Kasauli

Kasauli: कसौली निहारें प्राकृतिक सौंदर्य के नज़ारे

चारों तरफ हरियाली और ऊँचाई से दिखने वाले पहाड़ किसी का भी मन मोह लेते हैं। घने जंगलों के बीच सजीली वादियाँ, पहाड़ों के ऊपर तैरते बादल और दूर-दूर तक नज़र आने वाली पगडंडियाँ जो इस जगह को बेहद सुंदर बनाती है। कुछ ऐसा ही है हिमाचल प्रदेश का कसौली।

हिमाचल के सोलन जिले में स्थित, कसौली एक बेहद ही खूबसूरत शहर है, जहाँ पर आप मन को लुभाने वाले कुछ बेहतरीन अनुभव कर सकते हैं। प्रकृति की गोद में झूलते हुए सूर्यास्त का एक भव्य नज़ारा देखना, एक प्रसिद्ध मंदिर तक पहुँचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियों पर चढ़ना जैसी कुछ चीज़ों के बारे में सोचकर ही मन झूम उठता है। अगर आप कसौली घूमने जा रहे हैं तो इन सभी चीज़ों का अनुभव कर सकते हैं।

कसौली में घूमते हुए आपको ऐसा लगेगा कि आप किसी अंग्रेजों के जमाने के हिल स्टेशन में घूम रहे हैं। इसकी वजह ये है कि कसौली हिल स्टेशन ब्रिटिश काल के दौरान विकसित हुआ था। इस जगह की कई संरचनाएँ आपको उस समय की देखने को मिल जाएँगी। इसके अलावा कहा जाता है कि संजीवनी लेकर लौट रहे हनुमान जी इस जगह पर रुके थे। 1857 की क्रांति में यहाँ के लोगों ने गोरखा लोगों का साथ दिया था। कसौली में घूमते हुए आप इस इतिहास से रूबरू होंगे।Kasauli

तो आइए जानते हैं कसौली के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थानों के बारे में:

मंकी प्वाइंट:

मंकी प्वाइंट से आप कसौली में घूमने की शुरूआत कर सकते हैं। मंकी प्वाइंट कसौली की सबसे ऊँची जगहों में से एक है। यहाँ से आपको कसौली का बेहद खूबसूरत और प्यारा नज़ारा देखने को मिलेगा। इस जगह से बर्फ से ढकी चोटियां भी दिखाई देती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, संजीवनी बूटी की खोज के दौरान हनुमान जी यहाँ रूके थे। जहाँ उन्होंने अपना पैर रखा, उसे ही मंकी प्वाइंट के नाम से जाना जाता है।

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गिल्बर्ट ट्रेल:

यदि आप शहर की भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर जाना पसंद करते हैं तो कसौली में आप गिल्बर्ट ट्रेल कर सकते हैं। लगभग 1.5 किमी. का ये ट्रेल आपको प्रकृति के करीब ले जाएगी। यहाँ से आपको पहाड़ों के बेहद सुंदर दृश्य देखने को मिलेंगे। देवदार के घने जंगल से गुजरते इस ट्रेल में आपको शांत वातावरण की खूबसूरती का एहसास होगा।

क्राइस्ट चर्च:

कसौली के मॉल रोड के पास में स्थित क्राइस्ट चर्च शहर का एक ऐतिहासिक स्थल है। क्राइस्ट चर्च को अंग्रेजों ने बनवाया था और ये कसौली का ही नहीं हिमाचल प्रदेश का सबसे पुराना चर्च है। निओ-गोथिक शैली के इस चर्च का निर्माण 1853 में हुआ था। इस चर्च की भव्यता देखते ही बनती है। कांच से बनी खिड़कियाँ इस चर्च की सुंदरता में चार चाँद लगा देती है। यहाँ आपको शांति और सुकून का एहसास होगा।

सनसेट प्वाइंट:

