शरीर को लचीला बनाने में सहायक उष्ट्रासन
उष्ट्रासन ऊंट की तरह एक मुद्रा में शरीर का एक पोज़ बन जाता है, जिसे इंग्लिश में ‘कैमल पोज’ भी कहते हैं। योग में सर्वांगासन के बाद यदि किसी पोज से अधिक लाभ होता है तो वह है उष्ट्रासन। यह हृदय चक्र को खोलने और शक्ति व लचीलेपन को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। योग में ‘हृदय चक्र’ को ‘अनाहत चक्र’ कहते हैं। उष्ट्रासन करने से रीढ़ को लचीला बनाया जा सकता है, पीठ-कंधों के दर्द से राहत मिल सकती है तथा तनाव कम करने में यह आसन उपयोगी है।
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आसन की विधि:-
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जमीन पर दरी या योगा मैट बिछाकर घुटने के बल खड़े हो जाएं।
- अब सांस खींचते हुए धीरे-धीरे कमर को पीछे की तरफ मोड़ते हुए दोनों एड़ियों को हाथों से पकड़ने की कोशिश करें।
- इस स्थिति में ठोडी ऊपर की तरफ और गर्दन तान कर रखें और दोनों हाथों को भी तानकर सीधा रखें।
- सामान्य रूप से सांस लेते हुए तीस सैकेंड से लेकर एक मिनट तक इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
- अधिक लाभ के लिए इस विधि को तीन बार दोहराएं।
- जो लोग इस विधि से उष्ट्रासन को करने में असमर्थ हैं, वे दूसरी विधि से कमर पर हाथ रखकर भी कर सकते हैं और समय को अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ा सकते हैं। अधिक लचकता और रूचि को बढ़ाने के लिए आप अलग-अलग वैरिऐशन में भी कर सकते हैं, जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।
उष्ट्रासन के लाभ:-
- यह आसन थकान और चिंता को दूर करता है।
- नियमित अभ्यास से कमर व कंधे मजबूत होते हैं और कमर व कंधे के पोश्चर में आई गोलाई को कम करता है।
- पाचन क्षमता को बढ़ाता है व कब्ज से राहत मिलती है।
- उष्ट्रासन से गर्दन की लचकता बढ़ती है, जो थायराइड ग्रंथी को सक्रिय करने में सहायक है।
- पेट में गैस की समस्या को दूर करता है।
- सर्वाइकल को दूर करता है।
- उष्ट्रासन में छाती खुल जाने से अस्थमा के रोगियों के लिए भी लाभदायक है।
- जांघों, बाजुओं और पेट को मजबूत करता है।
- फेफड़ों की क्षमता व आॅक्सीजन के प्रभाव को बढ़ाता है।
- ध्यान और एकाग्रता में सुधार करता है।
सावधानियाँ:-
उष्ट्रासन बेहद फायदेमंद है फिर भी हृदय रोग, माईग्रेन, उच्च व निम्न रक्तचाप, गर्भावस्था, गंभीर पीठ का दर्द, सर्जरी आदि स्थितियों में यह आसन नहीं करना चाहिए।
नोट:- किसी भी योग को करने से पहले विशेषज्ञ से सीखें व डॉक्टर की राय जरूर लें।


































































