहुत शुक्राना किया। पूज्य गुरु जी के इस महान कार्य की हर किसी ने खुले दिल से प्रशंसा की। परहित में किया गया यह भलाई कार्य समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है।

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पूज्य गुरु जी ने इस परिवार की खुशियों को चार चांद लगाते हुए 21 जून को अपने पावन कर-कमलों से इस मकान की चाबी परिवार को सौंपकर अपनी दया-मेहर से मालामाल किया।

सभी त्योहार आज ही आ गए हों: जसप्रीत कौर

अपनी खुशी साझा करते हुए बेटी जसप्रीत कौर ने कहा कि उनके परिवार का सपना पूज्य गुरु जी ने पूरा किया है। पूरा परिवार पूज्य गुरु जी और साध-संगत का तहेदिल से धन्यवाद करता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जो सपना उनके परिवार द्वारा दशकों से देखा जा रहा था, वह कुछ ही घंटों में पूरा हो जाएगा।2

जसप्रीत कौर ने कहा कि आज का दिन उनके परिवार के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उनके जीवन के सभी त्योहार एक ही दिन में एक साथ आ गए हों। उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे नर्क जैसी जिंदगी से निकलकर स्वर्ग जैसे माहौल में आ गए हों।

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