सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
5साल बाद इंस्टाग्राम की खिड़की से मिली प्यारी झलक
5साल बाद इंस्टाग्राम की खिड़की से मिली प्यारी झलक
सोशल मीडिया पर हमेशा सुर्खियां बटोरने वाली पिता-पुत्री की जोड़ी (एफडीडी : फादर डॉटर की जोड़ी)...
‘तू ज्योंदा ही मत्थे लग गया…’ -सत्संगियों के अनुभव
‘तू ज्योंदा ही मत्थे लग गया...’ -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी शगुन लाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी श्री पाली...
Experiences of Satsangis: बेटा उठ! तेरे कमरे में आग लग गई है! -सत्संगियों के...
Experiences of Satsangis बेटा उठ! तेरे कमरे में आग लग गई है!’ -सत्संगियों के अनुभव
पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी...
‘‘सच्चा सौदा सतगुरु के हुक्म से बना है…’’
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
‘‘सच्चा सौदा सतगुरु के हुक्म से बना है...’’ "The true deal is made by the command of...
कैसा हो निमंत्रण पत्र – How Should Be The Invitation Card in Hindi
निमंत्रण पत्र का महत्व Importance of Invitation Card in Hindi
पार्टी चाहे छोटी हो या बड़ी, उसके निमंत्रण-पत्र (Invitation Card in Hindi) की अहमियत बहुत...
वचन ज्यों के त्यों पूरे किए -सत्संगियों के अनुभव
वचन ज्यों के त्यों पूरे किए -सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
प्रेमी हंसराज इन्सां पुत्र सचखंडवासी श्री चौधरी राम गांव...
भयानक कर्म भी कट जाते हैं।
मेरा लड़का हरजिन्द्र सिंह उम्र 35 वर्ष मोटरसाइकिल पर गाँव से पीलीबंगा आ रहा था। अचानक उसकी आँख में मच्छर वगैरा कुछ पड़ गया। वह आँख मसलने लगा तो मोटर साईकिल का बैलेंस बिगड़ गया और वह पक्की सड़क पर जोर से गिर पड़ा। उसी समय मेरे पास पीलीबंगा से फोन आया कि आपके लड़के हरजिन्द्र का एक्सीडैंट हो गया है।
हमेशा खुशहाल व तंदुरुस्त रहें
हमेशा खुशहाल व तंदुरुस्त रहें -आज ज्यादातर बड़े शहरों की बड़ी-बड़ी कंपनियों में कार्यरत लोगों की जीवन शैली कुछ इस तरह की है जिसमें...
वास्तविक प्रसन्नता
वास्तविक प्रसन्नता
इसमें संदेह नहीं कि आर्थिक समृद्धि व भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति से भी हमें ख़ुशी मिलती है लेकिन उसकी एक सीमा है। प्रसन्नता...













































































