Diabetes Foot

Diabetes Foot: मधुमेह करें बचाव, ताकि न हों पैरों से जुड़ी समस्याएं

बहुत से लोगों को अपने जीवन में पैरों से जुड़ी समस्याएं होती हैं, चाहे वह पैरों में दर्द हो, अकड़न हो या पैरों में खिंचाव हो। लेकिन मधुमेह से पीड़ित लोगों में पैरों की समस्याएं कई कारणों से और बढ़ जाती हैं। कैलिफोर्निया की पोडियाट्रिस्ट और अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के फुट केयर इंटरेस्ट ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. शैली गैथ बताती हैं

कि भले ही किसी को हाल ही में डायबिटीज का पता चला हो और वह देखने में काफी स्वस्थ लग रहा हो, फिर भी अपने पैरों का ख्याल रखना जरूरी है। उनमें पहले से ही नसों को नुकसान या सूक्ष्म रक्त वाहिका रोग हो सकता है, जिससे उन्हें डायबिटिक फुट की जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। उनके पैरों में कट या कोई और गंभीर चोट लग सकती है, जिसका उन्हें एहसास भी नहीं होगा।

पैरों की समस्याएं अक्सर नसों में क्षति होने पर होती हैं, जिसे न्यूरोपैथी भी कहा जाता है। इससे पैरों में झुनझुनी, दर्द (जलन या चुभन) या कमजोरी हो सकती है। इसके अलावा, पैरों में सुन्नपन भी आ सकता है, जिससे चोट लगने पर आपको पता भी नहीं चलेगा। खराब रक्त प्रवाह या पैरों या पैर की उंगलियों के आकार में बदलाव भी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।foot

पैरों का ऐसे रखें ख्याल:

मधुमेह होने पर, पैरों की गंभीर समस्याओं से बचने के लिए पैरों की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है। अपने पैरों की देखभाल के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • रोजाना अपने पैरों को गुनगुने (गर्म नहीं) साबुन वाले पानी से धोएं और उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सुखा लें ताकि कोई समस्या न हो।
  • अपने पैरों को मॉइस्चराइज करें, लेकिन उंगलियों के बीच में मॉइस्चराइज़ करने से बचें।
  • अपने पैरों के नाखूनों को ट्रिम करके रखें और नुकीले किनारों को चिकना करने के लिए एमरी बोर्ड का इस्तेमाल करें।
  • रोजाना अपने पैरों में घाव, कट, छाले, गांठें या लालिमा की जांच करें। इनमें से कुछ भी दिखने पर अपने डॉक्टर को बताएं।
  • पसीना सोखने वाले मोजे पहनें।
  • जूते पहनने से पहले, नुकीली वस्तुओं (जैसे छोटे पत्थर) की जांच कर लें।
  • ऐसे जूते पहनें जो पैरों में अच्छी तरह फिट हों और पैरों को रगड़ें नहीं।
  • नियमित रूप से पैरों की देखभाल और जांच करवाते रहें।
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इन चीजों से भी बचें:

  • धूम्रपान न करें।
  • अपने पैरों को पानी में न भिगोएं।
  • सही जूते चुनें और घर के अंदर और बाहर दोनों जगह जूते पहनें।
  • बिना मोजे पहने जूते न पहनें। ऐसा करने से पैरों में रगड़ हो सकती है, जिससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • गर्मियों में नंगे पैर, चप्पल या अन्य खुले जूते पहनने से बचें।

मौजे पहना जरुरी क्यों:

यदि आपको शिराओं की कमजोरी, पैर या पंजे में सूजन, पहले कभी पैर में खून का थक्का जमने की समस्या हुई हो या आप बहुत चलते या खड़े रहते हों, तो अपने डॉक्टर से कम्प्रेशन मोजे या कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स (विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए इलास्टिक मोजे हैं जो पैरों और टखनों पर हल्का दबाव डालते हैं) के बारे में पूछें।

आप ऐसे मोजे चुनने का प्रयास करें जो सफेद या हल्के रंग के होते हैं ताकि किसी भी तरह के रक्तस्राव या रिसाव को आसानी से देखा जा सके। कुछ मोजों में तो स्मार्ट सेंसर भी लगे होते हैं जो तापमान की निगरानी कर सकते हैं और संक्रमण के शुरूआती लक्षणों का पता लगा सकते हैं। -शिप्रा शर्मा

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