humanity: ये लावारिस नहीं, अपने ही हैं -इन्सानियत
ये लावारिस नहीं, humanity अपने ही हैं ‘इन्सानियत’ मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों के लिए डेरा सच्चा सौदा की सराहनीय मुहिम
परिवारिक चिंताओं के चलते...
जैसा सोचा, जैसा मांगा, वैसा ही मिला -सत्संगियों के अनुभव
जैसा सोचा, जैसा मांगा, वैसा ही मिला :सत्संगियों के अनुभव -पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
प्रेमी...
…ताकि सब इन्सान बनें – जाम-ए-इन्सां गुरु का की 15वीं वर्षगांठ
...ताकि सब इन्सान बनें - जाम-ए-इन्सां गुरु का की 15वीं वर्षगांठ
रूहानी जाम इन्सानियत के गुणों से भरपूर एक रूहानी टॉनिक है। ताकि सब इन्सान...
चल उठ भक्ता! वायदा किया था नाम जपने का…Experiences of Satsangis
7पूजनीय बेपरवाह सार्इं मस्ताना जी महाराज का पावन रहमो-करम
‘‘चल उठ भक्ता! वायदा किया था नाम जपने का...’’ "Come on, devotee! Promised to recite the...
अलौकिक ध्यान क्रि याएँ
अलौकिक ध्यान क्रि याएँ
ध्यान कल्प वृक्ष है। इसकी सुखद छांव में जो भी बैठता है, उसकी सभी कामनाएं पूरी हो जाती हैं। ध्यान में...
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
भूलना एक स्वाभाविक क्रि या है। अमेरिका के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक तथा दार्शनिक विलियम जेम्स...
‘तू डायरी में लिख, 2 दिसंबर 1992, सवेरे 8 बजे…!’ -सत्संगियों के अनुभव
‘तू डायरी में लिख, 2 दिसंबर 1992, सवेरे 8 बजे...!’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
प्रेमी हरी चंद...
बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं
... बेटा, घबराना नहीं, हम तेरे साथ हैं :- पूज्य हजूर पिता डॉ. एमएसजी की रहमत
प्रेमी जगदीश राय इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी श्री शाम लाल...
वास्तविक प्रसन्नता
वास्तविक प्रसन्नता
इसमें संदेह नहीं कि आर्थिक समृद्धि व भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति से भी हमें ख़ुशी मिलती है लेकिन उसकी एक सीमा है। प्रसन्नता...
Experiences of Satsangis सतगुरु जी ने अपने शिष्य व उसके पिता की मदद की
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सतगुरु जी ने अपने शिष्य व उसके पिता की मदद...











































































