AI: एआई की मदद से बुजुर्ग बनें स्मार्ट
स्मार्टफोन आज के दौर में हर किसी की पहुँच में है। इस एक फोन में पूरा विश्व समाया हुआ है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी) का इस्तेमाल करने के लिए एक स्मार्टफोन काफी है। बहुत से बुजुर्ग मानते हैं कि एआई सिर्फ आज की जेनजी यानि नई युवा पीढ़ी के लिए है, जबकि यह एआई बुजुर्गों के लिए बहुत उपयोगी है।
बहुत से बुजुर्ग कह देते हैं कि हमें यह फोन चलाना नहीं आता लेकिन ज़रा सोचें कि फोन को चलाने की जरूरत ही न पड़े और सिर्फ बोलने मात्र से ही आपका फोन आपके लिए काम करे, तो कैसा रहेगा? जी हां, अगर आप बुजुर्गों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए, भजन, शब्द या सत्संग इत्यादि सुनने के लिए फोन में बोलकर बताने पर भी एआई आपकी मदद करता है। इसमें अच्छी बात यह है कि आपको एआई सीखने के लिए किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है।
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तो आइये जानते हैं कुछ आसान टिप्स:
गूगल असिस्टेंट या जेमिनी:
स्मार्टफोन का होम या पावर बटन कुछ सैकेंड दबाकर या ‘हे गूगल’ बोलकर जेमिनी या गूगल अस्स्टिेंट एंप चालू किया जा सकता है। फिर आप अपनी जरूरत के अनुसार बोलकर इससे काम ले सकते हैं। जैसे कि आपको अपनी दवाई लेने का समय याद नहीं रहता, तो इसमें बोलें, ‘रात 9 बजे दवाई लेने के लिए अलार्म लगा दो।’ आपको अपने देश का नवीनतम समाचार चाहिए, तो बोलें, ‘अपने देश की आज की ताजा खबर बताओ।’ ऐसे ही कुछ भी बोलकर आप अपने लिए मनचाही जानकारी ले सकते हैं।
वाट्सअप का मेटा एआई:
वाट्सअप पर ऊपर या नीचे दिख रहे नीले-बैंगनी गोल चक्र पर टच (अंगुली से दबाकर) करके इसको सक्रिय कर सकते हैं। इसके बाद चैट बॉक्स के माइक बटन को दबाकर बिना टाइप किए सीधे अपनी भाषा में बोलकर कोई भी सवाल पूछ सकते हैं।
चैटजीपीटी:
पहले प्ले स्टोर से इसका एप डाउनलोड कर लें। फिर चैट बॉक्स में बने माइक बटन को दबाकर सीधे बोलकर पुराने किस्से, कहानियां, घरेलू नुस्खे या इतिहास की कोई भी जानकारी अपनी भाषा में सुनी और पढ़ी जा सकती है।
गूगल लेंस:
यह एप लगभग हर एंड्रॉइड फोन में पहले से ही डाउनलोड रहता है। बस एप खोलो, कैमरे के सामने अंगे्रजी में आए कोई भी बिल, सरकारी पत्र या बैंक के नोटिस को एक सैकेंड में हिंदी या अपनी भाषा में ट्रांसलेट कर सकते हैं।
सावधानी बरतें:
एआई आपके लिए जितना मददगार है, उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
- मोबाइल या कम्यूटर पर एआई का प्रयोग करते समय कभी भी अपना बैंक खाता संख्या, पासवर्ड, ओटीपी, आधार नम्बर जैसी जानकारी कभी न बताएं।
- असली एआई कभी भी आपसे ओटीपी या पैसे नहीं मांगता। ऐसा मैसेज मिले तो तुरंत अपने परिवार को बताएं या पुलिस की मदद लें।
- एआई के माध्यम से मेडिकल संबंधी किसी भी जानकारी को पूर्णत: सही न मानें। एआई सामान्य जानकारी तो दे सकता है लेकिन ईलाज के लिए डॉक्टर से ही परामर्श करें।
- एआई का इस्तेमाल सही जानकारी हासिल करने के लिए करें, किसी भी तरह की अपराधिक सूचना या गतिविधि में शामिल होने से पूर्णत: बचकर रहें। -डेस्क

































































