Diet

डाइट सही तो सेहत सही Right diet, right health

अच्छी सेहत के लिए ठीक आहार का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है क्योंकि जो भी हम ,खाते हैं उसका सीधा प्रभाव हमारे पर ही पड़ता है। पौष्टिक आहार में शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट्स, विटामिन, मिनरल आदि की आवश्यकता होती है जो हमारे शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सबसे पौष्टिक आहार नाश्ते में, दोपहर में थोड़ा हल्का और रात्रि में बिल्कुल सादा और हल्का लेना चाहिए। तभी पेट की ताल ठीक बनी रहती है।

  • नाश्ते में एक चम्मच शहद लें। ध्यान दें जो लोग मधुमेह रोगी हैं वो न लें। फिर छोटी कटोरी अंकुरित अनाज के साथ छोटी सी टुकड़ी गुड़ की लें या फिर सूखे मेवे जैसे एक अखरोट, 7-8 दाने बादाम, 4-5 किशमिश, अंजीर, मूंगफली के कुछ दाने लें या भिगोकर लें।
  • उसके बाद नाश्ते में दलिया, ओट्स, स्टफ्ड चपाती, बे्रड आदि लें ताकि दिनभर शरीर और दिमाग को ऊर्जा मिलती रहे।
  • दोपहर के खाने में चावल या रोटी, दाल की एक कटोरी, मौसमी हरी सब्जी, दही, सलाद आदि का सेवन करें।
  • रात्रि का खाना 7-30 से 8 बजे तक कर लें ताकि सोने तक खाना पचना शुरू हो जाए। अगर रात्रि में सोने से पहले भूख लगे तो 1 कप गर्म दूध ले लें।Career Dietitian 1
  • सही आहार के साथ ध्यान दें खाना निश्चित समय पर खाएं, चबा-चबाकर खाएं, बातें न करें, मोबाइल का प्रयोग न करें, टीवी न देखें खाने पर पूरा फोकस करें।
  • प्रात: जागने के दो घंटे के अंतराल में नाश्ता कर लेना सेहत के लिए बेहतर होता है।
  • खाने में मौसमी फल-सब्जियों का सेवन करें। फलों का सेवन न करने से हार्ट, किडनी, लिवर आदि की समस्या बढ़ सकती है। ताजा गर्म खाना खाएं।
  • नियमित रूप से कुछ मसालों का सेवन भी करें। काली मिर्च, जीरा, लौंग, दालचीनी और अजवायन की सीमित मात्रा लें।
  • कोल्ड स्टोरेज वाले फल और सब्जियों का सेवन शरीर को लाभ नहीं पहुंचाते।
  • ड्राई फ्रूट्स का सेवन शरीर को बेहतर पोषण देता है इसलिए इनका सेवन नियमित करें। ध्यान दें विशेषकर मिक्सड ड्राई फ्रूट्स खाने के बाद 1 घंटे बाद तक कुछ न खाएं।
  • पेड़-पौधों से हासिल तेल सेहत के लिए अच्छे होते हैं इसलिए सरसों, सूरजमुखी, तिल, नारियल और मूंगफली के तेल का प्रयोग करें। रिफांइड तेल के सेवन से बचें। दो बार से ज्यादा तलने में प्रयोग किए गए तेल का उपयोग न करें। उसे फेंक देने में भलाई है नहीं तो हृदय रोग, एसिडिटी की समस्या बढ़ेगी।
  • साबुत दालों का सेवन सेहत के लिए उत्तम होता है। नियमित रूप से दालों का सेवन करें। दालों में मौजूद पोषण तत्वों को हमारा शरीर आसानी से एब्जर्व कर लेता है। दालों में प्रोटीन की मात्रा काफी होती है। अंकुरित दालें ज्यादा पौष्टिक होती हैं।
  • सेहत के लिए ब्राउन राइस, बिना पालिश का राइस और सेला चावल अच्छा होता है। इन चावलों में प्राकृतिक रूप से रेशा, विटामिन बी और कई खनिज होते हैं। पालिशड राइस में विटामिन बी, फाइबर और कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
  • चोकर सहित आटे से बनी रोटी सेहत के लिए बेहतर होती है। मैदे और उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत को नुकसान पहुँचाता है।
  • अगर मोटे अनाजों को भी गेहूँ में मिलवाकर पिसवाया जाए तो पौष्टिकता और बढ़ जाती है, जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, जौ और रागी आदि।
  • आहार के साथ-साथ पानी का सेवन कितना करना चाहिए यह जानना भी जरूरी है। 2 से 3 लीटर पानी नियमित रूप से पीना चाहिए जो सेहत के लिए जरूरी है।
  • पानी को धीरे-धीरे इत्मीनान से पीना चाहिए, न कि उसे गटकना चाहिए।
  • खड़े होकर पानी पीने के बजाए, पानी बैठकर पीना अधिक बेहतर होता है।
  • खाने के तुरंत बाद पानी पीना हमारी पाचन प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है। खाने के 30 से 45 मिनट के अंतराल में पानी पीना चाहिए।
  • पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और पानी के माध्यम से हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।
  • मानसिक तनाव महसूस होने पर पानी के दो-चार घूंट भी सुकून का अहसास करवाते हैं।
  • रात्रि में सोने से पहले थोड़ा पानी पीना जरूरी है, इससे दिल की समस्या और दिमाग स्ट्रोक की समस्या की आशंका कम हो जाती है। इसलिए पानी भी अच्छी सेहत के लिए जरूरी है बशर्ते उसे सही तरीके से पीया जाए।
    -नीतू गुप्ता
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