Beauty Parlor

Beauty Parlor आंखें खुली रखें ब्यूटी पार्लर में

ब्यूटी पार्लर जाना अब कोई आधुनिकता की पहचान नहीं रही, न ही यह अमीर औरतों के सजने संवारने का स्थान मात्र रह गया है। अब ब्यूटी पार्लर जाना हर वर्ग की महिलाओं और पुरूषों का शौंक हो गया है।

हम छोटे-छोटे कामों के लिए ब्यूटी पार्लर तो भागते हैं पर अधिकतर ब्यूटी पार्लर कुछ कॉमन गलतियाँ करते हैं जिनसे हम सुन्दरता के साथ-साथ जाने-अनजाने में कुछ बीमारियाँ भी ले आते हैं जिनका पता बाद में चलता है।

कहीं आप भी ऐसी कोई बीमारी तो साथ नहीं ला रहे। जरा सावधान रहें! उन गलतियों पर जो अक्सर मिडिल स्टैंडर्ड ब्यूटी पार्लर वाले करते हैं।

मेनिक्योर, पेडिक्योर करते समय प्राय: ब्यूटी पार्लर वाले घटिया से घटिया शैम्पू या लिक्विड सोप का इस्तेमाल करते हैं और नेल्स काटते समय वही नेलकटर सबके लिए प्रयोग करते हैं।

नेल फाइलर और मेनिक्योर के लिए भी कॉमन तौलिए का प्रयोग करते हैं जिसके कारण एक ग्राहक से दूसरे ग्राहक को संक्रमण आसानी से पहुंच सकता है और चर्म रोग भी हो सकता है।

Get a glamorous look with braid hairstylesपुरूषों के पार्लर में कभी-कभी ब्लेड नहीं बदले जाते जिनसे उनमें भी कई संक्रमण पहुंच जाते हैं जो कई बीमारियों का कारण बन जाते हैं।

अधिकतर ब्यूटी पार्लर के मालिक शुरू में अच्छी कंपनी के प्रसाधन खरीदते हैं। फिर उन्हीं शीशियों में लोकल प्रसाधन डालकर वही प्रयोग में लाते हैं जो स्टैण्डर्ड पर खरे नहीं उतरते।

ब्यूटी पार्लरों में जो कंघा, कैंची या कोई औजार प्रयोग होते हैं, वही सब के लिए प्रयोग होते हैं। ध्यान दें क्या आपके ब्यूटी पार्लर वाले इन सब चीज़ों को स्टरलाइज (साफ) करते हैं या नहीं।

Also Read:  Jaggery शीत ऋतु का अमृत है गुड़

नहीं करते तो ऐसे ब्यूटी पार्लर में जाना छोड़ दें या अपने घर से कंघी ले कर जाएं और कैंची को एंटीसेप्टिक लोशन से साफ करवा कर प्रयोग में लाने दें।

बालों की सेटिंग के दौरान या हेड मसाज के दौरान अधिकतर पार्लर में काम करने वाले कर्मचारी पता नहीं कौन सा जैल या तेल सिर पर लगाते हैं। कई बार इनसे छिद्र बंद हो जाते हैं जिनसे उन्हें उचित पोषण न मिलने से बालों की जड़ें कमजोर पड़ जाती हैं।

डैंड्रफ ट्रीटमेंट के समय जब बालों पर भाप देते हैं, कभी कभी यह भाप इतनी गर्म होती है कि आपके बाल कमजोर पड़ जाते हैं और टूटने शुरू हो जाते हैं।

पैराफिन डायमंड एक ऐसा केमिकल है जो बालों को काला करने के काम में आता है पर अधिकतर देशों में इसका प्रयोग प्रतिबंधित है पर हमारे देश में मेंहदी में इसे मिलाकर प्रयोग में लाया जाता है

जो हानिकारक होता है। बालों पर साधारण हाथों पर लगने वाली मेंहदी का प्रयोग करना चाहिए। आप मेंहदी लगवाने से पूर्व उनसे इसकी जानकारी ले लें। शक होने पर घर से आंवले, शिकाकाई, मेंहदी, कॉफी का मिश्रण तैयार कर ले जाएं।

जिस शीशी से क्रीम आदि निकालकर ग्राहकों पर प्रयोग की जाती है वो नोजल वाली होनी चाहिए। कहीं वो बार-बार अपनी उंगलियाँ उसमें डालकर प्रयोग तो नहीं कर रहे। ऐसे में एक का संक्रमण आसानी से दूसरे को ट्रांसफर हो सकता है।

आपके ब्यूटी पार्लर वाले आपके बाल धोते समय जिस शैम्पू का प्रयोग करते हैं उसका मानक 7 से 9 तक तो नहीं है। ध्यान दें 6 मानक तक का शैम्पू अच्छा होता है। उनमें अधिक क्षार होने से बाल झड़ना आरंभ हो जाते हैं।

Also Read:  Milk Sev Bhaji: ढाबा स्टाइल दूध वाली सेव भाजी

ब्यूटी पार्लर के कर्मी क्या एक ग्राहक का काम समाप्त करने के बाद हाथ धोते हैं या नहीं? वैसे सबसे उचित है डिस्पोजेबल ग्लवस का प्रयोग किया जाना।

बालों पर डाई लगाते समय डाई के छींटे अन्य त्वचा पर पड़ जाने पर कहीं वे ब्लीचिंग केमिकल से तो नहीं साफ करते। ऐसा करने से त्वचा खुरदरी और जली-जली लगने लगती है।

अधिकतर महिलाएँ ब्यूटी पार्लर से कई रोग ले आती हैं क्योंकि वे आँख मूंद कर ब्यूटीपार्लर पर विश्वास करती हैं। आप जब भी पार्लर जाएं तो आँख मूंदकर विश्वास न करें, न ही उनकी लच्छेदार बातों में आएं। चैतन्य रहें। -नीतू गुप्ता

पिछला लेखBharwa Karela: भरवां करेला
सच्ची शिक्षा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषाओं में प्रकाशित एक त्रिभाषी मासिक पत्रिका है। इसमें धर्म, फिटनेस, पाक कला, पर्यटन, शिक्षा, फैशन, पालन-पोषण, घर बनाना और सौंदर्य जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। इसका उद्देश्य लोगों को सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से जागृत करना और उन्हें अपनी आत्मा की आंतरिक शक्ति से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।