पहाड़ों में सूर्योदय और सूर्यास्त के नज़ारे देखने लायक होते हैं। ऐसा दृश्य किसी को भी मंत्रमुग्ध कर देता है। कसौली में भी एक सनसेट प्वाइंट है जहां आपको सूर्यास्त का बेहद सुंदर और मनोरम नज़ारा देखने को मिलता है। देवदार के घने जंगलों पर जब सूर्य की लालिमा पड़ती है तो जंगल और भी सुंदर लगने लगता है। यहाँ पर शाम के समय आपको स्थानीय लोग और सैलानी बड़ी संख्या में मिलेंगे। कसौली जाएँ तो सनसेट प्वाइंट जरूर जाएँ।

गोरखा किला:

यहाँ पर एक गोरखा किला है जिसे गोरखा के साहस और वीरता के लिए जाना जाता है। इस किले का निर्माण 1900 में हुआ था। गोरखा सेना के प्रमुख अमर सिंह थापा ने किले के निर्माण का कार्य सँभाला था। इस किले को अंग्रेजों से युद्ध लड़ने के लिए बनवाया गया था। आज भी इस किले की खूबसूरती देखते ही बनती है। अगर आपकी इतिहास में थोड़ी भी दिलचस्पी है तो गोरखा किला जरूर आएँ।Kasauli

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मॉल रोड और मेजर धयान चंद चौक:

कसौली का मॉल रोड ज्यादा बड़ा तो नहीं है, लेकिन आपको यहाँ पर बहुत-सी खाने-पीने की दुकाने, कपड़े और अन्य दुकानें मिल जाएंगी, यहाँ से आप अपने ट्रिप को यादगार बनाने के लिए समान खरीद सकते हैं। मॉल रोड के बिल्कुल सामने मेजर ध्यान चंद चौक है, जोकि भारतीय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद की याद में बना है और यहाँ पर उनकी एक बड़ी मूर्ति स्थापित है।

जंगेशु जलप्रपात:

कसौली और उसके आसपास मुख्य रूप से जंगेशु जलप्रपात और पैराडाइज़ वैली स्थित हैं। यह कसौली शहर से लगभग 12 से 15 किलोमीटर की दूरी पर ओल्ड कसौली रोड पर कोटबेजा में स्थित है। यह स्थान घने जंगलों से घिरा है और चंडीगढ़ से सिर्फ 45 किमी (डेढ़ घंटे का सफर) दूर है। यह एक छिपा हुआ प्राकृतिक स्वर्ग है, जहाँ आप शांत वातावरण और बहते हुए पानी का आनंद ले सकते हैं।

पैराडाइज वैली:

जंगेशु के पास ही स्थित यह जगह अपने प्राकृतिक स्विमिंग पूल, झरने और परिवार के अनुकूल माहौल के लिए जानी जाती है। यहाँ प्रवेश शुल्क लिया जाता है।

माशोबरा जलप्रपात:

कसौली से लगभग 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, यह भी एक छोटा और सुकून देने वाला प्राकृतिक झरना है।

कैसे पहुंचे:

  • हवाई मार्ग: अगर आप फ़्लाइट से कसौली पहुँचना चाहते हैं तो सबसे निकटतम एयरपोर्ट चंडीगढ़ में है। वहाँ से कसौली 70 किमी. की दूरी पर है। चंडीगढ़ से आपको कसौली के लिए बस और टैक्सी आराम से मिल जाएगी।
  • रेल मार्ग: कसौली शहर में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन कालका जी है जो कसौली से 40 किमी. की दूरी पर है। आपको कालका जी में कसौली के लिए टैक्सी आराम से मिल जाएगी।
  • सड़क मार्ग: कसौली पहुँचने का सबसे अच्छा जरिया सड़क मार्ग है। आप बस से दिल्ली, सोलन और शिमला से कसौली पहुँच सकते हैं। इसके अलावा अगर आप खुद की गाड़ी से कसौली जाना चाहते हैं तो उसमें भी कोई दिक़्कत नहीं होगी। कसौली का सफर करने में आपको मज़ा बहुत आएगा।

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