Travel: यात्रा से बदलता है जीने का नज़रिया
आपने अक्सर सुना होगा कि जो लोग तनाव में रहते हैं, उन्हें बाहर कहीं घूमने जाने की सलाह दी जाती है। परिवार संग या अकेले यात्रा करने से एक अलग तरह की खुशी का अनुभव होता है और इसीलिए यात्रा को खुशहाली की सबसे अच्छी दवा माना जाता है। जब आप एक जगह से दूसरी जगह घूमते-फिरते हैं, तो तनाव और चिंता न के बराबर रह जाती है। इसके अलावा जितना अधिक आप यात्रा करते हैं,
उतना ही ज्यादा आपको सीखने को मिलता है। यात्रा करने से आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, लोगों को जानने का अवसर मिलता है, उस जगह की संस्कृति के बारे में पता चलता है और आपके स्वास्थ्य पर भी एक अच्छा असर पड़ता है। किसी भी क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने तथा आपसी समझ बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 1980 से संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को ‘विश्व पर्यटन दिवस’ मनाया जाता है।
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तो आइये जानते हैं पर्यटन से जूड़ी कुछ रोचक जानकारी:
आध्यात्मिक यात्राओं का बढ़ा रूझान
भारत में शुरुआत से ही यात्राओं का अच्छा-खासा चलन रहा है। गर्मी की छुट्टियां हों या सर्दी की, बस प्लान बनता है तो कहीं घूमने जाने का और घूमने जाने के लिए पहाड़ी, प्राकृतिक, ऐतिहासिक स्थलों की ओर हमेशा रूझान रहता है। पूरे परिवार संग यात्रा करना लोगों को खूब भाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह रूझान जेन-जी यानि युवा पीढ़ी में काफी बढ़ चुका है और इसमें एक रोचक बात ये है कि अब भारत के घुमक्कड़ ऐसी यात्रा चाहते हैं,
जिसमें आध्यातमिकता के साथ-साथ संस्कृति, वेलनेस, लोककथाएं, स्थानीय भोजन, त्यौहार और डिजिटल सुविधाएं भी शामिल हों। गत दो-तीन वर्षों में भारत में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की ओर युवाओं का आकर्षण काफी बढ़ गया है। पहले पर्यटक गोवा, शिमला, मनाली, कसौली, कुर्ग, गुवाहटी, मुन्नार, अल्लेपी, दार्जिलिंग इत्यादि स्थलों पर जाकर छुट्टियों का आन्नद लेना चाहते थे, परन्तु अब अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, पूरी और उज्जैन जैसे धार्मिक शहर सबसे तेजी से बढ़ते पर्यटन केन्द्र बन रहे हैं।
पर्यटन मंत्रालय, राज्यों के पर्यटन विभाग के डेटा के अनुसार, जहाँ धार्मिक शहरों की औसत पर्यटक वृद्धि लगभग 34% सालाना है, वहीं प्रमुख समुद्र तटीय शहरों और पहाड़ों की वृद्धि लगभग 15% के आसपास है।
ट्रैवल वीडियोज से बढ़ी लोकप्रियता
5जी के दौर में युवा कोई भी सामान खरीदने से पहले या यात्रा की कोई योजना बनाने से पहले यूट्यूब जैसे कई आॅनलाइन प्लेटफॉर्म से जानकारी जुटा रहे हैं। यहाँ उन्हें डेस्टिनेशन (मंजिल) की तस्वीरें, रास्ते की जानकारी आदि की भरपूर जानकारियाँ मिल जाती हैं।
मेडिकल टूरिज्म में बढ़ोतरी
सस्ता, अधिक सुविधाजनक व विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण भारत में मेडिकल टूरिज्म में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले 16 सालों में विदेशी मरीज 4.5 गुणा अधिक भारत में ईलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें बांग्लादेश, ईराक, उज्बेकिस्तान, सोमालिया, ओमान और केन्या से बड़ी संख्या में मरीज भारत में ईलाज करवाने आए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का मेडिकल टूरिज्म बाजार 2025 में 84 हजार करोड़ रूपए का था, जोकि 2030 तक 1.56 लाख करोड़ रूपए तक बढ़ने का अनुमान है।






























































