Train Journey

Train Journey: रेल यात्रा से पहले रेलवे सुविधाओं को भी जानें

रेल यात्रा को बड़ा सुगम सफर माना जाता है। आप भी भारतीय रेल सेवा का अक्सर प्रयोग करते होंगे। रेल यात्रा करना जहां आरामदायक होता है, वहीं खर्चे के लिहाज से भी यह यात्रा काफी फायदेमंद साबित होती है। रेलवे विभाग यात्रियों को सफर के दौरान बहुत सी सुविधा भी उपलब्ध करवाता है, किंतु बहुत कम लोग इस बारे में जानकारी रखते हैं। रेल यात्रा के दौरान आप ऐसी ढेरों असुविधाएँ देखकर भी अनदेखा कर देते हैं, जो किसी न किसी रूप में आपके अधिकार व नियमों के विपरीत होता है। आमतौर पर लोग इन असुविधाओं की शिकायत करने की भी जहमत नहीं उठाते।

पिछले दिनों एक ऐसा मामला सामने आया जहाँ रेलवे कोच एटेंडेट ने आरएसी टिकट पर दो यात्रियों को एक सीट पर एक कंबल व एक तकिया थमा दिया और कहा कि यही नियम है। यात्री ने इसकी शिकायत दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दर्ज करवा दी। इस मामले में उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया कि रेलवे का यह कदम 23 सितंबर 2009 के रेलवे सर्कुलर का सीधा उल्लंघन है।

इस नियम के तहत प्रत्येक यात्री को साफ और अलग बेडरोल देना अनिवार्य है, लेकिन रेलवे ने दो बिल्कुल अनजान यात्रियों को एक ही कंबल इस्तेमाल करने के लिए थमा दिया। उपभोक्ता आयोग ने इसे ‘सेवा में कमी’ का स्पष्ट मामला मानते हुए रेलवे पर कड़ा रुख अपनाया है और उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।toy train

दरअसल उपभोक्ताओं के लिए विभाग द्वारा हर तरह के नियम, कायदे-कानून तय किए होते हैं, परंतु जानकारी के अभाव में उपभोक्ता संबंधित असुविधा या अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज़ नहीं उठाता। इस अनदेखी का भुगतान आमजन को करना पड़ता है। तो आइए आपको भारतीय रेलवे की टिकटिंग की व्यवस्था से जुड़े कुछ नियमों से रूबरू करवाते हैं:-

आरक्षित टिकटों की व्यवस्था

भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों के लिए श्रेणी अनुसार टिकटों की व्यस्था की जाती है। यात्री 60 दिनों पहले तक अपनी यात्रा की टिकट बुक करवा सकते हैं। इसमें 3 प्रकार की टिकटों की व्यवस्था दी जाती है:-

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आरक्षित टिकट (कन्फर्म टिकट):

यात्री भारतीय रेलवे की अधिकारिक वेबसाईट www.irctc.co.in से अपनी आईडी व पासवर्ड के माध्यम से अपनी यात्रा की आरक्षित टिकट प्राप्त कर सकते हैं या रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट हासिल की जा सकती है। इसके लिए यात्री को कहां से कहां जाना है, तय करके देखना होता है कि रेल में आरक्षित टिकट उपलब्ध है या नहीं। उपलबध्ता होने पर यात्री स्लीपर या एसी कोच में अपनी सीट बुक कर सकते हैं। इसके लिए यात्री को पूरी सीट का पूरा किराया देना होता है।

आरएसी टिकट (रिजर्वेशन अगेंस्ट कंस्लेशन):

ट्रेन में टिकट बुक कराते समय कई यात्रियों को आरएसी टिकट मिलता है। ऐसे में उन्हें पूरी बर्थ नहीं, बल्कि आधी सीट पर सफर करना पड़ता है, लेकिन यात्री को किराया पूरी सीट का ही देना पड़ता है। रेलवे के मुताबिक, आरएसी व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी यात्री का कन्फर्म टिकट रद्द हो जाए या वह यात्रा के लिए न पहुंचे, तो खाली हुई बर्थ आरएसी टिकटधारक यात्रियों को मिल सके। साथ ही अगर यात्रा शुरू होने से पहले या सफर के दौरान किसी कन्फर्म टिकट वाले यात्री की बर्थ खाली हो जाती है, तो आरएसी यात्री को पूरी बर्थ आवंटित कर दी जाती है।

वेटिंग टिकट:

इसका मतलब है कि उस ट्रेन में सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। यदि कोई यात्री अपना टिकट रद्द करवाता है, तो वेटिंग टिकट आगे बढ़ता है। यदि आपने आॅनलाइन (ई-टिकट), यानि किसी ट्रैवल एजेंट से या स्वयं वेबसाईट से वेटिंग टिकट प्राप्त किया और रेल चलने से पहले तैयार सीटिंग चार्ट बनने के बाद भी आपकी टिकट कन्फर्म नहीं होती और वेटिंग में ही रह जाती है, ऐसे में यह टिकट रद्द हो जाती है और 2-3 दिन में आपका पैसा वापिस आपके बैंक खाते में चला जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि वेटिंग ई-टिकट पर आप यात्रा नहीं कर सकते हैं। दूसरी तरफ, यदि आपने रेलवे स्टेशन की टिकट काउंटर से वेटिंग टिकट लिया है, तब आप यात्रा कर सकते हैं, परंतु यात्री को अलग से बैठने या सोने की बर्थ नहीं मिलती। इसके लिए यात्री को टीटीई से सम्पर्क करना होता है।

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तत्काल टिकट:

यदि किसी यात्री को कन्फर्म टिकट ही चाहिए, लेकिन यात्रा से 1 दिन पहले तक भी कन्फर्म टिकट नहीं मिलता, तब समय-सारिणी अनुसार तत्काल टिकट की व्यवस्था होती है। तत्काल टिकट की व्यवस्था यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले बुकिंग की जा सकती है। तत्काल टिकट बुकिंग के नए नियमों के तहत काउंटर टोकन प्रणाली और आॅनलाइन ओटीपी सत्यापन लागू किए गए हैं। एसी टिकट के लिए सुबह 8:30 से 9:00 बजे तक और नॉन-एसी/स्लीपर के लिए 9:00 से 9:30 बजे तक टोकन दिए जाते हैं। बुकिंग का समय एसी क्लास के लिए सुबह 10:00 बजे से व नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे से शुरू होता है।

इसमें कोई दोराय नहीं है कि भारतीय रेल सेवा यात्रियों के लिए अहम् है और हर कोई रेल में सफर करना चाहता है, लेकिन कई बार आपको असुविधा होती होगी, जिसके लिए आप उपभोक्ता आयोग में संबंधित दस्तावेजों सहित शिकायत दर्ज करवा सकते हैं या सोशल मीडिया के माध्यम से भी शिकायत कर सकते हैं। हर तरह से उपभोक्ताओं के लिए अधिकार बने होते हैं, जिनका हर किसी को लाभ उठाना चाहिए।-सच्ची शिक्षा टीम

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