सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
सत्संगियों के अनुभव : पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की अपार रहमत
सुमिरन के लिए अलसुबह आकर उठाते प्यारे मुर्शिद
प्रेमी राम गोपाल इन्सां पुत्र सचखण्डवासी कृष्ण चन्द रिटायर्ड एस.ई. सिंचाई विभाग (हरियाणा) निवासी शाह सतनाम जी नगर सरसा ने अपने जीवन से जुड़ी अनमोल यादों एवं सतगुरु की रहमत का इस प्रकार बखान करते हुए बताया कि सन् 1990 की बात है। उस समय हम सपरिवार भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड की कालोनी हिसार में रहते थे।
मैं समय बोल रहा हूं
मैं समय हूं। अंग्रेजी में मुझे ‘टाइम’ कहते हैं।
इस भौतिक प्रदूषित तनावग्रस्त वातावरण में मेरे लिए भी विकट मंदी का दौर चल रहा है।...
अनाथ मातृ-पितृ सेवा मुहिम: बहन हनीप्रीत इन्सां ने बुजुर्गों की सेवा कर मनाया मदर्स-डे
अनाथ मातृ-पितृ सेवा मुहिम: बहन हनीप्रीत इन्सां ने बुजुर्गों की सेवा कर मनाया मदर्स-डे
पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की...
Ruhani Satsang: कुछ भी ना सोचे, कुछ भी ना समझे, कैसा बना अनजान, जैसे...
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा
कुछ भी ना सोचे, कुछ भी ना समझे, कैसा बना अनजान, जैसे नादान...
MSG Bhandara: 125 वां पावन अवतार दिवस (कार्तिक पूर्णिमा) अज्ज आए शाह मस्ताना जी...
MSG Bhandara परम पूजनीय परम संत शहनशाह मस्ताना जी महाराज ने यह डेरा सच्चा सौदा रूपी बाग लगाया और इस इलाही बाग के द्वारा...
आत्मविश्वास आपकी पूंजी है | Confidence is your capital
आत्मविश्वास ऐसी भावना है जो व्यक्ति खुद के अंदर अपने ही प्रयास से उत्पन्न करता है किंतु यह बात हर व्यक्ति में नहीं होती कि वह आत्मविश्वास को उत्पन्न कर सके।
पुस्तकों से संभव है चिकित्सा व दीर्घायु
पुस्तकों से संभव है चिकित्सा व दीर्घायु
स्वस्थ व रोगमुक्त रहने के लिए व्यक्ति क्या कुछ नहीं करता है? इसके लिए उसने कैसी-कैसी विधियाँ खोज...
सांसों की डोर को मजबूत बनाता है -प्राणायाम
सांसों की डोर को मजबूत बनाता है -प्राणायाम
योग के आठों अंगों में प्राणायाम सबसे प्रमुख अंग है। प्राण को विकसित करने वाली प्रणाली का...
‘कोई कोई जाने कैसा नशा है नाम का। वो ही जाने प्याला पिया, प्रेम...
‘कोई कोई जाने कैसा नशा है नाम का। वो ही जाने प्याला पिया, प्रेम के जाम का’।|
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम,...
Experiences of Satsangis: पूज्य डॉ. एमएसजी हजूर पिता जी की दया-मेहर,‘‘खुशियां तो बहुत आती...
पूज्य डॉ. एमएसजी हजूर पिता जी की दया-मेहर,‘‘खुशियां तो बहुत आती हैं, पर...।’’ Experiences of Satsangis
सत्संगियों के अनुभव
सतगुरु जी की अपार रहमत का उपरोक्त...














































































