Trekking in Goa: गोवा में ट्रैकिंग – साहसी लोगों के लिए शानदार मनोरंजन स्थल
जब दोस्तों के साथ जमकर मस्ती करनी हो या फिर नाइटलाइफ को एन्जॉय करना हो तो लोग गोवा घूमने जाना काफी पसंद करते हैं। यह देश का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन फिर भी देश-विदेश से टूरिस्ट यहाँ घूमने के लिए आते हैं। बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि गोवा में टूरिस्ट, ट्रैकिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। जी हाँ, गोवा के करीब कुछ बेहतरीन जगह हैं, जिन्हें ट्रैकिंग के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
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दूधसागर फॉल्स ट्रैक:
यदि आप गोवा में ट्रैकिंग करने का मन बना रहे हैं तो ऐसे में दूधसागर फॉल्स ट्रैक को चुन सकते हैं। दूधसागर ट्रैक 14 किमी लंबा ट्रैक है, जिसमें घने जंगल और रेलवे ट्रैक से गुजरते हुए लगभग 6-7 घंटे लगते हैं। यह भारत का पांचवां सबसे ऊंचा वॉटरफॉल है। जबकि यह गोवा के सबसे ऊंचे वॉटरफॉल में से एक है, जिसकी ऊंचाई 310 मीटर है। पश्चिमी घाट में स्थित वॉटरफॉल का शानदार प्रवाह मानसून के मौसम में अपने सबसे अच्छे रूप में होता है।
नेत्रावली वाइल्डलाइफ सैन्चुरी:
नेत्रावली वाइल्डलाइफ सैन्चुरी की दूरी पणजी से लगभग 65 किमी है। यह मुख्य रूप से अपनी विविध वनस्पतियों और जीवों के लिए जाना जाता है। लेकिन यहाँ पर कई ट्रैकिंग रूट भी हैं, जिसे एक बिगनर भी एक्सप्लोर कर सकता है। यहाँ का मुख्य आकर्षण सावरी वॉटरफॉल है, जो अपेक्षाकृत अधिक आसान ट्रैक है।
वाघेरी हिल्स:
वाघेरी हिल्स वालपोई के पास और पणजी से लगभग 50 किमी की दूरी पर है। यहाँ पर ट्रैकिंग करते हुए आपको आसपास की घाटियों और जंगलों का मनोरम दृश्य निहारने का मौका मिलता है। हालांकि, यदि आप पहली बार घूमने जा रहे हैं तो आपके लिए ट्रैकिंग करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। चूंकि, यहाँ पर अमूमन कम लोग ही आते हैं, जिसके कारण यह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत स्थान बन जाता है।
अरामबोल ट्रैक:
गोवा के सबसे उत्तरी भाग केरी में स्थित यह ट्रैक बेहद ही खूबसूरत है। इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं, इसलिए यहाँ पर आपको बहुत कम भीड़ मिलेगी। आप केरी से अरामबोल बीच और पालीम हिल तक ट्रैक कर सकते हैं। जब आप इस ट्रैक पर होंगे, तो आप अरब सागर के तट की सुंदरता को बेहद करीब से निहार सकते हैं। चूंकि गोवा के इस क्षेत्र में बहुत अधिक विकास नहीं हुआ है, इसलिए आप प्रकृति के जंगल का उसके वास्तविक रूप में आनंद ले सकते हैं। इस ट्रैक की लंबाई पांच किलोमीटर है और हर कोई आसानी से यहाँ पर ट्रैकिंग कर सकता है।
सोंसोगोर ट्रैक:
दूधसागर झरने के बाद सोंसोगोर ट्रैक, गोवा में ट्रैकिंग के लिए बहुत अधिक पॉपुलर है। यहाँ शहर की भीड़-भाड़ से दूर आप खुद को बादलों और पहाड़ों से घिरा हुआ पाएंगे। इस ट्रैक की लंबाई लगभग 15 किमी है और यह एक आसान ट्रैक है।
ट्रैकिंग करते वक्त बरतें सावधानियाँ
- पहाड़ों पर चढ़ने और उतरने के दौरान कई तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। एक बार चढ़ाई शुरू कर दी तो उसे पूरा करने का आनंद ही कुछ और होता है। चढ़ाई के दौरान बॉडी को बैलेंस्ड रखना बहुत जरूरी होता है, इसलिए आपके पास पानी के लगभग 4 से 5 स्टॉक होने चाहिए।
- पानी बॉडी को डिहाइड्रेशन से बचाकर रखता है। प्रत्येक 20 मिनट के बाद पानी की कुछ मात्रा लेते रहें ताकि शरीर में पानी का बैलेंस बना रहे। ध्यान रखें एकसाथ ढेर सारा पानी न पीएं।
- फिल्मों में ट्रेकिंग के दौरान कॉम्पिटीशन दिखाए जाते हैं लेकिन वास्तव में ऐसी चीजें करने से बचें। बहुत ही ध्यान से और आराम से चढ़ाई करें। बहुत ज्यादा तेजी आपके लिए नुकसानदेह हो सकती है। एक्सपर्ट भी ऐसी चीजें करने के लिए मना करते हैं।
- अपने बॉडी स्टेमना के अनुसार ही चढ़ाई की रफ्तार को घटाएं-बढ़ाएं न कि दूसरे व्यक्ति को देखकर। ऐसा करके आप बहुत सारी समस्याओं से बचे रहेंगे।
- दिन की शुरूआत नाश्ते से करना सेहत के लिए बुहत अच्छा होता है। ऐसी बातें आपने कई बार सुनी और पढ़ी होंगी। ट्रेकिंग के समय भी नाश्ता आपके लिए लाभदायक होगा क्योंकि बॉडी में एनर्जी बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। यह आपको ट्रेकिंग के दौरान लगने वाली भूख से बचाएगा। नाश्ते में ज्यादा चाय या कॉफी का सेवन न करें। इससे आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।



































































