उजाले की सौगात | पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ‘याद-ए-मुर्शिद’ 30वां फ्री नेत्र...
उजाले की सौगात
पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ‘याद-ए-मुर्शिद’ 30वां फ्री नेत्र जांच शिविर
शाह सतनाम जी धाम सरसा में पावन नारा ‘धन धन सतगुरु...
पुत्र! बख्श दिया -सत्संगियों के अनुभव
पुत्र! बख्श दिया -सत्संगियों के अनुभव पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता प्रकाश इन्सां पत्नी श्री गुलजारी लाल, निवासी मंडी डबवाली जिला...
Experiences of Satsangis…सब भ्रम मुकावण आया सी
60वीं पावन स्मृति (18 अप्रैल) विशेष Experiences of Satsangis
याद-ए-मुर्शिद परम पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज
...सब भ्रम मुकावणआया सी
संत परोपकारी होते हैं। संसार में...
पूरी की दिली इच्छा -सत्संगियों के अनुभव
पूरी की दिली इच्छा -सत्संगियों के अनुभव पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
माता प्रकाश इन्सां पत्नी श्री गुलजारी लाल मंडी डबवाली जिला...
महामारी के दौर में रोज करें मेडिटेशन, मिलेगी खुशी
महामारी के दौर में रोज करें मेडिटेशन, मिलेगी खुशी
मेडिटेशन यानी ध्यान की वो अवस्था जहां सारा ध्यान मन पर लगाया जाता है, भीतर की...
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
याद्दाश्त ठीक रखने के लिए जरूरी है मस्तिष्क का अधिकाधिक इस्तेमाल
भूलना एक स्वाभाविक क्रि या है। अमेरिका के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक तथा दार्शनिक विलियम जेम्स...
आत्मविश्वास रखें और कमियां स्वीकारें
आत्मविश्वास रखें और कमियां स्वीकारें
जीवन में सफलता के पीछे हर कोई भागता है, मगर सफलता उसी शख्स के पीछे दौड़ती है, जो खुद पर...
तुझे खुद मुखत्यारी मिली जैसी, किसी जून को न मिली ऐसी…
तुझे खुद मुखत्यारी मिली जैसी, किसी जून को न मिली ऐसी...
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा |
मालिक की...
Experiences of Satsangis: बेटा! अपने पति का आधार कार्ड लेके जाना।-सत्संगियों के अनुभव
‘बेटा! अपने पति का आधार कार्ड लेके जाना।’ Experiences of Satsangis
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
सत्संगियों...
चल उठ भई! तुझे तो ड्यूटी पर टाईम से पहुंचना है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम | सत्संगियों के अनुभव
मास्टर लीला कृष्ण उर्फ लीलाधर पुत्र श्री पुरुशोत्तम दास, नानक नगरी, मकान न.122, मोगा (पंजाब)। प्रेमी जी अपने पूजनीय सतगुरु परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक अलौकिक करिश्मे का इस प्रकार वर्णन करता है:-















































































