आर्केटेक्ट बन संवारे भविष्य की राह
यदि आप अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने भविष्य के बारे में सोच रहे हैं और दूसरे छात्रों की तरह मेडिकल और इंजीनियरिंग में अपना करियर नहीं बनाना चाहते तो कई ऐसे करियर विकल्प हैं जिसमें अच्छा भविष्य बना सकते हैं। कई अच्छे करियर विकल्पों में से एक आर्किटेक्चर भी है। इमारत की डिजाइन, योजना और उसका निर्माण करने वाले को आर्किटेक्चर कहा जाता है।
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आर्किटेक्चर का कार्य:
आर्किटेक्चर का कार्य होता है कि वह पहले किसी भी संरचना के बारे में एक प्लान बनाएं और फिर उस का डिजाइन तैयार करे और उसके बाद में उसका निर्माण करवाए, आज हम जितने भी बड़े-बड़े बांध इमारतें देखते हैं जिनके डिज़ाइन एकदम हटके होते हैं या साधारण भी होते हैं तो यह सभी एक आर्किटेक्चर द्वारा ही बनाए जाते हैं। किसी भी बिल्डिंग को बनाने से पहले उसकी पूरी तैयारी करनी पड़ती है जो आर्किटेक्चर ही करता है।
आर्किटेक्चर हमको बताते हैं कि इस बिल्डिंग का निर्माण कैसे होगा और ये कैसी दिखेगी। आर्किटेक्चर सबसे पहले बनने वाली बिल्डिंग के बारे में सारी बातें जान लेता है तब उसका प्लान बनता है, प्लान बनाने के बाद ही बिल्डिंग का काम आगे शुरू किया जाता है। आर्किटेक्चर अलग-अलग तरीके की डिज़ाइन बनाने में माहिर होता है।
योग्यता व कोर्स:
आर्किटेक्चर बनने के लिए आपको इसका कोर्स करना पड़ेगा। इसके लिए आपको 12वीं कक्षा में गणित और इंग्लिश के साथ में पास होना अनिवार्य है साथ ही इंग्लिश और गणित के साथ कम से कम 50 फीसदी अंक होने अनिवार्य है। वहीं अगर आपने 10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्स किया है तो आप आर्किटेक्चर की डिग्री कर सकते हैं उसके लिए आपको 12 वीं कक्षा में पास होना भी जरूरी नहीं होगा।
आर्किटेक्चर बनने के लिए जहाँ आप 10वीं के बाद तीन साल का आर्किटेक्चर में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। वहीं 12वीं के बाद बैचलर आॅफ आर्किटेक्चर, मास्टर आॅफ आर्किटेक्चर व पीएचडी भी कर सकते हैं। वहीं एक आर्किटेक्चर को सिर्फ यह डिग्री हासिल करने से ही पूरा काम नहीं आता उनको कुछ सॉफ्टवेयर भी सीखने पड़ते हैं
जैसे कि आॅटोकैड या ऐसे सॉफ्टवेयर जिनके अंदर आर्किटेक्चर डिज़ाइन तैयार करते है और बनाते है तभी ये किसी बिल्डिंग का डिज़ाइन बना पाते है। सॉफ्टवेयर में काम करने के लिए आपको स्केचअप, रेविट, 3 डी स्टूडियो मैक्स, आॅटोकैड, वी-रेए फोटोशॉप और हैंड ड्राइंग आना बहुत जरुरी होता है।
करियर संभावनाएं:
एक आर्किटेक्ट्स के रूप में आप प्राइवेट, पब्लिक एवं गवर्नमेंट किसी भी सेक्टर में अपना करियर बना सकते हैं। अगर हम पब्लिक सेक्टर की बात करें तो लोक निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य जैसे विभागों में आर्किटेक्ट की मांग लगातार बनी रहती है। वहीं गवर्नमेंट सेक्टर में आर्किओलॉजिकल डिपार्टमेंट, मिनिस्ट्री आॅफ डिफेंस, रेलवे, इसके अलावा, लोकल एजेंसी, स्टेट डिपार्टमेंट, हाउसिंग में भी नौकरी की तलाश कर सकते हैं।
यदि आप कुछ वर्षों का अनुभव हासिल कर लेते हैं, तो कंसल्टेंट और कंस्ट्रक्टर के रूप में खुद के बिजनेस की शुरूआत भी कर सकते हैं। कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे इन्वेस्टमेंट के कारण आॅकिटेक्चर की डिमांड लगातार बढती जा रही है। जानकारों की मानें, तो भारत में आॅकिटेक्चर की मांग और सप्लाई में अभी भी काफी अंतर है।
सैलरी:
एक आॅकिटेक्ट के रूप में जब आप किसी प्राइवेट सेक्टर में जॉब शुरू करेंगे तो आपकी सैलरी 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह हो सकती है। हालांकि सैलरी आॅर्गनाइज़ेशन के आकार और आपके अनुभव पर भी डिपेंड करती है। दो से चार साल के अनुभव के बाद आपकी मासिक सैलरी 50 हजार रुपये से अधिक हो सकती है। वहीं गर्वनमेंट सेक्टर में वहाँ के पे-स्केल के अनुसार से आप लाखों में सैलरी पा सकते हैं। -विशाल कौशिक






























































