‘सच्चा सौदा और नेजिया एक करेंगे!’ डेरा सच्चा सौदा सतलोकपुर धाम नेजिया खेड़ा,जिला सरसा
‘सच्चा सौदा और नेजिया एक करेंगे!’
डेरा सच्चा सौदा सतलोकपुर धाम नेजिया खेड़ा,जिला सरसा
पूज्य सार्इं बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज, उन दिनों नेजिया खेड़ा में...
Experiences of Satsangis: सतगुरु जी की रहमत से घुटने की चपनी ठीक हुई
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
सत्संगियों के अनुभव Experiences of Satsangis
प्रेमी सुखदेव सिंह इन्सां पुत्र श्री...
सतगुरु प्रत्येक क्षण अपने शिष्य की सम्भाल करता है
सतगुरु प्रत्येक क्षण अपने शिष्य की सम्भाल करता है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
सत्संगियों के अनुभव
प्रेमी चरण दास पुत्र श्री गंगा सिंह...
माताओं के बुलंद हौंसले का साक्षी है सतनाम पुर धाम, गदराना
माताओं के बुलंद हौंसले का साक्षी है सतनाम पुर धाम, गदराना
"‘भाई! तुम लोग हमें बुला तो रहे हो, यह बताओ कि साध-संगत को क्या...
पुट्टर उठ! लिपाई वाली मिट्टी बनानी है -सत्संगियों के अनुभव
पुट्टर उठ! लिपाई वाली मिट्टी बनानी है -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी सिरी राम उर्फ सूबेदार सुपुत्र...
Dreaming: आता नजर जो सपना क्यों देख हंस रहा है
पूज्य गुरु जी के पवित्र वचनों पर आधारित शिक्षादायक सत्य प्रमाण
पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आज...
वो बिन मांगे ही सब कुछ देता रहता है…
वो बिन मांगे ही सब कुछ देता रहता है...
अकबर और बीरबल के किस्से बहुत प्रसिद्ध हैं। वे किस्से कितने थे और विद्वानों ने अपनी...
जब परछाई साथ रहती है, उसी प्रकार भगवान भी साथ रहता है -सत्संगियों के...
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
सन् 1957 की बात है। प्रेमी रामशरण खजांची ने बताया कि बेपरवाह मस्ताना जी महाराज भिवानी में...
बेटा! दो महीने दे अन्दर अन्दर तुहाडी बदली हो जावेगी। -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज की अपार रहमत
बहन सन्तोष कुमारी इन्सां पत्नी प्रेमी राम गोपाल इन्सां, आदमपुर मंडी, जिला हिसार से परम...
चल उठ भई! तुझे तो ड्यूटी पर टाईम से पहुंचना है
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम | सत्संगियों के अनुभव
मास्टर लीला कृष्ण उर्फ लीलाधर पुत्र श्री पुरुशोत्तम दास, नानक नगरी, मकान न.122, मोगा (पंजाब)। प्रेमी जी अपने पूजनीय सतगुरु परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज के एक अलौकिक करिश्मे का इस प्रकार वर्णन करता है:-













































































