Eye Care

Eye Care आँखों का तनाव दूर करें

आँखों में दोष होना कई कारणों से होता है जैसे अधिक टी. वी. देखना, अधिक समय तक कम्प्यूटर पर काम करना, आँखों की उचित देखभाल न करना, अधिक दिनों तक नींद पूरी न होना, प्रदूषण भरे वातावरण में अधिक समय तक रहना या कुछ मानसिक तनाव का होना। आप कुछ बातों पर ध्यान देकर अपनी आँखों के तनाव को दूर कर सकते हैं।

जब कभी आपकी आँखें तनावग्रस्त हों तो निम्नलिखित उपायों को अपनाएं।

शीतल जल:-

जब कभी आँखें तनावग्रस्त हों, शीतल जल आँखों को थकान और तनाव से शीघ्र मुक्त करवाता है। आँखों पर आराम से ठंडे जल के छींटे मारें। ध्यान रखें जोर से पानी न फेंकें। 15 से 20 बार ठंडे पानी से आँखों को धोएं। आँखें तनावरहित और तरोताजा हो जाएंगी। आँखों पर पानी डालते समय पानी दो इंच की दूरी से आँखें बंद कर पानी डालें। ध्यान रखें पानी ठंडा, ताजा, और साफ होना चाहिए।

झपकाना:-

computer screen and eye protectionअधिक पढ़ने लिखने वाले लोगों को हर दस मिनट के बाद अपनी आँखें झपकानी चाहिएं। झपकाते समय लिखाई-पढ़ाई का काम न करें। वैसे तो आँखें अपने आप भी झपकती रहती हैं पर काम करते समय स्वयं भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करने से आँखों का तनाव कम होता है। हर दस मिनट पश्चात् दो बार आँखें बिना किसी दबाव के झपकाएं।

हथेली से आँखों को ढकें-

वैसे तो हम रात की नींद पूरी ले लें तो प्रात: उठकर आँखों में न तो थकान रहती है न ही तनाव। दिन में भी कम से कम आधे से एक घंटा आँखों को बंद कर आराम देना चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो कुर्सी पर या सोफे पर आराम से बैठकर आँखों को हथेली से ढक लें और शरीर को ढीला छोड़ दें। आँखों को इस प्रकार हथेलियों से ढकें कि आँखों पर कोई दबाव न पड़े। इससे आँखों को पूरा आराम मिलता है। यह एक उत्तम अभ्यास है। यह अभ्यास 15 से 20 मिनट तक करें। आँखें बंद तब तक रखें जब तक काला रंग न दिखाई दे। इससे मस्तिष्क को भी आराम मिलता है।

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सूर्य प्रकाश:-

सूर्य की तेज रोशनी सीधी पड़ने से आँखों को नुकसान होता है। थोड़ी रोशनी आँखों के सुधार के लिए अच्छी होती है। आँखों को बंद करके सूर्य की तरफ चेहरा करके सिर को एक साइड से दूसरी तरफ घुमाएं। ऐसा करने से सूर्य की रोशनी आँखों के सभी हिस्सों को मिलेगी। इस क्रिया को दिन में 5 से 10 मिनट तक करें। ध्यान रखें प्रात: के समय जब सूर्य पूरा उदय होता है, तब करें। दोपहर में तेज धूप में इस क्रिया को न करें।

इधर उधर झूमना:-

सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच 12 इंच की दूरी रखते हुए हाथों को ढीला छोड़ दीजिए, फिर शरीर को भी ढीला छोड़ दें। बाद में धीरे-धीरे शरीर को दाएं-बाएं घुमाएं। ऐसे घुमाएं जैसे घड़ी का पेंडुलम घूमता है। इस प्रकार शरीर को दाएं-बाएं 5 से 10 मिनट तक घुमाते रहें। ऐसा करने से नाड़ी प्रणाली को आराम मिलता है। शरीर को घुमाते समय आँखें बंद करें और खोलें। इससे शरीर के साथ-साथ आँखों का भी व्यायाम होता है तथा आँखें तनावरहित रहती हैं।
-नीतू गुप्ता

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सच्ची शिक्षा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषाओं में प्रकाशित एक त्रिभाषी मासिक पत्रिका है। इसमें धर्म, फिटनेस, पाक कला, पर्यटन, शिक्षा, फैशन, पालन-पोषण, घर बनाना और सौंदर्य जैसे विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। इसका उद्देश्य लोगों को सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से जागृत करना और उन्हें अपनी आत्मा की आंतरिक शक्ति से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।

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